उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश से निजी कॉलेज संचालक परेशान, सभी कॉलेजों को अब नैक ग्रेडिंग अनिवार्य

छत्तीसगढ़ के निजी कॉलेज नैक ग्रेडिंग से अब नही बच पाएंगे। क्योंकि उच्च शिक्षा विभाग ने सभी निजी और शासकीय कॉलेजों को निर्देश जारी कर 31 दिसंबर के पहले नैक ग्रेडिंग हासिल करने कहा है।

दुर्ग, 16 जुलाई। छत्तीसगढ़ के निजी कॉलेज नैक ग्रेडिंग से अब नही बच पाएंगे। क्योंकि उच्च शिक्षा विभाग ने सभी निजी और शासकीय कॉलेजों को निर्देश जारी कर 31 दिसंबर के पहले नैक ग्रेडिंग हासिल करने कहा है। कॉलेजों ने शिक्षा गुणवत्ता और सुविधाएं बनाएं रखने के लिए यह निर्देश जारी किया गया है। इस निर्देश के बाद दुर्ग जिले के हेमचंद यादव विश्वविद्यालय से संबद्ध निजी कॉलेजों में हड़कंप मच गया है।

durg uni

शैक्षणिक और मूलभूत सुविधाओं में करना होगा सुधार।
दुर्ग के हेमचंद यादव विश्वविद्यालय से सम्बद्ध 144 शासकीय व निजी कॉलेजों में कई निजी कॉलेज बिना प्राचार्य या अप्रशिक्षित प्राध्यापक के चल रहे हैं। कई कॉलेजों में प्रयोगशालाओं की हालत में अब सुधार नही हुआ है
ये कॉलेज दस से बीस सालों से जिले में ऐसे ही संचालित होते आ रहें हैं। अब इन निजी कॉलेजों की मनमानी पर रोक लगेगी।इन कॉलेजों को अब नैक ग्रेडिंग के लिए व्यवस्था में सुधार करना होगा। इन कॉलेजों को नैक के नियमानुसार शैक्षणिक व मूलभूत सुविधाओं में सुधार करना होगा।
नैक ग्रेडिंग से छात्रों को मिलेगा लाभ
बहरहाल कॉलेजों को इस ग्रेडिंग से कई दिक्कतों से निपटना पड़ेगा। लेकिन इन संस्थानों को चाहें जो भी दिक्कत हो, मगर अब नैक के बहाने कमियां सुधरने से विद्यार्थियों को बड़ा लाभ होगा। नए शैक्षणिक सत्र के लिए डीयू (दुर्ग यूनिवर्सिटी) के पोर्टल पर एडमिशन जारी है। यानी नवप्रवेशित विद्यार्थियों को अब पहले से ज्यादा सुविधा और शैक्षणिक माहौल देना होगा। दूसरी तरफ अभी तक उच्च शिक्षा विभाग निजी कॉलेजों पर सख्ती नहीं कर पाता था। लेकिन नैक ग्रेडिंग को अनिवार्य करने के बाद से उच्च शिक्षा विभाग को भी इन महाविद्यालयों पर प्रभाव बनाने का मौका मिल गया है। जिससे निजी कॉलेज नियंत्रण में रहेंगे।

इनको मिली जिम्मेदारी
दुर्ग संभाग के कॉलेजों का नैक कराने उच्च शिक्षा विभाग ने हेमचंद यादव विश्वविद्यालय और क्षेत्रीय कार्यालय को कमान सौंपी है। दुर्ग उच्च शिक्षा क्षेत्रीय कार्यालय को संभाग के शासकीय कॉलेजों का नैक कराना है, वहीं हेमचंद यादव विवि सभी प्राइवेट कॉलेजों को इसके लिए प्रेरित करेगा, उनके लिए जरूरी आर्हताओं की जानकारी देगा।
उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश , अब प्रतिष्ठा का है सवाल...
दरअसल उच्च शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार सभी कॉलेजों को 31 दिसंबर 22 तक हर एक संस्था को नैक मूल्यांकन में अपीयर होना ही पड़ेगा। अब यदि कॉलेज कमियां नहीं सुधारते हैं तो नैक मूल्यांकन में उनको सी ग्रेड और न्यूनतम सीजीपीए मिलेगा। न्यूनतम सीजीपीए और सी ग्रेड आने पर वे एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों के सामने खुद को बेहतर साबित नहीं कर पाएंगे, जिससे प्रवेश ग्राफ गिरेगा। यानी शासन का यह आदेश निजी कॉलेजों के गले की फांस बना हुआ है, जिसमें यदि नैक ग्रेडिंग नहीं कराई तो कार्रवाई होना तय है, वहीं कमियों के साथ नैक में शामिल हुए तो खराब ग्रेडिंग मिलेगी, जिससे कॉलेज की प्रतिष्ठा दांव पर लगेगी।

डीयू ने 18 कॉलेजों को जारी किया अल्टीमेटम
उच्च शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय के अवर सचिव सुशील चंद्र तिवारी ने बताया कि दिसंबर तक सभी कॉलेजों को नैक ग्रेड के लिए निर्देशित किया गया है। इससे कॉलेजों की व्यवस्थाएं और कमियां दूर होंगी। छात्रों को इससे लाभ मिलेगा। शिक्षा का स्तर सुधरेगा. वही हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू डॉक्टर प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि अभी 18 कॉलेजों को अल्टीमेटम दिया है। यदि कॉलेज कमियां दूर कर नैक में शामिल नहीं होंगे तो शासन को इसके बारे में अवगत कराएंगे। विश्वविद्यालय से संबद्ध 75 निजी कॉलेजों में से महज 9 के पास ही नैक ग्रेड है।

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