दिल्ली के अस्पताल में प्रसव के लिए लाई गई महिला की संक्रमण फैलने से मौत
दिल्ली। दिल्ली के बुराड़ी इलाके में स्थित आर्य मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती महिला की मौत हो जाने से नाराज परिजनों ने शनिवार को शव को अस्पताल के बाहर रखकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने मांग की है कि आरोपी डॉक्टर और अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटना होने से बचे। घंटे भर तक परिजनों ने रोड को जाम रखा और अस्पताल के खिलाफ रोष प्रकट किया।

29 अक्टूबर की शाम अनूप ने अपनी पत्नी ममता को बुराड़ी मेन रोड स्थित आर्य मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में डिलीवरी के लिए भर्ती कराया था। मृतक महिला के पहले से दो बच्चे हैं और तीसरे बच्चे की डिलीवरी के लिए ममता को अस्पताल में भर्ती कराया गया। अनूप अपनी पत्नी को अस्पताल में भर्ती करा कर घर खाने का सामान लेने के लिए चला गया। तभी कुछ देर बाद अनूप को अस्पताल की ओर से बुलाया गया, जहां पत्नी की ऑपरेशन का डिलीवरी कराने की बात कही गई अनूप उसके लिए भी तैयार था।
परिवार का आरोप है कि आर्य मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के एमडी डॉक्टर महेश कुमार चाइल्ड स्पेशलिस्ट हैं । ये पिछले 3 महीने से मृतक गर्भवती महिला ममता की रूटीन में जांच कर रहे थे। लेकिन डिलीवरी के समय पर ये हॉस्पिटल में मौजूद नही थे । क्योंकि डिलीवरी से पहले शिशु की जांच हार्डवीक ओर वेट की जांच इन्ही की जिम्मेदारी बनती थी। लेकिन ये अपनी नजदीकी रेम्बोस क्लीनिक में दूसरे मरीजों को देखने मे व्यस्त रहे और गर्भवती महिला के शिशु ने पेट मे ही दम तोड़ दिया, जिसकी वजह से गर्भवती महिला के शरीर मे इंफेक्शन फैल गया।

परिजनों का कहना है कि महिला की हालत ठीक थी। उसे केवल डिलीवरी के लिए ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों से जब परिजनों ने बात की तो अस्पताल के डॉक्टर आनन-फानन में अस्पताल छोड़कर फरार हो गए । उसके बाद से परिजनों की डॉक्टरों से कोई बात नहीं हो सकी है । नाराज परिजनों ने अस्पताल के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।












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