Delhi Chunav: दिल्‍ली चुनाव प्रचार की जिम्‍मेदारी भाजपा ने अब यूपी के डिप्‍टी CM ब्रजेश पाठक को क्‍यों सौंपी?

Delhi Chunav: दिल्‍ली विधानसभा चुनाव को अब महज 10 दिन शेष बचे हैं। भारतीय जनता पार्टी दिल्‍ली फतेह करने के लिए पूरा जोर लग रही है। दिल्‍ली के हर वर्ग के वोटरों को साधने के प्रयास में जुटी भाजपा ने अब दिल्‍ली के कई हिस्‍सों में चुनाव प्रचार की जिम्‍मेदारी उत्‍तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और उनकी टीम को सौंपी है।

आगामी 5 फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रचार के लिए यूपी के डिप्‍टी सीएम ब्रजेश पाठक 19 जनवरी को 25 पार्टी कार्यकर्ताओं की एक टीम के साथ दिल्ली पहुंच चुके हैं और गली-मोहल्‍लों में घर-घर जाकर भाजपा के लिए वोट मांग रहे हैं। आइए जानते हैं आखिर क्‍या वजह है जो डिप्‍टी सीएम ब्रजेश पाठक को भाजपा ने दिल्‍ली में चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में प्रचार करने के लिए चुना?

Brajesh Pathak

बता दें उत्तर प्रदेश में ब्रजेश पाठक भाजपा का ब्राह्मण चेहरा हैं। उनको चुनाव प्रचार के लिए दिल्‍ली भेजना मतदाताओं को लुभाने की भाजपा की रणनीति का हिस्सा है। पाठक को दिल्‍ली के चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र के 10 विधानसभा क्षेत्रों के अलावा अन्‍य वीआईपी सीटों पर ध्यान केंद्रित करने की जिम्‍मेदारी सौंपी गई है।

दिल्‍ली चुनाव में ब्रजेश पाठक की भूमिका क्‍यों है अहम?

हाल में हुए विवादों के मद्देनजर दिल्ली में ब्रजेश पाठक की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला द्वारा की गई डिप्‍पणी के तुरंत बाद डिप्‍टी सीएम पाठक को डैमेज कंट्रोल के लिए भेजा गया है। याद रहे शहजाद का बयान पूर्वांचली समुदाय के लिए अपमानजनक माना गया था।

दिल्‍ली के पूर्वांचली वोटर्स

दिल्‍ली में पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार से आने वाला पूर्वांचली वोटर्स की संख्‍या लगभग एक तिहाई है। जो दिल्‍ली के चुनाव में अहम भूमिका निभाते हैं। ब्रजेश पाठक के प्रभाव का उपयोग करने का भाजपा का निर्णयकिसी भी प्रतिकूल प्रभाव को कम करने और पूर्वांचली मतदाताओं को अधिक प्रभावी ढंग से भाजपा से जोड़ना है।

आम आदमी पार्टी को मात देना है लक्ष्‍य

ब्रजेश पाठक को दिल्‍ली चुनाव प्रचार के लिए भेजा जाना न केवल भाजपा द्वारा एक रणनीतिक निर्णय था, बल्कि आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा की गई कार्रवाइयों का जवाब भी है। याद रहे पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप ने मंदिर के पुजारियों के लिए 18,000 रुपये मासिक मानदेय की घोषणा की थी, जिसका भाजपा ने ब्रजेश पाठक के जरिए मुकाबला करने का लक्ष्य रखा गया है।

इनमें बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं, समुदाय के सदस्यों और धार्मिक नेताओं के साथ विकास के मुद्दों और यूपी में आदित्यनाथ सरकार द्वारा प्रदान किए गए समर्थन पर चर्चा करना शामिल है।

पाठक चांदनी चौक क्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक संस्थानों से जुड़ने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्होंने अखिल भारतीय पुजारी संघ (अखिल भारतीय पुजारी संघ) के सदस्यों के साथ बातचीत की और धार्मिक समूहों के विकास और यूपी में पुजारियों को दिए जाने वाले लाभों पर चर्चा करने के लिए कई मंदिरों का दौरा किया। उनके प्रयास मतदाताओं, विशेष रूप से पूर्वांचली समुदाय के लोगों की धार्मिक भावनाओं को आकर्षित करने की भाजपा की व्यापक रणनीति हैं।

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