दो NSG कमांडो और VIP ठाठ-बाट! कौन है Aryan Verma जो सेना का अफसर बनकर घूम रहा था? ऐसे खुली पोल
Aryan Verma Fake Brigadier Arrested: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर कैंट इलाके से जालसाजी और 'सपनों के भंवर' में उलझी एक बेहद हैरान करने वाली कहानी सामने आई है। भारतीय सेना के खुफिया विंग (Army Intelligence) और स्थानीय सैन्य कर्मियों ने एक बेहद फिल्मी और चालाकी से भरे 'स्टिंग ऑपरेशन' को अंजाम देकर एक 21 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को सेना का 'ब्रगेडियर' (Brigadier) बताकर महीनों से रौब झाड़ रहा था।
पकड़े गए आरोपी की पहचान आर्यन वर्मा के रूप में हुई है। आरोपी के पास से सेना की वर्दी, स्टार्स, मिलिट्री फ्लैग, एक नकली (एयर) पिस्तौल, एक रेजिमेंटल केन (छड़ी) और कई फर्जी सरकारी पहचान पत्र बरामद किए गए हैं।

Who is Aryan Verma: कौन है आरोपी आर्यन वर्मा?
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार युवक की पहचान आर्यन वर्मा (21 वर्ष) के रूप में हुई है। जांच में पता चला है कि वह दिल्ली में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रहा था। बताया जा रहा है कि वह कई बार परीक्षा में असफल रहा था। आर्यन के पिता बागवानी विभाग में अधिकारी हैं, जबकि उसकी मां एक स्कूल में शिक्षिका हैं। हालांकि, सेना के अधिकारी अभी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसने फर्जी सैन्य अधिकारी बनने का रास्ता क्यों चुना।
सेना ने कैसे बिछाया जाल? 'भाषण देने का मिला था न्योता'
सेना के अधिकारियों को अप्रैल महीने से ही इनपुट्स मिल रहे थे कि शाहजहांपुर और उसके आसपास के जिलों में एक बेहद कम उम्र का युवक ब्रिगेडियर की सेरेमोनियल वर्दी पहनकर घूम रहा है। सेना की खुफिया टीम लगातार उसकी लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन वह हाथ नहीं आ रहा था। सेना के जवान सिविलियंस बने और उन्होंने आर्यन वर्मा से संपर्क किया।
आर्यन को शाहजहांपुर कैंट स्थित शहीद म्यूजियम में एक नकली कार्यक्रम का मुख्य अतिथि बनने का आमंत्रण दिया गया। उसे कहा गया कि वह सेना भर्ती (Agniveer/NDA) की तैयारी कर रहे युवाओं को प्रेरित करने के लिए आए। शुक्रवार. 12 जून को सुबह आर्यन वर्मा बिल्कुल किसी असली सीनियर ऑफिसर की तरह अपनी हैरियर एसयूवी (SUV) गाड़ी पर सेना के स्टार और फ्लैग लगाकर शहीद संग्रहालय पहुंचा। वह जैसे ही मंच की तरफ बढ़ा, पहले से घात लगाकर बैठे सैन्य कर्मियों ने उसे दबोच लिया।
NSG कमांडो' के रूप में रखे थे दो बाउंसर, ड्राइवर के पास भी फर्जी ID
आर्यन वर्मा की जालसाजी का जाल बेहद गहरा था। जांचकर्ताओं को उसकी गिरफ्तारी के बाद जो जानकारियां मिलीं, उसने सबको चौंका दिया। वह जहां भी जाता था, दो तगड़े बाउंसरों के साथ चलता था। लोगों के सामने वह दावा करता था कि वह सेना का बेहद हाई-प्रोफाइल अधिकारी है, इसलिए सरकार ने उसे NSG के ब्लैक कैट कमांडो की सुरक्षा दी है।
सैन्य कर्मियों ने जब उसकी गाड़ी के ड्राइवर को पकड़ा, तो उसके पास से भी एक फर्जी सरकारी आईडी बरामद हुआ। तलाशी के दौरान आर्यन के पास से एक पहचान पत्र मिला, जिस पर पुणे के मशहूर 'आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज' (AFMC) के डीन की फर्जी मुहर और हस्ताक्षर थे।
NEET में फेल होने के बाद बुना 'ब्रिगेडियर' बनने का फर्जी ताना-बाना
सैन्य खुफिया सूत्रों और पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में पता चला आर्यन मूल रूप से शाहजहांपुर के रोजा इलाके की दुर्गा एन्क्लेव कॉलोनी का रहने वाला है। आर्यन के पिता उद्यान विभाग में एक अधिकारी हैं, जबकि उसकी मां एक स्कूल शिक्षिका हैं। यानी वह एक अच्छे और पढ़े-लिखे परिवार से ताल्लुक रखता है।
अधिकारियों के मुताबिक, आर्यन दिल्ली में रहकर डॉक्टर बनने के लिए NEET की तैयारी कर रहा था। परीक्षा में लगातार कई बार फेल हुआ। इसके बाद, उसने अपने परिवार और समाज के सामने अपनी नाकामी छिपाने के लिए जनवरी 2026 में यह झूठ फैला दिया कि उसका चयन सीधे सेना में उच्च पद पर हो गया है।
उसने बकायदा कार किराए पर ली, उस पर स्टार लगाए और खुद को ब्रिगेडियर दिखाने का ढोंग रचने लगा। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह सिर्फ दिखावे का मामला था या इसके पीछे कोई बड़ा उद्देश्य और नेटवर्क भी सक्रिय था।














Click it and Unblock the Notifications