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19 Minute Viral MMS से हो जाएं सावधान! लिंक पर क्लिक करते ही होगा ऐसा 'कांड', जानें पूरा सच

19 Minute Viral MMS Scam: डिजिटल दुनिया में साइबर अपराध लगातार नया रूप ले रहे हैं। जहां लोग इंटरनेट को सुरक्षित बनाने के लिए हर तरह की सावधानी बरत रहे हैं, वहीं साइबर ठग अब एक नए हथकंडे के साथ लोगों को जाल में फंसा रहे हैं।

घातक मैलवेयर ने लोगों को किया परेशान
वायरल वीडियो के नाम पर घातक मैलवेयर भेजकर लोगों को परेशान किया जा रहा है। साइबर विशेषज्ञ साफ चेतावनी दे रहे हैं कि ऐसे किसी भी वायरल वीडियो लिंक पर क्लिक करने से पहले दस बार सोचें क्योंकि एक गलत क्लिक आपका पूरा सिस्टम हैक कर सकता है।

19 Minute Viral MMS

इंटरनेट पर '19 मिनट'के वीडियो ने मचाई तबाही

-पिछले दिनों इंटरनेट पर '19 मिनट' नाम का एक वीडियो ऐसा ट्रेंड हुआ कि उसने हर प्लेटफॉर्म पर चर्चा की दिशा ही बदल दी। पहले किसी शख्स ने एक कथित प्राइवेट क्लिप को ऑनलाइन डाल दिया और फिर एक पूरा वर्ग, जो दूसरों की निजी जिंदगी में ताक-झांक करने की आदत से पीछा नहीं छुड़ा पाता, उसे खोजने में लग गया।

-देखते ही देखते उस प्राइवेट वीडियो का नाम हर जगह ट्रेंड करने लगा। ये न सिर्फ नैतिक रूप से गलत था बल्कि एक बेहद खतरनाक साइबर ट्रेंड में बदल गया। लगातार बढ़ते शोर और वायरल शेयरिंग के बीच आखिरकार एक पुलिस अधिकारी ने सामने आकर इस विवादित वीडियो की सच्चाई बताई है। उन्होंने साफ कहा है कि इंटरनेट पर फैल रहा 19 मिनट वीडियो असली नहीं बल्कि AI जनरेटेड है।

एक क्लिक और फोन हो सकता है हैक

-मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साइबर अपराधियों ने लोगों को फंसाने के लिए इसी फर्जी 19 मिनट का वायरल वीडियो लिंक तैयार किया है। ये लिंक जितना आकर्षक लगता है, उतना ही खतरनाक है।

-इस लिंक पर क्लिक करते ही आपके डिवाइस में बैंकिंग ट्रोजन (Banking Trojan) इंस्टॉल हो जाता है। ये वायरस बिना किसी शोर-शराबे के आपके बैंकिंग लॉगिन, पासवर्ड, ओटीपी और अन्य गोपनीय डेटा चुपचाप चुरा लेता है। इसके बाद अपराधी आपकी जानकारी के बिना ही आपके बैंक अकाउंट को मिनटों में खाली कर सकते हैं।

व्हाट्सऐप-टेलीग्राम पर भेजे जा रहे हैं प्राइवेट MMS के फर्जी लिंक

-ठग इन मैलवेयर लिंक को व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और अन्य प्राइवेट मैसेजिंग ऐप्स के जरिए भेजते हैं। लोगों की जिज्ञासा का फायदा उठाकर वह इन लिंक को इस तरह पेश करते हैं जैसे कोई लीक हुआ प्राइवेट वीडियो हो या कोई ट्रेंडिंग वायरल कंटेंट।

-जैसे ही कोई यूजर लिंक पर क्लिक करता है, उनके फोन को दी जाने वाली Permissions बदल जाती हैं और स्मार्टफोन पर साइबर अपराधियों का पूरा नियंत्रण हो जाता है।

लिंक क्लिक करते ही क्या-क्या होता है?

-साइबर विशेषज्ञों के अनुसार ये अपराधी अब इलेक्ट्रॉनिक फिशिंग तकनीक में बेहद माहिर हो चुके हैं। लिंक पर क्लिक करते ही स्क्रीन अचानक ब्लैंक हो सकती है, एक नकली लॉगिन पेज खुल सकता है, बैकग्राउंड में बैंकिंग ट्रोजन इंस्टॉल हो सकता है और इंफोस्टीलर (Infostealer) सभी निजी जानकारी निकाल सकता है

-यूजर सोचता रहता है कि वीडियो लोड क्यों नहीं हो रहा लेकिन तब तक सिस्टम का पूरा डेटा चोरों के हाथों में जा चुका होता है। ऐसा किसी भी फर्जी लिंक के साथ हो सकता है।

एक गलती और खाली हो जाएगा आपका अकाउंट

कई मामलों में देखा गया है कि जब यूजर नकली स्क्रीन पर अपना पासवर्ड या ओटीपी दर्ज करते हैं तो साइबर अपराधी उसी समय उनके बैंक अकाउंट्स में घुसपैठ कर लेते हैं। इसके बाद बैंक बैलेंस, ई-वॉलेट, डिजिटल पेमेंट ऐप्स, सबका नियंत्रण अपराधियों के पास चला जाता है। आपको पता भी नहीं चलता और आपके फोन की सभी सुरक्षा व्यवस्था ढह जाती है।

कैसे बचें इस नए मैलवेयर हमले से?

-किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें
-वायरल वीडियो या सनसनीखेज कंटेंट पर भरोसा न करें
-फोन पर अचानक आए किसी 19 मिनट वीडियो लिंक को तुरंत डिलीट कर दें
-अपने बैंकिंग ऐप्स को मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन से सुरक्षित करें
-फोन में एंटीवायरस ऐप इंस्टॉल रखें
-एक क्लिक आपकी पूरी डिजिटल दुनिया को खतरे में डाल सकता है इसलिए सतर्क रहना ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।

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