दिल्ली में एक बार फिर से मेयर चुनाव क्यों होने जा रहा? जानें पूरा मामला

फरवरी में हुए मेयर चुनाव में, AAP की शैली ओबेरॉय ने भाजपा की रेखा गुप्ता के 116 मतों के मुकाबले 150 मतों से शीर्ष पद जीता। इकबाल ने डिप्टी मेयर बनने के लिए भाजपा के कमल बागरी को 31 मतों के अंतर से हराया।

Shelly oberoi, Arvind Kejriwal

दिल्ली नगर निगम ने चुनाव कराने के तीन असफल प्रयासों के बाद 22 फरवरी को अपना मेयर चुना। आम आदमी पार्टी (आप) की शैली ओबेरॉय एकीकृत एमसीडी की पहली मेयर बनीं। लेकिन अब, नगर निकाय के लिए अप्रैल में एक बार फिर से मेयर चुनाव होने जा रहा है। लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर दिल्ली में एक बार फिर से मेयर का चुनाव क्यों हो जा रहा है? आइए समझते हैं क्या है पूरा मामला?

जानें क्या है पूरा मामला?
दरअसल, दिल्ली में मेयर का चुनाव हर साल होता है इसलिए 31 मार्च को मेयर शैली ऑबेरॉय का कार्यकाल खत्म हो गया। अब आप सोच रहे होंगे शैली ऑबेरॉय तो केवल 38 दिन ही मेयर रहीं। दरअसल, इसके पीछे की वजह देरी से एमसीडी चुनाव का होना और फिर सदन की बैठक तीन बार हंगामे की वजह से मेयर का चुनाव स्थगित होना है। दरअसल एमसीडी एक्ट के अनुसार दिल्ली नगर निगम का साल अप्रैल महीने के पहले दिन से शुरू होता है। इस तरह अगले साल 31 मार्च को साल समाप्त हो जाता है।

क्या कहता है एमसीडी एक्ट
दरअसल, एमसीडी अधिनियम के अनुसार पहले वर्ष में एक महिला उम्मीदवार को महापौर के रूप में नियुक्त किया जाएगा। दूसरे वर्ष में सामान्य अभ्यर्थी होगा और तृतीय वर्ष अनुसूचित जाति के अभ्यर्थी को दिया जाएगा। चौथे और पांचवें साल फिर से सामान्य उम्मीदवार होंगे।

चुनाव प्रक्रिया जल्द होगी शुरू
महापौर कार्यालय द्वारा तिथि पर निर्णय लेते ही प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। चुनाव का प्रस्ताव नगर आयुक्त कार्यालय को भेजा जाएगा और इसे राज्य शहरी विकास विभाग को भेजा जाएगा। आगे यह उपराज्यपाल के पास पहुंचेगा, जो पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति करेंगे।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+