भिलाई इस्पात संयंत्र ने रक्षा मंत्रालय को भेजी स्पेशल ग्रेड स्टील, राहत एवं बचाव कार्य में होगा इस्तेमाल
बीएसपी ने अब देश की सीमाओं पर किसी भी परिस्थिति से निपटने हमेशा तैयार रहने वाले सशस्त्र बल के जवानों को विशेष ग्रेड लोहे से बने स्ट्रक्चरल स्टील की सप्लाई कर भिलाई को गर्व करने का मौका दिया है।
दुर्ग, 17 जुलाई। एशिया के सबसे बड़े इस्पात संयंत्र के रूप में प्रसिद्ध भिलाई इस्पात संयंत्र में बनी रेल की पटरियों पर जहां पूरा देश सरपट दौड़ रहा है। वहीं बीएसपी ने अब देश की सीमाओं पर किसी भी परिस्थिति से निपटने हमेशा तैयार रहने वाले सशस्त्र बल के जवानों को विशेष ग्रेड लोहे से बने स्ट्रक्चरल स्टील की सप्लाई कर भिलाई को गर्व करने का मौका दिया है। रक्षा मंत्रालय की मांग पर भिलाई इस्पात संयंत्र ने अब तक 21,420 टन विशेष ग्रेड के स्ट्रक्चरल स्टील की सप्लाई की है।

भूस्खलन क्षेत्र या ट्रेनिंग कैंपों में बेली ब्रिज का इस्तेमाल
इस विशेष ग्रेड की बनी स्टील का इस्तेमाल पहाड़ी व ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भूस्खलन, बाढ़ जैसे आपदा में फंसे नागरिकों के जीवन को बचाने में की जाती है। अधिक ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्रों में सैनिकों की आवाजाही सुनिश्चित करने या बचाव गतिविधियों को अंजाम देने के लिए जहां भी आवश्यक हो, सशस्त्र बलों को दूसरी तरफ पार करने के लिए स्टील से बने छोटे छोटे पुल बनाने की आवश्यकता होती है। जिसे बेली ब्रिज कहा जाता है। भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा उत्पादित विशेष ग्रेड स्ट्रक्चरल स्टील का उपयोग सशस्त्र बलों द्वारा बेली ब्रिज और इसी तरह के अन्य प्रयोगों के लिए किया जा रहा है।

रक्षा मंत्रालय को अब तक 21420 टन से अधिक की आपूर्ति
वर्ष 2016-17 से अब तक भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) की मर्चेंट मिल द्वारा पहाड़ी इलाकों में बेली ब्रिज असेंबल करने के लिए सशस्त्र बलों के उपयोग के लिए 21,420 टन से अधिक विशेष ग्रेड स्ट्रक्चरल स्टील चैनलों ( Special Gread Structural Steel channels ) की आपूर्ति की गई है। वर्ष 2016-17 के बाद से आपूर्ति की गई कुल 21,420 टन में से 13,620 टन से अधिक आईएस 2062 E 410 सेल्मा ग्रेड A का है और शेष 7802 टन आईएस 2062 ई 410 सेल्मा ग्रेड C का है।
विशेष ग्रेड स्टील के निर्माण की तकनीक भी विशेष
भिलाई इस्पात संयंत्र(Bhilai Steel Plant) बेली ब्रिज, फेंसिंग और ब्रिज सपोर्ट स्ट्रक्चर्स के निर्माण की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इस रक्षा ग्रेड स्ट्रक्चरल स्टील को 100 x 50 और 75 x 40 दोनों साइज में रोलिंग कर सप्लाई कर रहा है। मर्चेंट मिल इस ग्रेड स्टील को हीटिंग प्रक्रिया के दौरान कड़े मापदण्डों से गुजारा जाता है, तथा इसे और अधिक सहन शक्ति प्रदान करने हेतु इसमें अन्य धातुओं को मिश्रित किया जाता है।दो साइजों में उत्पादित विशेष ग्रेड संरचनात्मक स्टील चैनल IS 2062 E 410 सेल्मा ग्रेड A और IS 2062 E 410 सेल्मा ग्रेड C का उपयोग शून्य से नीचे तापमान वाले उच्च ऊंचाई एवं दुर्गम क्षेत्रों में सैनिकों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने हेतु स्टील के पुलों के लिए सहायक संरचनाओं के रूप में किया जा रहा है।
आईएनइस विक्रांत व बुलेट ट्रेन स्ट्रक्चर में बीएसपी का योगदान
भिलाई इस्पात संयंत्र(Bhilai Steel Plant) वैसे तो रेल पटरियों के उत्पादन के लिए जाना जाता है। लेकिन अपने बाकी उत्पादों से भी देश के निर्माण कार्यों में अहम भूमिका निभा रहा है। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र युद्धपोतों के निर्माण में उपयोग होने वाले नौसेना ग्रेड स्टील प्लेट सहित कई अन्य कार्यों के लिए विशेष ग्रेड स्टील की आपूर्ति करता आ रहा है। भिलाई इस्पात संयंत्र ने साल 2014 में आईएनएस विक्रांत ( INS VIKRANT) जैसे युद्धपोत के निर्माण के लिए भी विशेष ग्रेड के प्लेटों की सप्लाई की है। वर्तमान में अहमदाबाद से मुंबई तक बन रहे बुलेट ट्रेन स्ट्रक्चर में भी बीएसपी ने विशेष ग्रेड की टीएमटी बार की सप्लाई की है। इस तरह देश के रक्षा क्षेत्र व कई निर्माण कार्यों में भिलाई इस्पात संयंत्र नें अपना योगदान दिया है।












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