Durg निगम के करोड़ों का रिकॉर्ड 10 रुपये किलो में बेचा, सहायक अधीक्षक पर दर्ज हुई FIR
दुर्ग नगर निगम करोड़ों रुपए के दस्तावेज कबाड़ी की दुकान में मिलने के बाद हड़कंप मच गया। कि आखिरकार कबाड़ी की दुकान तक करोड़ों रुपए के दस्तावेज और नक्शे कैसे पहुंच गए। जिस पर अब कार्रवाई की गई है।
दुर्ग, 02 सितम्बर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में प्रशासनिक अमला अपने दस्तावेजो को लेकर कितना सक्रिय है, इस बात का अंदाज अंदाजा इस खबर से लगाया जा सकता है। दरअसल दुर्ग नगर निगम करोड़ों रुपए के दस्तावेज कबाड़ी की दुकान में मिलने के बाद हड़कंप मच गया। कि आखिरकार कबाड़ी की दुकान तक करोड़ों रुपए के दस्तावेज और नक्शे कैसे पहुंच गए। एक पार्षद की शिकायत के बाद छानबीन में पता चला कि निगम के अधिकारियों और प्यून की मिलीभगत से यह दस्तावेज रद्दी लेने वाले कबाड़ी के पास पहुंचे हैं। जिस पर अब कार्रवाई की गई है।

10 रुपये में कबाड़ी को बेचे दस्तावेज
दरअसल यह पूरा मामला दुर्ग नगर निगम का है जहां पुराने दस्तावेजों को कबाड़ में बेचने का मामला सामने आया है। निगम के पुराने दस्तावेज को गयानगर के एक कबाड़ी के पास 8 से 10 रुपए किलो में बेच दिए गए थे। लगभग 100 किलो वजन के 10 बंडल तक के दस्तावेज रद्दी लेने वाले कबाड़ी के पास से 1 दिन पहले जब्त किए गए। एक बंडल में करीब 100 फाइलें थी। दुर्ग निगम का रिकार्ड रूम करीब सालभर पहले शनिचरी बाजार से प्रशासनिक भवन में शिफ्ट किया गया। यहां रिकार्ड रूम बनाया गया। जहां दो कर्मचारियों को भी पदस्थ किया गया, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। बहरहाल इस खुलासे के बाद जांच के निर्देश दिए गए हैं। रिकार्ड रूप से और कितने दस्तावेज गायब हैं, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
आयुक्त ने दिए अपराध दर्ज करने के निर्देश
नगर पालिक निगम दुर्ग के आयुक्त प्रकाश सर्वे ने इस मामले में संलिप्त रिकार्ड रूम के सहायक अधीक्षक राजेंद्र साहू और भृत्य नरेश साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आयुक्त प्रकाश सर्वे का कहना है कि दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। मामला काफी संवेदनशील है। जांच करवाई जाएगी। पुराने दस्तावेजों के डिस्पोजल का नियम है। इसके बाद एफआईआर भी कराई जाएगी।
पार्षद नर डर बंजारे ने की थी शिकायत
इस गम्भीर मामले का खुलासा पार्षद नरेंद्र बंजारे की शिकायत के बाद हुआ। इससे पहले दुर्ग निगम के दस्तावेज गयानगर स्थित एक कबाड़ी की दुकान में मिले। दो महीने पहले एमआईसी मेंबर हामिद खोखर ने भी इसी तरह की शिकायत की थी। एक बोरी में निगम के दस्तावेज और स्व विवरणी मिले थे। इसके बाद मामले में संबंधित राजस्व विभाग के कर्मियों को नोटिस जारी हुआ था।जिसके बाद दोनों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसमें भी दोनों कर्मचारियों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इधर इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए आयुक्त ने जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही नियमतः एफआईआर की प्रक्रिया शुरू करने कहा है।
ड्राइंग - डिजाइन, जमीन हस्तांतरण के मिले दस्तावेज
कबाड़ी के पास एक दिन पहले जो दस्तावेज मिले हैं, वह काफी अधिक संख्या में है। पार्षद ने नरेंद्र बंजारे ने बताया कि रद्दी वाले ने करीब 4 हजार रुपए में ये दस्तावेज 10 रुपए किलो के भाव से खरीदे। खुलासे के बाद करीब 10 बंडलों में इन दस्तावेजों की जब्ती बनाई गई है। इसमें कई पुरानी और जरूरी फाइलें हैं। वर्ष 2002 में बने साइंस कॉलेज के प्रशासनिक भवन, ठगड़ा बांध के जल संसाधन विभाग के हस्तांतरण सहित अन्य कई ड्राइंग-डिजाइन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

पार्षद नरेंद्र बंजारे ने की थी शिकायत
इस गम्भीर मामले का खुलासा पार्षद नरेंद्र बंजारे की शिकायत के बाद हुआ। इससे पहले दुर्ग निगम के दस्तावेज गयानगर स्थित एक कबाड़ी की दुकान में मिले। दो महीने पहले एमआईसी मेंबर हामिद खोखर ने भी इसी तरह की शिकायत की थी। एक बोरी में निगम के दस्तावेज और स्व विवरणी मिले थे। इसके बाद मामले में संबंधित राजस्व विभाग के कर्मियों को नोटिस जारी हुआ था।जिसके बाद दोनों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसमें भी दोनों कर्मचारियों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इधर इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए आयुक्त ने जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही नियमतः एफआईआर की प्रक्रिया शुरू करने कहा है।

आयुक्त ने दिए अपराध दर्ज करने के निर्देश
नगर पालिक निगम दुर्ग के आयुक्त प्रकाश सर्वे ने इस मामले में संलिप्त रिकार्ड रूम के सहायक अधीक्षक राजेंद्र साहू और भृत्य नरेश साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आयुक्त प्रकाश सर्वे का कहना है कि दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। मामला काफी संवेदनशील है। जांच करवाई जाएगी। पुराने दस्तावेजों के डिस्पोजल का नियम है। इसके बाद एफआईआर भी कराई जाएगी।

ड्राइंग - डिजाइन, जमीन हस्तांतरण के मिले दस्तावेज
कबाड़ी के पास एक दिन पहले जो दस्तावेज मिले हैं, वह काफी अधिक संख्या में है। पार्षद ने नरेंद्र बंजारे ने बताया कि रद्दी वाले ने करीब 4 हजार रुपए में ये दस्तावेज 10 रुपए किलो के भाव से खरीदे। खुलासे के बाद करीब 10 बंडलों में इन दस्तावेजों की जब्ती बनाई गई है। इसमें कई पुरानी और जरूरी फाइलें हैं। वर्ष 2002 में बने साइंस कॉलेज के प्रशासनिक भवन, ठगड़ा बांध के जल संसाधन विभाग के हस्तांतरण सहित अन्य कई ड्राइंग-डिजाइन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए हैं।












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