दुर्ग बन रहा नशा कारोबारियों का सुरक्षित स्थान, 4 लाख के ब्राउन सुगर, नशीली टैबलेट के साथ चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस नेऐसे ही एक गिरोह को नशे की टेबलेट व ब्राउन शुगर बेचने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में दुर्ग पुलिस ने सफलता हासिल की है।
दुर्ग, 15 जुलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला नशे का कारोबार करने वालों के लिए पनाहगाह बन चुका है। अन्य राज्यों से नशे के सामान की सप्लाई हो रही है। साथ ही छोटे पैडलर इसे आम लोगों तक पहुंचा रहें हैं। ऐसे ही एक गिरोह को नशे की टेबलेट व ब्राउन शुगर बेचने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में दुर्ग पुलिस ने सफलता हासिल की है। पुलिस ने इनके पास से 170 पुड़िया ब्राउन शुगर और 2 हजार 900 नग नशीली अल्फाज्रोलम व 288 नग स्पासमो कैप्सूल जब्त किया है। इसकी कुल कीमत 4.10 लाख रुपए बताई जा रही है।

एसपी पल्लव को मिले इनपुट पर कार्यवाई
एसपी दुर्ग डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि उन्हें काफी दिनों से दुर्ग के मोहन नगर थाना क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार की सूचना मिल रही थी। इसको देखते हुए उन्होंने एन्टी क्राइम एवं सायबर यूनिट सहित थाना मोहन नगर पुलिस को एक्टिव किया। उप पुलिस अधीक्षक (क्राइम) नसर सिद्धिकी, टीआई क्राइम एवं सायबर यूनिट संतोष मिश्रा और मोहन नगर थाना प्रभारी केके वाजपेयी ने अपनी टीम के साथ जांच शुरू की। इस दौरान जेल से रिहा हुये आदतन नशे के कारोबारियों पर भी निगाह रखी गई।
नागपुर से लाकर दुर्ग की गलियों में करते थे सप्लाई
पुलिस को सूचना मिली कि दुर्ग के गिरधारी नगर कोष्टा तालाब के पास 4 लड़के भारी मात्रा में ब्राउन शुगर और की गोलियां बेच रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की अलग-अलग टीमों ने मौके पर जाकर देवेन्द्र उर्फ मोन्टू विश्वकर्मा, वैभव खण्डेलवाल, रुस्तम नेताम और अनीश उर्फ सोना राजपूत को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी वैभव खंडेलवाल ने बताया कि ब्राउन शुगर नागपुर से छत्तीसगढ़ लाई जाती है। भिलाई सेक्टर 6 में विवेक सोना उसे ब्राउन शुगर देता था। वहीं तीन अन्य आरोपियों ने बताया कि वो लोग दुर्ग के शंकर नगर क्षेत्र में राका नाम के व्यक्ति से नशे की टेबलेट खरीदते थे। पुलिस अब इनकी भी तलाश कर रही है।
आरोपियों ने कहा नशा छोड़ने पर कांपते हैं हांथ-पैर
एसपी पल्लव ने चारों आरोपियों से नशे के अवैध कारोबार के बारे में पूछा तब उन्होंने बताया कि वे बचपन में ही गलत संगत में पड़ गए थे। धीरे-धीरे नशा करने लगे। इस दौरान वो कब नशे के आदी हो गए पता नहीं चला। नशा न करने पर उनके हाथ कांपने लगे, दौरे पड़ने लगे। इसलिए वो लोग नशा करने के साथ-साथ ब्राउन शुगर और नशे की टेबलेट बेचने भी लगे।












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