दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश घोषित, जानिए कितने दिन की रहेगी छुट्टी
बढ़ती ठंड को देखते हुए दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया है। वहीं, बच्चों में कुपोषण को दूर करने को लेकर भी दिल्ली सरकार की तरफ से बड़ा फैसला लिया गया है।

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड जारी है। जिसकी वजह से लोग घरों में कैंद होने को मजबूर हैं। इसी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने स्कूलों में शीतकालीन अवकाश घोषित कर दिया है। दिल्ली शिक्षा निदेशालय की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक निदेशालय के तहत संचालित सभी सरकारी स्कूल 1 जनवरी से 12 जनवरी 2023 तक बंद रहेंगे। वहीं, 9वीं से 12वीं की कक्षा के लिए 2 जनवरी से 14 जनवरी 2023 तक उपचारात्मक कक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
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2 जनवरी से 14 जनवरी तक चलेंगी 'उपचारात्मक कक्षाएं'
शिक्षा निदेशालय की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक 9वीं से 12वीं के छात्रों की 'उपचारात्मक कक्षाएं' बोर्ड एग्जाम को देखते हुए संचालित की जाएंगी। इस दौरान छात्रों का कॉन्सेप्ट क्लियर किया जाएगा। ये कक्षाएं दो शिफ्टों में आयोजित की जाएंगी। अगर कोई स्कूल से संचालित होगा तो वहां पर कक्षाएं सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक संचालित की जाएंगी। वहीं, अगर कोई स्कूल इवनिंग शेड्यूल के हिसाब से संचालित होगा तो वहां पर कक्षाएं दोपहर 1 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित की जाएंगी।

स्कूलों में लंच से पहले होगा स्नैक्स ब्रेक
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में अब लंच पहले स्नैक्स ब्रेक भी होगा। दिल्ली सरकार ने शहर के सभी स्कूलों में मिनी स्नैक ब्रेक और माता-पिता के परामर्श सत्र शुरू करने का फैसला किया है। इस संबंध में सरकार ने आदेश भी जारी कर दिया है। आदेश के मुताबिक स्कूलों को समय सारिणी में 10 मिनट के मिनी स्नैक ब्रेक को शामिल करने का निर्देश दिया गया है। मिनी ब्रेक, लंच ब्रेक से 2.5 घंटे पहले होगा। सरकार की तरफ से यह फैसला इसलिए लिया गया है, ताकि कुपोषण की कमी को दूर किया जा सके।

तीन तरह के स्नैक्स के विकल्प को तैयार करने को कहा गया
आदेश में स्कूलों से कहा गया है कि वे हर दिन तीन तरह के खाने के विकल्प वाले स्नैक्स का एक साप्ताहिक प्लानर तैयार करें। जिसमें मौसमी फल, अंकुरित अनाज, सलाद, भुने हुए चने, मूंगफली आदि खाद्य पदार्थ शामिल हों। विभाग का कहना है कि इन रणनीतियों की वजह से बच्चों के स्वास्थ्य में भी सुधार होगा। साथ ही ड्राप आउट भी कम होगा और पढ़ाई में भी उनका मन लगेगा।

क्लास टीचर को रिकॉर्ड रखने का निर्देश
आदेश में क्लास टीचर्स को कक्षा के नामांकित प्रत्येक छात्र की ऊंचाई और वजन का रिकॉर्ड बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। साथ ही इसे नियमित रूप से अपडेट करने के लिए भी कहा गया है। यह रिकॉर्ड सामान्य स्वास्थ्य के साथ-साथ स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति से संबंधित होना चाहिए ताकि कुपोषण के जोखिम वाले बच्चों की समय रहते पहचान की जा सके और माता-पिता को तदनुसार सूचित किया जा सके।












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