'मुझे बार-बार नौकरानी के रोल ऑफर किए गए', झलका एक्ट्रेस का दर्द
'मुझे एक के बाद एक नौकरानी के रोल ऑफर हुए, इसने मेरा दिल तोड़ा'
मुंबई, 23 दिसंबर: किस्सा और सर जैसी फिल्मों में काम कर चुकीं अभिनेत्री तिलोत्तमा शोम का कहना है कि फिल्मों में सुंदरता को लेकर जिस तरह से मानक हैं, वो काफी अजीब हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया है कि हॉलीवुड फिल्म निर्देशक ने उनके रंग को काला दिखाने की कोशिश की थी। उसका कहना था कि वो गरीब होने के लिए वो बहुत सुंदर दिखती हैं। ऐसे में जरूरी है कि उनका रंग काला लगे। उन्होंने खुद को बार-बार नौकरानी के रोल मिलने पर भी नाराजगी जताई।

मुझे बार-बार नौकरानी का रोल दिया गया
एक मैगजीन से बातचीत में तिलोत्तमा ने कहा कि मीरा नायर के साथ अपनी पहली फिल्म मानसून वेडिंग में उन्होंने एक मेड की भूमिका निभाई थी। इस रोल के बाद उनको लगातार नौकरानी की भूमिकाएं ऑफर हुईं, जिससे उनको काफी बुरा लगा। उन्होंने कहा कि सुंदर दिखने को मानक फिल्म और समाज में हैं, वो परेशान करने वाले हैं। एक हॉलीवुड फिल्म में निर्देशक ने मेरी स्किन इसलिए काला दिखाने की कोशिश की। जिससे मैं गरीब लगूं।

कभी गोरा दिखने की कोशिश नहीं की
शोमा ने कहा, मैं आभारी हूं कि 'फेयर एंड लवली' (गोरा होने) का जुनून हमारे घर में कभी नहीं आया। मेरे माता-पिता इस मामले में वास्तव में प्रगतिशील थे। सुंदरता के मानकों पर उन्होंने कहा, मेरी पोस्ट पर जब कोई 'मेरी नौकरानी तुमसे अधिक सुंदर है' जैसे कमेंट करता है तो पता चलता है कि सुंदरता एक औपनिवेशिक विचार है, जिसमें लोगों का गोरा होना जरूरी है। वास्तव में, सुंदरता एक मनोदशा होती है।
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एक्टिंग के लिए तारीफें पा चुकी हैं शोमा
तिलोत्तमा ने शंघाई, किस्सा: द टेल ऑफ़ ए लोनली घोस्ट और ए डेथ इन द गंज जैसी फिल्मों के लिए खूब तारीफें पाईं है। कई अवार्ड भी उनको अपनी एक्टिंग के लिए मिल चुके हैं। कोलकाता में जन्मी तिलोत्मा सो पढ़ाई के समय से ही थियेटर से जुड़ी हैं। तिलोत्मा ने अपने करियर की शुरुआत निर्देशक मीरा नायर की फिल्म मानसून वेडिंग से की थी। इसके बाद वह शैडोज ऑफ टाइम में नजर आई। हिंदी में उनको पहचान फिल्म किस्सा से अलग पहचान मिली।












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