कौन है रुचि तिवारी? ब्राह्मण महिला पत्रकार की अब Journalism डिग्री पर क्यों हो रहा विवाद, DU में हुआ था हमला
who is Ruchi Tiwari: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के नॉर्थ कैंपस में यूजीसी के नए नियमों को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस पूरे मामले के केंद्र में हैं महिला पत्रकार और यूट्यूबर रुचि तिवारी। पहले उन पर कथित हमले की खबर चर्चा में रही और अब उनकी जर्नलिज्म की डिग्री को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है और रुचि तिवारी कौन हैं।
DU में रुचि तिवारी के साथ क्या हुआ था? (Ruchi Tiwari Controversy)
14 फरवरी को नॉर्थ कैंपस की आर्ट्स फैकल्टी में 'अधिकार रैली' नाम से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम यूजीसी के नए नियमों के विरोध में छात्र संगठन एआईएसए की ओर से रखा गया था। इसी दौरान वहां कवरेज के लिए पहुंचीं पत्रकार रुचि तिवारी और कुछ छात्राओं के बीच बहस हो गई। देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की और झड़प में बदल गया।

रुचि तिवारी का आरोप है कि करीब 500 लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया। उनसे उनका पूरा नाम और जाति पूछी गई। उन्होंने दावा किया कि उन्हें गलत तरीके से छुआ गया, गला पकड़ा गया और हाथ मरोड़े गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उन्हें रेप और नग्न परेड की धमकी दी। उनका कहना है कि पुलिस मौके पर मौजूद थी लेकिन उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया।
FIR और थाने तक पहुंचा मामला (Ruchi Tiwari FIR)
घटना के बाद करीब 50 से 60 लोग मौरिस नगर थाने पहुंचे और महिला पत्रकार पर कथित हमले के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जाएगी। वहीं एआईएसए की एक छात्रा ने भी पत्रकार और उनके समर्थकों पर आरोप लगाए हैं।
“They wanted to parade me naked. My clothes were torn. I was touched inappropriately. All this because I am a Brahmin.”
— Anand Ranganathan (@ARanganathan72) February 14, 2026
Spine chilling testimony of Ruchi Tiwari. Would those claiming she provoked the attack on her also justify Godhra riots as a reaction to 59 Hindus burnt alive? pic.twitter.com/pOb7Up8SxR
रुचि तिवारी की पत्रकारिता के डिग्री पर क्यों उठे सवाल? (Ruchi Tiwari Journalism Degree Row)
विवाद का दूसरा पहलू सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो से जुड़ा है। वीडियो में रुचि तिवारी अपने जर्नलिज्म कोर्स और इंटर्नशिप का जिक्र करती दिखाई देती हैं। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने किस साल डिग्री पूरी की, तो उन्होंने कहा कि उन्हें साल ठीक से याद नहीं है और अगर जरूरत हो तो वह डिग्री दिखा सकती हैं।
एक्स पर वायरल हए वीडियो क्लिप में रुचि तिवारी कहती है,
''मैंने डिग्री ली है, मैंने जर्नलिज्म का कोर्स किया है। मैंने पूरा कोर्स करने के बाद जो इंटर्नशिप करा है।'' इसी बीच पत्रकार पूछता है किस सार का आपका कोर्स और इंटर्नशिप है? इसपर जवाब देते हुए रुचि तिवारी कहती है, ''मेरा 2021-2022 के बाद का है, अब उतना याद नहीं रहता है ना, अब मुझे ग्रेजुएशन किए भी, दो साल हो गया है... मैंने जर्नलिज्म का कोर्स ग्रेजुएशन के साथ-साथ किया था। एक-डेढ़ साल हो गया मुझे, मैंने भी गैप लिया था, बहुत सारी चीजें होती हैं, ध्यान में नहीं रहता है। लेकिन अगर आपको डिग्री चाहिए तो मैं डिग्री भी दिखा दूंगी। लेकिन अगर आप मेरे ऊपर सवाल उठा रहे हैं तो क्या आप डिग्री दिखाना चाहेंगे।''
इस रुचि तिवारी को ये तक नही पता इसने journalism की डिग्री कब की लेकिन दलितों से ये जानना है की तुमको पांच हजार साल पहले पानी किसने नही पीने दिया गजब की नौटंकी चल रही है इनकी https://t.co/Q35YaFCDYI
— Sunil Kumar Anand 🔥 (@SUNILKUMAR63143) February 17, 2026
Ruchi Tiwari: I have studied journalism.
— Nehr_who? (@Nher_who) February 17, 2026
Reporter: What was the duration of your course?
Ruchi: I don't remember that much.
This is the reality of Modi Bhakts,
They too lie about their Degree just like their master. pic.twitter.com/4TnfZ5rILc
"रुचि तिवारी: 'मैंने पत्रकारिता की पूरी डिग्री ली है।'
— Ajitsingh AJ (@ajitminaa) February 17, 2026
रिपोर्टर: 'कोर्स कितने साल का था?'
रुचि: 'अब उतना याद नहीं... 3 साल पहले किया था।' भाई, असली डिग्री वाले तो साल-महीना-कॉलेज सब याद रखते हैं!
