बिजली बिल अपडेट के नाम पर डाउनलोड कराया ऐप, फिर बीएसपी कर्मी के खाते से डेढ़ लाख हुए पार
दुर्ग जिले के सुंदर नगर कोहका निवासी बीएसपी कर्मी पुष्पेंद्र कुमार ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए। आरोपी ने बीएसपी कर्मी को ऐसे बेवकूफ बनाया कि पुष्पेंद्र को पता ही नही चला, कब उसके खाते से डेढ़ लाख पार हो गए।
दुर्ग, 17 जुलाई। दुर्ग जिले के सुंदर नगर कोहका निवासी बीएसपी कर्मी पुष्पेंद्र कुमार ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए। आरोपी ने बीएसपी कर्मी को ऐसे बेवकूफ बनाया कि पुष्पेंद्र को पता ही नही चला, कब उसके खाते से डेढ़ लाख पार हो गए। यानि बीएसपी कर्मी ने कुल्हाड़ी में अपना पैर मार लिया और शिकायत करने थाने पहुंच गया ।

पुष्पेंद्र ने बताया कि 10 जुलाई को दोपहर 12 बजकर 41 मिंट पर उसके मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि उसका जून महीने का बिल जमा नहीं हुआ है। इस वजह से उसके घर की बिजली कनेक्शन को काटा जा रहा है। कार्रवाई रोकने के लिए 09907673508 पर संपर्क करेंं। जब उक्त नंबर पर संपर्क किया, तो ठग ने उसे बताया कि बिल जमा हो गया है, लेकिन सॉफ्टवेयर पर अपडेट नहीं हो पाया है। बिजली बिल अपडेट करने के लिए 30 रुपए का पेमेंट करना होगा। ठग ने अपडेट करने के लिए क्विक सपोर्ट एप मोबाइल पर डाउनलोड कराया।
एसबीआई से आया फोन, तब पता चला ठगी हो गई
आरोपी ने एप्लीकेशन डाउन लोड कराने के बाद नेटबैंकिंग के माध्यम से 30 रुपए रिक्यूब प्लैनेट लिमिटेड के अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करवा लिया। ठग ने ट्रांजेक्शन के बाद रिफ्रेंस नंबर मोबाइल पर मैसेज के माध्यम से आने की सूचना दी। इस दौरान लगातार ओटीपी नंबर आ रहे थे। इसके बाद 2 बजकर 26 मिनट पर मोबाइल नंबर 911412822438 से फोन आया। फोन लगाने वाले ने कहा कि वह एसबीआई से बोल रहा है। इसके बाद उसने मनी ट्रांसफर करने के संबंध में पूछताछ की। पुष्पेंद्र ने इंकार करने पर उसने बताया कि आपके साथ ऑनलाइन फ्राड हो गया है।
ऑनलाइन एक्सेस एप डाउनलोड करवाकर उड़ा लिए ढेड़ लाख
आरोपी ने पहले बिजली बिल अपडेट के नाम पर पीड़ित को विश्वाश में लिया फिर ठगी के लिए एक्सेस एप के माध्यम से पुष्पेंद्र का मोबाइल हैक किया, फिर ऑनलाइन ठग ने मोबाइल पर एक्सेस एप डाउनलोड करवाकर बीएसपी कर्मी के मोबाइल से ओटीपी नम्बर के द्वारा खाते से 1.48 लाख रुपए उड़ा लिए। ठग ने बिजली बिल अपडेट करने का झांसा देकर बीएसपी कर्मी से संपर्क किया था। पुलिस के मुताबिक ठग ने बीएसपी कर्मी के मोबाइल पर एक्सेस एप डाउनलोड करवा लिया था। इसके बाद ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के दौरान ओटीपी की जानकारी जुटाकर खाते से पैसा ट्रांसफर कर लिया। पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबर धारकों के खिलाफ धारा 420 के तहत केस दर्ज किया है।












Click it and Unblock the Notifications