Fact Check: PM मोदी और दिल्ली CM रेखा गुप्ता की यह तस्वीर असली है? वायरल फोटो की पड़ताल में सामने आई सच्चाई
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को गले मिलते हुए दिखाया गया है। फेसबुक यूजर वंदना चतुर्वेदी ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए राजनीतिक टिप्पणी की। इसके बाद यह फोटो कई प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गई और इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। फेसबुक और एक्स पर इस फोटो को कई यूजर शेयर कर चुके हैं।

क्या है पूरा मामला?
हाल ही में फेसबुक पर 'वंदना चतुर्वेदी' नाम की एक यूजर ने इस तस्वीर को अपने अकाउंट से पोस्ट किया। पोस्ट के साथ उन्होंने एक विवादास्पद कैप्शन लिखा, जिसमें उन्होंने दूसरों के चरित्र पर सवाल उठाए। जैसे ही यह तस्वीर वायरल हुई, एक्स (X) और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों ने इसे किसी की निजता का हनन और मर्यादा को लांघने वाला कृत्य बताया। कई यूजर्स ने तुरंत इस तस्वीर पर सवाल उठाए और इसे AI तकनीक का गलत इस्तेमाल करार दिया।
वनइंडिया के फैक्ट चेक में पाया गया है कि यह तस्वीर पूरी तरह से फर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा जनरेट किया गया है। इसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि इस तस्वीर को शेयर करने वालीं 'वंदना चतुर्वेदी' अखिलेश यादव की पार्टी समाजवादी पार्टी से जुड़ी हुई हैं। कई पोस्ट में ये दावा किया गया कि वंदना पहले भी कई नेताओं की इस तरह की तस्वीर वायरल कर चुकी हैं। असल में दावा किया जा रहा है कि अखिलेश यादव की बड़ी बेटी अदिति यादव की वायरल तस्वीर के बाद वंदना ने ये फोटो शेयर की है।

फैक्ट चेक: कैसे पता चला तस्वीर फर्जी है?
हमारी जांच में यह साफ हुआ है कि यह तस्वीर एक 'डीपफेक' या AI द्वारा बनाई गई इमेज है। जब हमने गूगल रिवर्स इमेज और ओपन-सोर्स वेरिफिकेशन तकनीकों का सहारा लिया, तो ऐसी किसी भी घटना या आधिकारिक बैठक का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला जहां प्रधानमंत्री मोदी और रेखा गुप्ता को इस तरह की स्थिति में देखा गया हो।
तस्वीर को बारीकी से देखने पर एआई जनरेटेड छवियों की सामान्य खामियां साफ नजर आती हैं-जैसे चेहरे की बनावट में अजीब सा खिंचाव, प्रकाश का असंतुलन, और त्वचा की बनावट में अस्वाभाविकता। इंटरनेट पर ऐसी कोई भी विश्वसनीय खबर या फोटो मौजूद नहीं है जो इस दावे की पुष्टि कर सके। यह केवल एक मॉर्फ्ड या एआई-एडिटेड तस्वीर है जिसे राजनीतिक दुष्प्रचार के लिए तैयार किया गया है।
अगर देश के प्रधानमंत्री और किसी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के मुख्यमंत्री की ऐसी कोई तस्वीर वास्तव में मौजूद होती, तो उसका जिक्र मेन स्ट्रीम मीडिया, सरकारी अभिलेखों या फोटो एजेंसियों के रिकॉर्ड में अवश्य मिलता। लेकिन ऐसी कोई पुष्टि नहीं मिली। इसके अलावा तस्वीर में चेहरों की स्मूद टेक्सचरिंग, प्रकाश का अस्वाभाविक संतुलन और कुछ दृश्य संकेत AI-निर्मित तस्वीरों से मेल खाते दिखाई देते हैं।
पिछले कुछ सालों में AI और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। नेताओं, अभिनेताओं और सार्वजनिक हस्तियों की नकली तस्वीरें और वीडियो बनाकर उन्हें असली बताकर वायरल करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। विभिन्न फैक्ट-चेक संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी कई वायरल तस्वीरों को AI-जनरेटेड या डिजिटल रूप से बदला हुआ पाया है।
कौन हैं वंदना चतुर्वेदी?
वायरल पोस्ट करने वाली महिला वंदना चतुर्वेदी के बारे में सोशल मीडिया पर चर्चा है कि वह समाजवादी पार्टी से जुड़ी एक स्थानीय नेता हैं। यह पहली बार नहीं है जब वंदना चतुर्वेदी का नाम ऐसी भ्रामक तस्वीरों को फैलाने में आया है। इससे पहले भी उन पर प्रधानमंत्री मोदी की स्मृति ईरानी, मैथिली ठाकुर और कंगना रनौत जैसी हस्तियों के साथ आपत्तिजनक और एडिटेड तस्वीरें साझा करने के आरोप लगे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि वह जानबूझकर एआई का इस्तेमाल कर गलत तस्वीरें वायरल करने का एक पैटर्न अपना रही हैं।
डीपफेक और AI का बढ़ता खतरा
भारत में चुनावी और राजनीतिक माहौल के बीच एआई (AI) और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल किसी के चरित्र हनन के लिए करना एक गंभीर खतरा बनता जा रहा है। एआई का उपयोग अब केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह अफवाहों को हकीकत का जामा पहनाने का सबसे घातक हथियार बन गया है। मशहूर हस्तियों और राजनेताओं की फर्जी तस्वीरें बनाकर उन्हें बिना अनुमति के प्रचारित करना न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि यह साइबर अपराध की श्रेणी में भी आता है।
फैक्ट चेक नोट
इस फैक्ट चेक से यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेखा गुप्ता की वायरल तस्वीर पूरी तरह से फर्जी (AI Generated) है। किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। ऐसी तस्वीरें किसी की निजता का हनन करने और समाज में नफरत फैलाने के उद्देश्य से बनाई जाती हैं। सोशल मीडिया का इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ करें और संदिग्ध पोस्ट को रिपोर्ट करें। हमारी जांच में यह तस्वीर एआई द्वारा निर्मित पाई गई है, इसलिए इसका उपयोग किसी भी दावे की पुष्टि के लिए न करें।

Fact Check
दावा
दावा: PM मोदी और दिल्ली CM रेखा गुप्ता के गले लगते हुए तस्वीर वायरल।
नतीजा
फैक्ट: PM मोदी और दिल्ली CM रेखा गुप्ता के गले लगते हुए तस्वीर फेक और फर्जी है। AI और डीपफेक से बनाई गई है।












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