Asha Bhosle-ओपी नय्यर की दर्दनाक मोहब्बत, 4 बच्चों के पिता के प्यार में पागल थीं गायिका, फिर टूटा दिल

Asha Bhosle OP Nayyar: संगीत की दुनिया में कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जिन्हें शब्दों में बांधना मुश्किल होता है। ऐसा ही एक अनोखा और चर्चित रिश्ता रहा आशा भोसले और ओ.पी. नय्यर के बीच। ये सिर्फ एक सिंगर और म्यूजिक डायरेक्टर की जोड़ी नहीं थी बल्कि सुरों में बसी एक ऐसी कहानी थी, जिसमें प्यार, जुनून और अंत में गहरा दर्द छिपा था।

ओ.पी.नय्यर ने आशा भोसले की आवाज को बनाया था पहचान
एक दौर ऐसा था जब हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में लता मंगेशकर (Lata Mangeskar) और गीता दत्त (Geeta Dutt) का दबदबा था लेकिन ओ.पी. नय्यर ने अपनी राह अलग चुनी। उन्होंने खुलकर कहा कि लता मंगेशकर की आवाज उनके संगीत के अनुकूल नहीं है और उन्होंने उनके साथ कभी काम नहीं किया।

Asha Bhosle OP Nayyar

आशा भोसले और ओ.पी.नय्यर का 'अनाम रिश्ता'

-इसके उलट ओ.पी. नय्यर गायिका आशा भोसले की आवाज की मस्ती और लचक के दीवाने थे। उन्होंने आशा भोसले को ऐसे-ऐसे गाने दिए जिन्होंने उन्हें एक नई पहचान दिलाई। 'कजरा मोहब्बत वाला', 'ये रेशमी जुल्फों का अंधेरा' और 'आइए मेहरबान' जैसे गानों ने इस जोड़ी को अमर बना दिया था।

-1958 से 1972 के बीच आशा भोसले और ओ.पी.नय्यर ने साथ मिलकर कई सुपरहिट गाने दिए। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां भी बढ़ीं। उस समय जहां ओ.पी. नय्यर शादीशुदा थे और चार बच्चों के पिता थे, वहीं आशा भोसले भी अपनी निजी जिंदगी के उतार-चढ़ाव से गुजर रही थीं।

शादीशुदा ओ.पी. नय्यर के प्यार में पागल थीं आशा भोसले

-कहीं ने कहीं आशा भोसले की ये प्रोफेशनल लाइफ उनके अपने दुख को उबारने में, उससे बाहर निकालने में उनकी मदद कर रही थी। कहते हैं कि एक तरफ आशा भोसले जब अपनी शादीशुदा लाइफ से बाहर निकल रही थीं तब उनका ओ.पी. नय्यर के साथ प्रेम संबंध आगे बढ़ता रहा।

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-बताया जाता है कि एक शादीशुदा शख्स होते हुए भी ओ.पी. नय्यर एक तलाकशुदा महिला यानी आशा भोसले के साथ मुंबई में घूमा करते थे और यकीनन ये बातें उस दौर के लिए काफी बड़ी हुआ करती थीं।

-कहा जाता है कि यही वह दौर था जब आशा भोसले और ओ.पी.नय्यर का रिश्ता सिर्फ पेशेवर नहीं रहा बल्कि निजी जीवन में भी गहराई तक उतर गया था। उस समय समाज के लिहाज से ये रिश्ता काफी चर्चाओं और विवादों में रहा था।

1972 में खत्म हो गया था प्यार का ये रिश्ता

-आखिरकार साल 1972 में आशा भोसले और ओ.पी. नय्यर का रिश्ता टूट गया था। आशा भोसले ने खुद इस संबंध को खत्म करने का फैसला लिया था। बताया जाता है कि अलग होने से पहले उन्होंने एक आखिरी गाना रिकॉर्ड किया था- 'चैन से हमको कभी आपने जीने ना दिया'।

-ये गाना दोनों के रिश्ते की भावनाओं को जैसे शब्दों में पिरो रहा था। हालांकि ये गाना फिल्म प्राण जाए पर वचन ना जाए में इस्तेमाल होना था लेकिन बाद में इसे फिल्म में शामिल नहीं किया गया था।

ओ.पी. नय्यर ने सड़क पर फेंक दिया था अवॉर्ड

-इस गाने के लिए आशा भोसले को साल 1974 में फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था लेकिन दिलचस्प बात यह रही कि उन्होंने ये अवॉर्ड लेने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। जब समारोह में वह मौजूद नहीं थीं तो ओ.पी. नय्यर ने उनकी ओर से ये ट्रॉफी ली थी।

-मीडिया रिपोर्ट्स और किताबों में दर्ज एक किस्से के मुताबिक अवॉर्ड लेने के बाद जब ओ.पी. नय्यर कार से लौट रहे थे तो उन्होंने गुस्से में वह ट्रॉफी कार की खिड़की से बाहर फेंक दी थी। कहा जाता है कि उस वक्त उन्होंने दर्द भरे लहजे में कहा था कि जैसे ये ट्रॉफी टूटी है, वैसे ही उनका दिल भी टूटा है।

सफलता के बीच बढ़ती दूरी

-आशा भोसले और ओ.पी. नय्यर की जोड़ी ने करीब 15 साल तक संगीत की दुनिया पर राज किया था लेकिन इसी दौरान ओ. पी. नय्यर पर पक्षपात के आरोप भी लगे थे। कहा जाता है कि वह कई ऐसे गाने भी आशा भोसले को देने लगे थे जो अन्य गायिकाओं के लिए उपयुक्त माने जाते थे।

-फिल्म इंडस्ट्री में ओ.पी. नय्यर को लाने का श्रेय गुरुदत्त की पत्नी गीता दत्त को दिया जाता है। उनकी सिफारिश पर ही ओ.पी. नय्यर को आर-पार, सीआईडी और मिस्टर एंड मिसेज 55 जैसी फिल्मों में मौका मिला था जिससे उनका करियर ऊंचाइयों पर पहुंचा था।

गुमनामी में बीता ओ.पी. नय्यर का आखिरी समय

-आशा भोसले से रिश्ता खत्म करने के बाद ओ.पी. नय्यर की जिंदगी में कई बदलाव आए। कहा जाता है कि उनके निजी रिश्तों में भी दरारें आ गई थीं और परिवार ने उनसे दूरी बना ली थी।

-जानकारी के अनुसार जीवन के अंतिम वर्षों में ओ.पी. नय्यर ने अपनी संपत्ति, घर और सुविधाएं तक छोड़ दी थीं और एक साधारण जीवन जीने लगे थे। कभी संगीत की दुनिया पर राज करने वाले ओ.पी. नय्यर धीरे-धीरे गुमनामी में खो गए थे। आपको बता दें कि 28 जनवरी 2007 को 81 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गयाथा।

-ये कहानी सिर्फ दो कलाकारों की नहीं बल्कि उस दौर की है जब संगीत, प्यार और दर्द एक-दूसरे में घुलकर इतिहास रचते थे। आज जब दोनों इस दुनिया में नहीं हैं, तो उनके गाने ही उनके रिश्ते की सबसे बड़ी गवाही बनकर हमारे बीच जिंदा हैं।

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