कंगना रनौत की 'इमरजेंसी' को सर्टिफिकेट देने को राजी हुई सेंसर बोर्ड! रखी ये शर्त, जानिए कोर्ट से क्या कहा
Emergency Movie: अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' लंबे समय से विवादों में घिरी हुई है। कई बार फिल्म की रिलीज टल चुकी है। अब मूवी को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने बॉम्बे हाईकोर्ट को सूचित किया है कि अगर फिल्म में कुछ खास 'कट' लगाए गए तो वह फिल्म 'इमरजेंसी' को सर्टिफिकेट दे देगा।
भाजपा सांसद कंगना रनौत अभिनीत यह फिल्म पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा 1975 में घोषित आपातकाल पर आधारित है। इस फिल्म में रनौत ने इंदिरा गांधी की भूमिका निभाई है। फिल्म शुरू होने के साथ ही विवादों में घिर गई और इस वजह से फिल्म की रिलीज डेट भी कई बार आगे बढ़ चुकी है।
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फिल्म की रिलीज में देरी
मूल रूप से 6 सितंबर को रिलीज के लिए निर्धारित इस फिल्म की रिलीज को, सेंसर बोर्ड के साथ प्रमाण पात्र को लेकर हुए विवाद के कारण स्थगित कर दिया गया था। 'इमरजेंसी' का निर्देशन और सह-निर्माण करने वाली कंगना रनौत ने CBFC पर रिलीज को रोकने के लिए जानबूझकर सर्टिफिकेशन में देरी करने का आरोप लगाया। अदालत ने पहले सीबीएफसी की आलोचना की थी कि उसने फिल्म के प्रमाणपत्र के बारे में समय पर निर्णय नहीं लिया।
'इमरजेंसी' से जुड़े विवाद
शिरोमणि अकाली दल समेत कई सिख संगठनों ने 'इमरजेंसी' के खिलाफ आपत्ति जताई है। उनका दावा है कि फिल्म उनके समुदाय को गलत तरीके से पेश करती है और ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करती है। इन आपत्तियों के कारण फिल्म निर्माताओं के सामने सीबीएफसी से प्रमाण पत्र प्राप्त करने में आने वाली चुनौतियां और बढ़ गई हैं।
न्यायालय की भागीदारी
'इमरजेंसी' के सह-निर्माता जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज ने सीबीएफसी को प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश देने की मांग करते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। गुरुवार को जब पीठ ने पूछा कि क्या कोई प्रगति हुई है, तो सीबीएफसी के वकील अभिनव चंद्रचूड़ ने कहा कि उनकी संशोधन समिति एक निर्णय पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा, "समिति ने प्रमाण पत्र जारी करने और फिल्म को रिलीज करने से पहले कुछ कटौती का सुझाव दिया है।"
'इमरजेंसी' को लेकर सियासी सरगर्मी
पिछले हफ्ते जी एंटरटेनमेंट ने हरियाणा में होने वाले चुनावों का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि सर्टिफिकेट रोकने के पीछे राजनीतिक उद्देश्य हैं। पीठ ने सवाल किया कि रनौत के खिलाफ कार्रवाई क्यों की जाएगी, जबकि वह एक सांसद के तौर पर भाजपा से जुड़ी हुई हैं।
जी एंटरटेनमेंट का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ वकील शरण जगतियानी ने इस बात पर विचार करने के लिए समय मांगा कि क्या वे इन सुझाए गए कटों का अनुपालन कर सकते हैं। अदालत ने इन मामलों पर विचार करने तथा 'आपातकाल' के संबंध में आगामी कदमों पर निर्णय लेने के लिए 30 सितंबर को आगे की सुनवाई निर्धारित की है।
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