सरगुजा: 25 दिनों में तीन बार हिली धरती, छत्तीसगढ़ के इन क्षेत्रों में भूकंप शोध का विषय

सरगुजा के उमेश्वर पुर गांव में लगभग 11बजकर 56 मिनट पर 5 सेकंड में दो बार भूकंप का झटका महसूस किया गया। जिसमें दूसरा झटका 3 सेकंड था। भूकंप एपिक सेंटर से नजदीक पटना में स्कूल में दरारें पड़ने पर बच्चों की छुट्टी कर दी

सरगुजा, 05 अगस्त। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में 24 दिनों में भूकंप के तीन बार झटके महसूस किए गए हैं। 11 व 23 जुलाई बाद गुरुवार 4 अगस्त को भी 4.7 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। लेकिन भूकंप के केंद्र में लगातार बदलाव हुआ है। इस बार भूकंप का एपिक सेंटर कोरिया जिला ना होकर सूरजपुर जिले के उमेश्वरपुर गांव में था। इस तरह से रिक्टर स्केल पर बढ़ रही भूकंप की तीव्रता सरगुजा समेत आसपास के जिलो के लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

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लगभग 12 बजे दो बार हिली धरती
सरगुजा के उमेश्वर पुर गांव में लगभग 11बजकर 56 मिनट पर 5 सेकंड में दो बार भूकंप का झटका महसूस किया गया। जिसमें दूसरा झटका 3 सेकंड का था। भूकंप एपिक सेंटर से नजदीक पटना में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से मेडिकल स्टाफ डर की वजह से बाहर निकल गए। तो वहीं दूसरी ओर गंगौटी में संचालित हायर सेकेंडरी स्कूल में दरारें पड़ने पर बच्चों की छुट्टी कर दी गई।

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चार साल में छटवीं बार महसूस हुए झटके
कोरिया जिले में 4 साल में 6बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। हालांकि इस बार भूकंप का एपिक सेंटर बदला है। साल 2018 से हर साल भूकंप के झटके महसूस किए जा रहें हैं। इससे पहले 2021 में दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं । कुछ दिनों पहले 11 और 23 जुलाई को भूकंप के झटके महसूस हुए थे।

तेजी बढ़ती तीव्रता बढ़ा रही चिंता
भू वैज्ञानिकों के अनुसार रिएक्टर स्केल पर इस बार तीव्रता 4 से कम थी लेकिन बीते साल के परीक्षा तीव्रता बढ़ी है। कोरिया में 11 व 13 जुलाई इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर4.7 व 4.6 मापी गई थी। वही 4 अगस्त को आए भूकंप की तीव्रता 4. 7 और दूसरी तीव्रता 3.0 महसूस की गई है। इस बार भूकंप का केंद्र भी भूमि से 10 किलोमीटर अंदर बताया गया।
भूकम्प के बाद स्कुलों में छुट्टी
गुरुवार को आए भूकंप के बाद सूरजपुर के उमरेश्वरपुर गांव स्कूलों में छुट्टी कर दी गई,तो वही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर से बाहर निकल गए। निगम कार्यालय में जमीन हिलने के बाद सभी निगम कर्मी कार्यालय से बाहर आ गए।

कोरिया, सरगुजा में भूकंप आश्चर्यजनक, शोध होना चाहिए
शासकीय पीजी कॉलेज के भूगोल विभाग के एचओडी प्रोफेसर रमेश जायसवाल का मानना है कि पहाड़ी वाले क्षेत्र में भूकंप की संभावना अधिक होती है, लेकिन सरगुजा संभाग भूकंप जोन में नहीं आता है। भूकंप आने के दो ही कारण होते हैं। पहला प्राकृतिक कारण दूसरा मानवकृत , सरगुजा व कोरिया जिले में भूकंप के झटके महसूस होना शोध का विषय है। सामान्यत: 80 किमी तक की गहराई वाले भूकंप उथले माने जाते हैं। इस भूकंप का केंद्र 10 किमी गहराई में था। संभाग का बहुत बड़ा हिस्सा कोयला खनन क्षेत्र है। जिसे कमजोर जोन कहना गलत नहीं होगा। टिकटोंनिक प्लेट का मूवमेंट होने से संभवत: यह स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इस क्षेत्र में 3-4 माइक्रोप्लेट्स है। इस पर नेशनल सेंटर फॉर सिसमोलाजी एवं भारत मौसम विज्ञान को जिओग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम की मदद से और शोध की आवश्यकता है।

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