छत्तीसगढ़: अब समर्थन मूल्य पर दाल खरीदेगी भूपेश सरकार, अरहर, उड़द और मूंग के मिलेंगे इतने दाम..
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ सीजन वर्ष 2022-23 में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अरहर, उड़द और मूंग की खरीदी की जाएगी। जिसकी खरीदी छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मार्कफेड के माध्यम से किया जाएगा।
दुर्ग, 21 जुलाई। छत्तीसगढ़ के दलहन उत्पादक किसानो को सरकार एक और तोहफा देने जा रही है। प्रदेश में दलहन की पैदावार बढ़ाने किसानों को कृषि विभाग द्वारा लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा था। लेकिन किसानों की दाल समर्थन मूल्य में खरीदी की शुरुआत नहीं हुई थी। लेकिन इस बार छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ सीजन वर्ष 2022-23 में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अरहर, उड़द और मूंग की खरीदी की जाएगी। जिसकी खरीदी छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मार्कफेड के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए राज्य के गोदाम एवं भण्डारण की सुविधायुक्त 25 कृषि उपज मंडियों को खरीदी के लिए उपार्जन केन्द्र के रूप में चुना गया है।

कृषि मंत्रालय से दिशा निर्देश जारी
कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा राज्य में अरहर, उड़द एवं मूंग फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों सहित मार्कफेड एवं मंडी बोर्ड को जारी किया गया है। उपार्जन केन्द्र पर आवश्यक संसाधनों, उपकरणों की व्यवस्था मार्कफेड द्वारा की जाएगी।

किसानों से अरहर और उड़द - 6600 रूपए तथा मूंग -7755 रूपए प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। उड़द एवं मूंग का उपार्जन इस साल 17 अक्टूबर से 16 दिसम्बर तक तथा अरहर का उपार्जन 13 मार्च 2023 से 12 मई 2023 तक किया जाएगा।
किसानो को कराना होगा पंजीयन
निर्देश के अनुसार यूनिफाईड फार्मर पोर्टल पर किसान को पंजीयन कराना होगा। जिसे नाफेड द्वारा डाटा ई-समृद्धि पोर्टल में उपार्जन हेतु इंटीग्रेड किया जाएगा एवं चयनित उपार्जन केन्द्रों से उक्त कृषकों की टैगिंग की जाएगी। जिस डाटा के आधार पर ही किसानों से खरीदी कर भुगतान किया जाएगा। किसानों की भूमि, बोयी गई फसल का रकबा आदि का मैदानी सत्यापन एवं रेंडम सत्यापन किया जाएगा।
खरीदी केंद्रों की होगी सतत निगरानी, गठित होगी टीम
उपार्जन केन्द्रों में कृषकों की सामान्य जानकारी के लिए एफएक्यू उत्पाद का मानक चस्पा किया जाएगा। जिससे एफएक्यू मानक का अरहर, उड़द एवं मूंग का समर्थन मूल्य से कम पर उपार्जन केन्द्र में विक्रय न हो। एफएक्यू गुणवत्ता की खरीदी की मॉनिटरिंग की जाएगी। रेंडम सैम्पलिंग हेतु नाफेड के साथ राज्य स्तरीय संयुक्त टीम गठित की जाएगी, जो उपार्जन केन्द्र के खरीदी कार्य की तैयारी से लेकर संग्रहण तक का निरीक्षण करेंगे। किसानो को से खरीदी गई मात्रा की प्रिंटेड रसीद दिया जाएगा,
राज्य के इन मंडियों में होगी खरीदी
राज्य में लगभग 25 खरीदी केंद्रों को इसके लिए चुना गया है जिसमें भाटापारा, गरियाबंद, महासमुन्द, बसना, दुर्ग, बेमेतरा, राजनांदगांव, खैरागढ़ डोंगरगढ़, गंडई, कवर्धा, पण्डरिया, मुंगेली, लोरमी, सक्ती, रायगढ़, अंबिकापुर, सूरजपुर, रामानुजगंज, जशपुर, कोण्डागांव, केशकाल, नारायणपुर, सम्बलपुर, पखांजूर, कृषि मंडी में अरहर, मूंग और उड़द की खरीदी समर्थन मूल्य पर होगी।












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