ये 'भक्ति वाली डिग्री' वाली वाली कहानी लग रही है। क्या कहते हो? #RuchiTiwari pic.twitter.com/BLEav0qPD0
इसी बयान के बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने सवाल उठाने शुरू कर दिए। कुछ लोगों का कहना है कि किसी को अपनी पढ़ाई का साल कैसे याद नहीं रह सकता। वहीं कुछ ने तंज कसते हुए इसे 'भक्ति वाली डिग्री' तक कह दिया। हालांकि रुचि तिवारी ने साफ कहा है कि अगर कोई उनकी योग्यता पर सवाल उठाता है तो वह प्रमाण दिखाने को तैयार हैं।
नाम - रुचि तिवारी
— राही विद्रोही (@Pyadav1897) February 17, 2026
काम 👇
खुद को पत्रकार बताती हैं,
पर पत्रकारिता की डिग्री कब ली—ये याद नहीं।
हाँ,
आरक्षण पर क्या बोलना है
और जनता से कैसे बहस करनी है—
ये सब पूरा याद है। 😄 pic.twitter.com/ZlVvG4pAE4
पत्रकार के पूछने पर रूचि तिवारी का जबाब सुनकर हैरान हूं जर्नलिस्म कब कि उसको पता नहीं
— Satya Prakash (@satyaluv) February 17, 2026
बोलती है इतना याद नहीं रहता न
मेरिटधारियों कि ये हालत है
और सवाल करते है आरक्षण पर pic.twitter.com/Gp4Dszpe42
कौन हैं रुचि तिवारी? (Who is Ruchi Tiwari)
रुचि तिवारी खुद को स्वतंत्र पत्रकार और यूट्यूबर बताती हैं। वह सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर वीडियो रिपोर्टिंग करती रही हैं। हालिया घटना के बाद वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्रेंड करने लगीं। उन्होंने एएनआई से बातचीत में कहा कि वीडियो सबके सामने है और लोग खुद तय कर सकते हैं कि किसने किसे उकसाया।
रुचि तिवारी कहती हैं,
"मेरे साथ क्या हुआ है, वीडियो हर जगह है, लोग खुद देख सकते हैं कि किसने किसे उकसाया। मैं एक पत्रकार हूं और वहां प्रदर्शन की कवरेज करने गई थी। मीडिया के एक व्यक्ति ने मेरा नाम लेकर मेरा ध्यान खींचा। मैं उनके पास गई, तो उन्होंने मुझसे मेरा पूरा नाम और मेरी जाति पूछी। इसके बाद उन्होंने इशारा किया और पूरी भीड़ मेरी तरफ आ गई और मुझ पर हमला कर दिया, जो वीडियो में साफ दिख रहा है। करीब 500 लोगों ने मुझ पर हमला किया। उनके पास सिर्फ झूठी कहानियां और फर्जी आरोप हैं। मेरे आसपास मौजूद लड़कियां सिर्फ इसलिए मेरे कान में रेप की धमकियां फुसफुसा रही थीं क्योंकि मैं ब्राह्मण हूं। उन्होंने कहा 'आज तू चल, तेरा नंगा परेड निकलेगा। आसपास खड़े लड़के कह रहे थे कि वे मुझे सबक सिखाएंगे। लड़कियों ने मुझे बांहों और गर्दन से पकड़ रखा था। यह हत्या की कोशिश थी। मैं बेहोश हो गई थी, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। वहां एक लड़का दूसरों को इशारा कर रहा था कि मुझे वहां से ले जाओ। क्या वे मेरा अपहरण करना चाहते थे। मेरे कपड़े फाड़े जा रहे थे, मुझे गलत तरीके से छुआ जा रहा था। वे यूजीसी के गुंडे थे, छात्र नहीं हो सकते। मुझ पर मेरी जाति की वजह से हमला हुआ। किसी ने मेरा साथ नहीं दिया। सिर्फ कुछ लॉ फैकल्टी के लोगों ने इंसानियत दिखाई और कुछ महिला पुलिसकर्मियों के साथ उनकी मदद से मैं वहां से बाहर निकल पाई। एफआईआर दर्ज हो चुकी है, मुझे कानून पर भरोसा है। यह घटना करीब आधे घंटे तक चली। वहां भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डालने जैसी स्थिति थी। मैं किसी तरह बचकर निकल पाई, यही मेरे लिए बहुत बड़ी बात है।"
#WATCH | Delhi: Ruchi Tiwari, the woman journalist who was seen being attacked during a pro-UGC protest at Delhi University yesterday, says, "...Video is everywhere, people can judge by themselves as to who provoked whom...I am a journalist, who was there to cover the protest.… pic.twitter.com/t5pT3PtNP2
— ANI (@ANI) February 14, 2026
“They wanted to parade me naked. My clothes were torn. I was touched inappropriately. All this because I am a Brahmin.”
— Anand Ranganathan (@ARanganathan72) February 14, 2026
Spine chilling testimony of Ruchi Tiwari. Would those claiming she provoked the attack on her also justify Godhra riots as a reaction to 59 Hindus burnt alive? pic.twitter.com/pOb7Up8SxR
कुलपति का बयान और सौहार्द की अपील (DU VC Statement)
घटना के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह ने बयान जारी कर छात्रों और शिक्षकों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में देश के हर राज्य और समुदाय के छात्र पढ़ते हैं, इसलिए सामाजिक सौहार्द बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि यूजीसी के नए नियम सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं और सभी को अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए।
सोशल मीडिया की अदालत में मामला
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखाया है कि आज किसी भी घटना का दूसरा ट्रायल सोशल मीडिया पर होता है। जहां एक तरफ रुचि तिवारी अपने साथ जाति के आधार पर दुर्व्यवहार का आरोप लगा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी डिग्री और पेशेवर योग्यता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। सच क्या है, यह जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही साफ होगा। फिलहाल यह मामला सिर्फ एक कैंपस विवाद नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी, पेशेवर जिम्मेदारी और सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुका है।












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