यूनियन चुनाव में राजनीतिक दलों की एंट्री, भाजपा-कांग्रेस के नेता बीएसपी कर्मचारियों से कर रहे अपील
भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में यूनियन चुनाव को लेकर अब सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। इस चुनाव में अब राजनीतिक नेताओ की भी एंट्री हो चुकी है। राजनीतिक दलों से संबद्ध श्रमिक संगठन जिताने के लिए जनप्रतिनिधि मैदान में हैं।
दुर्ग, 19 जुलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में यूनियन चुनाव को लेकर अब सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। इस चुनाव में अब राजनीतिक नेताओ की भी एंट्री हो चुकी है। राजनीतिक दलों से संबद्ध श्रमिक संगठन को चुनाव जिताने के लिए जनप्रतिनिधि मैदान में उतर गए हैं। इंटक के पक्ष में कांग्रेस और बीएमएस के पक्ष में भाजपा नेता कर्मचारियों से संपर्क साध रहे हैं। 18 जुलाई को नामांकन जमा होने के बाद सभी संगठनों ने सम्पर्क तेज कर कर दिया है। वही राजनीतिक दलों के।कार्यकर्ताओं को वार्डों की जिमम्मेदारी दी गई है

राजनीतिक दलों ने संभाला मोर्चा
यूनियन चुनाव के लिए भले ही 18 जुलाई को नामांकन फार्म भरे गए हैं लेकिन प्रमुख यूनियनों का प्रचार अभियान चुनाव की घोषणा के बाद से ही शुरू हो चुका है। इस चुनाव को राजनीतिक दल के नेताओ ने अब प्रतिष्ठा का विषय बना लिया है। अब राजनीति दलों ने श्रमिक संगठनों के पक्ष में मोर्चा संभाल लिया। यूनियन प्रतिनिधि जहां विभाग वार दौरा कर कर्मचारियों स संपर्क साध रहे हैं। वहीं राजनीतिक दलों के नेता कर्मचारियों के घर तक पहुंच रहें हैं। इसके लिए अलावा फोन से भी सम्पर्क कर रहें हैं। कांग्रेस और भाजपा से जुड़े नेताओं के कर्मचारियों से संपर्क करने की जानकारी सामने आई है। दोनों दल अपने-अपने समर्थन वाली यूनियनों और उम्मीदवारों के पक्ष में कर्मियों से मिल रहे।संगठन के पदाधिकारियों वार्ड वार जिम्मेदारी दी गई है जो संबंधित वार्ड में निवासरत कर्मचारियों के घर-घर जाकर यूनियन के पक्ष में माहौल बनाने का काम करेंगे। साथ ही यूनियन की घोषणा भी बताएंगे।

बीडब्लूयू का आरोप एनजेसीएस यूनियनें हैं जिम्मेदार
बीएसपी वर्कर्स यूनियन के निशाने पर पांचों एनजेसीएस यूनियनें है। उसके प्रतिनिधियों का कहना है बीएसपी कर्मचारियों को आज जो नुकसान हो रहा है उसके जिम्मेदार एनजेसीएस यूनियनें हैं। वर्तमान में 15% एमजीबी, 35% वेरियेबल पर्क्स पर समझौता न होने, 1 जनवरी 2017 से पूरा एरियर न मिलने, रात्रि भत्ता न बढ़ने, एचआरए रिवाइज न होने और इंसेटिव पालिसी में बदलाव न होने से कर्मियों के पे पाकेट पर हो रहे नुकसान के लिए सीधे एनजेसीएस यूनियनें ही जिम्मेदार हैं।

भाजपा व कांग्रेस के नेता हुए सक्रिय
भाजपा पार्षद, सांसद व विधायक जहां बीएमएस के पक्ष में माहौल बनाने में जुट गए हैं। वहीं कांग्रेस विधायक व महापौर भी मोबाइल से ही कर्मचारियों से संपर्क साधते हुए इंटक के पक्ष में मतदान की अपील कर रहे हैं। इस काम में उनके समर्थक में लग गए हैं। वे सोशल मीडिया के माध्यम से बीएमएसव इंटक के पक्ष में मतदान किए जाने पर कर्मचारियों को होने वाले फायदे की जानकारी दे रहे हैं।
9 यूनियनों ने भरा नांमाकन
नामांकन के बाद अब 20 जुलाई को चुनाव चिन्ह बांटा जाएगा, बीएसपी में 10 यूनियनें सक्रिय हैं। चुनाव के लिए सोमवार को डिप्टी सीएलसी के पास नामांकन दाखिले की प्रक्रिया पूरी हुई । नामांकन दाखिल करने वाली अन्य यूनियनों में सीटू, बीएमएस, बीएसपी वर्कर्स यूनियन, एचएमएस, एटक, एक्टू, लोइमु और स्टील वर्कर्स यूनियन शामिल हैं। अब 20 जुलाई को चुनाव चिन्ह का आवंटन किया जाएगा।
मंच और इंटक का गठबंधन,बीडब्ल्यूयू और बीएमएस में नही बनी बात
नामांकन प्रक्रिया में इस्पात श्रमिक मंच को छोड़कर 9 यूनियनों ने नामांकन दाखिल किया। मंच इंटक के साथ मिलकर चुनाव मैदान में है। बीएसपी वर्कर्स यूनियन (बीडब्ल्यूयू) भी बीएमएस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की योजना पर काम कर रहा था लेकिन दोनों ही दलों की विचारधारा अलग होने की वजह से चर्चा आगे नहीं बढ़ पाई।
यूनियनों का फोकस वेज रिवीजन के लंबित मुद्दों पर
यूनियन प्रतिनिधियों का चुनाव प्रचार सोमवार को भी जारी रहा। इस दौरान ज्यादातर यूनियनों का फोकस वेज रिवीजन के लंबित मुद्दों पर रहा। भिलाई इस्पात मजदूर संघ ने ऑक्सीजन प्लांट 2, ऑटो रिपेयर शॉप, ओएचपी व ब्लास्ट फर्नेस का दौरा किया। ओएचपी के कर्मचारियों ने वहां की समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करवाया। बताया कि रोड और मेन पावर की समस्या प्रमुख है। इसके अलावा कर्मचारियों ने विभागीय समस्याओं को भी यूनियन पदाधिकारियों के सामने रखा और जल्द उसके सामधान की मांग की।
एचएमएस ने गिनाए पांच साल के काम
भिलाई श्रमिक सभा-एचएमएस ने नामांकन के पश्चात प्रचार अभियान की शुरुआत मशीन शॉप-1 से किया। फोर्ज शॉप, स्टील स्ट्रक्चरल शॉप, ईआरएस, पाइपलाइन मेंटेनेंस, ईटीएल विभागों तक सम्पर्क किया । यूनियन द्वारा एक पर्चा भी जारी किया गया, जिसमें यूनियन ने पिछले 5 वर्षों में जो कार्य किया उस का उल्लेख किया गया है। प्रचार के दौरान कर्मचारियों से पे-स्केल, वेज रिवीजन के लंबित मुद्दे एरियर्स, नाइट शिफ्ट अलाउंस, कोरोना काल में कर्मचारियों की समस्याओं एवं कोरोना महामारी से दिवंगत हुए कर्मचारियों के आश्रित परिवारों की समस्याओं पर भी सवाल किया।












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