भोपाल से नहीं, अब गांव की चौपाल से चलेगी MP सरकार, डिंडौरी में सीएम शिवराज ने पढ़ाया पेसा एक्ट
अब मप्र सरकार भोपाल से नहीं, गांव की चौपाल से चलेगी। ग्राम सभाओं को अधिकार संपन्न बनाने का सरकार ने फैसला लिया है। यह बात सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पेसा एक्ट को लेकर डिंडौरी में आयोजित ग्राम सभा में कही। सीएम बोले ग्रामीणों से बोले कि जनजातीय समुदाय के लिये पेसा एक्ट के रूप में ऐतिहासिक निर्णय लिया गया हैं। उन्होंने कहा कि वह आज भाषण देने नहीं बल्कि एक्ट पढ़ाने आए है।

डिंडौरी में पेसा एक्ट जागरूकता सभा
मप्र के आदिवासी बाहुल्य जिले डिंडौरी के शहपुरा और गुरैया ग्राम में सीएम शिवराज सिंह चौहान ग्राम सभा हुई। जिसमें शामिल होकर सीएम ने ग्रामीणों से मुलाकात की और सरकार की चल रही योजनाओं के लाभ के बारे में जानकारी ली। उन्होंने शहपुरा में मामा की पाती मुखिया के नाम और सिकल सेल प्रभावितों के लिये जिला प्रशासन द्वारा तैयार की गई जीवनदायिनी प्रसाद का विमोचन किया।

आपको पेसा एक्ट पढ़ाने आया हूं
पेसा एक्ट एक सामाजिक क्रांति है, इससे जनजातीय विकासखण्डों में ग्राम सभाओं को अधिकार सम्पन्न बनाया जा रहा है। 15 नवंबर से लागू इस एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये अब सशक्त रूप से ग्राम सभाओं की शुरूआत हो चुकी है। शहपुरा और गुरैया में ग्राम सभा में ग्रामीणों से रु-बरु होते हुए सीएम शिवराज ने कहा कि वे आज भाषण देने नहीं, बल्कि पेसा एक्ट पढ़ाने आया हूँ। बोले कि मध्यप्रदेश की धरती पर जनजातीय समुदाय के लिये लागू एक्ट ऐतिहासिक निर्णय है। इसमें प्रत्येक जनजातीय ग्राम की अलग से ग्राम सभा होगी और उसे अधिकार सम्पन्न बनाया जाएगा। इसके लिये जरूरी है कि ग्रामीण पेसा एक्ट की भावना को समझे और उसे अपने ग्राम हित में लागू करें।

अब गांव की चौपाल से चलेगी सरकार
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पेसा एक्ट किसी के खिलाफ नहीं है, इससे किसी का कोई नुकसान नहीं है, सभी का फायदा ही फायदा है। उन्होंने कहा कि मैं आपको जल, जंगल और जमीन का अधिकार देने आया हूं। अब हर साल ग्राम की ग्राम सभा में पटवारी और फारेस्ट गार्ड नक्शा, खसरे की नकल, बी-1 की कापी लेकर आयेंगे और ग्रामवासियों को पढ़ कर सुनाएंगे। सीएम बोले कि एक्ट लागू कर यह सुनिश्चित किया है कि अब सरकार भोपाल से नहीं चौपाल से चलेगी।

ग्राम सभा करेगी शराब दुकान का फैसला
ग्राम पंचायत को सालाना मिलने वाले पैसे का अधिकार ग्राम सभा का होगा। यदि गाँव के मजदूरों को कोई दूसरे स्थान पर ले जाता है, तो उसे ग्राम सभा से इसकी अनुमति लेना होगी। बाहरी व्यक्ति गांव में आता है, तो उसे भी ग्राम सभा की अनुमति लेनी होगी। मनरेगा के कार्यों की मॉनिटरिंग ग्राम सभा करेगी। सीएम ने कहा कि गांव में नई शराब दुकान खुले या नहीं, इसका फैसला ग्राम सभा ही करेगी। यदि शराब दुकान, अस्पताल, स्कूल, धार्मिक स्थल के पास है तो ग्राम सभा उसे बंद करने या दूसरी जगह ले जाने की अनुशंसा कर सकेगी। साथ ही ग्राम सभा किसी दिन ड्राय-डे घोषित करने के लिये कलेक्टर को अनुशंसा कर सकेगी।

अवैध रूप से दिया गया कर्ज माफ़
पेसा एक्ट की जानकारी देते हुए सीएम बोले कि अब कोई निजी साहूकार, ब्याज देने वाला व्यक्ति लायसेंस लेकर और सरकार द्वारा तय ब्याज दर पर ही ग्रामीणों को ऋण दे सकेगा। अवैध रूप से दिये गये ऋण शून्य हो जाएंगे। गांव के छोटे-छोटे झगड़ों के निराकरण के लिये ग्राम शांति और विवाद निवारण समिति गठित की जाएगी ताकि अपने स्तर पर विवाद का निपटारा हो सकें। जिन मामलों में एफआईआर दर्ज होगी, उसकी जानकारी पुलिस द्वारा ग्राम सभा को देना होगी।

निर्माण विकास कार्यों की घोषणा
बाजारों, मेलों, त्योहारों का प्रबंधन ग्राम सभा कर सकेगी। आँगनवाड़ी, छात्रावास, स्कूल, आश्रम शालाएँ, अस्पताल के प्रबंधन का अधिकार भी ग्राम सभाओं के पास होगा। मुख्यमंत्री ने ग्रामवासियों की मांग पर ग्राम शहपुरा में मुख्य मार्ग पर डिवाइडर निर्माण, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का सिविल अस्पताल में उन्नयन कर महिला डॉक्टर की पद-स्थापना, मार्ग निर्माण, हर घर पाइप लाईन और नल से जल की घोषणा की।












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