Munish Raizada: नई दिल्ली सीट पर अरविंद केजरीवाल vs मुनीश रायजादा, किसका पलड़ा भारी?
Arvind Kejriwal vs Munish Raizada: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में नई दिल्ली सीट (News Delhi Election 2025 ) पर इस बार एक नया चेहरा खड़ा हुआ है, जो पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। यह नाम है डॉक्टर मुनीश रायजादा, जो अभी भारतीय लिबरल पार्टी के सदस्य और समाजसेवी हैं। मुनीश रायजादा पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े हुए थे। अब केजरीवाल के भ्रष्टाचार के खिलाफ मैदान में हैं। कभी दोनों ही अन्ना हजारे के आंदोलन से जुड़े रहे थे।
डॉक्टर मुनीश रायजादा ने अमेरिका में अपनी डॉक्टरी प्रैक्टिस छोड़कर अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई थी। इस आंदोलन के दौरान उनका संघर्ष बहुत महत्वपूर्ण था, विशेष रूप से विदेशों से चंदा जुटाने और अन्ना हजारे के मिशन को बढ़ावा देने में। बाद में, जब अरविंद केजरीवाल की अगुआई में आम आदमी पार्टी दिल्ली में सत्ता में आई, तो रायजादा को दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य सलाहकार के तौर पर काम करने का मौका मिला। लेकिन कुछ समय बाद, रायजादा ने देखा कि आम आदमी पार्टी की नीतियां और कामकाज पारंपरिक राजनीति से भिन्न नहीं रहे और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उनका विश्वास टूट गया।

ऐसे में डॉक्टर मुनीश रायजादा ने अपनी अलग राह चुनी। आम आदमी पार्टी से अलग होकर भारतीय लिबरल पार्टी (बीएलए) का गठन किया है। उनकी पार्टी का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर करना और समाज में सुधार लाना है। रायजादा की पार्टी दिल्ली की 12 आरक्षित सीटों पर चुनावी मैदान में हैं, जिनमें नई दिल्ली सीट भी शामिल है। जहां से खुद रायजादा चुनाव लड़ रहे हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में नई दिल्ली सीट से बीएलए उम्मीदवार रायजादा की सबसे बड़ी चुनौती उनका सीमित संसाधन है। उनके पास धन की कमी है, जिससे उनकी चुनावी प्रचार में चमक-दमक की कमी है। इसके बावजूद, वे अपनी बात जनता तक पहुंचाने के लिए नुक्कड़ सभाओं और सामाजिक मंचों का सहारा ले रहे हैं। रायजादा कह रहे हैं कि आम आदमी पार्टी ने मुफ्त रेवड़ी की राजनीति को बढ़ावा दिया है, जिससे दिल्ली के विकास पर नकारात्मक असर पड़ा है। इसके साथ ही, वे केजरीवाल की विलासिता और पार्टी के भ्रष्टाचार पर लगातार हमला कर रहे हैं।
दिल्ली चुनाव 2025 में अगर रायजादा की यह राजनीति सफल होती है और उनका संदेश दिल्ली की झुग्गी-बस्ती और अनुसूचित जाति समुदाय तक पहुंचता है, तो आम आदमी पार्टी के लिए दिल्ली की सत्ता पर कब्जा करना और भी कठिन हो सकता है। चाहे उन्हें चुनावी सफलता मिले या नहीं, यह तय है कि वे केजरीवाल के वोट बैंक में सेंध जरूर लगाएंगे, जिससे इस चुनावी दौड़ में नया मोड़ आ सकता है।
दिल्ली चुनाव 2025 में वीआईपी सीट नई दिल्ली से बीएलए उम्मीदवार ने 25 जनवरी को महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि जाकर अपने गुरु अन्ना हजारे से मुलाकात की और उनसे दिल्ली चुनाव में जीत का आशीर्वाद लिया। रायजादा ने अन्ना हजारे को पत्र भी भेजा।
कौन हैं मुनीश रायजादा, अन्ना हजारे को पत्र में क्या लिखा?
पत्र में लिखा-''अन्ना, मैं मुनीश रायजादा, बाल रोग विशेषज्ञ हूं और पिछले 22 साल से शिकागो, अमेरिका में कार्यरत था। साल 2011 में मैं जनलोकपाल आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए आपके साथ था। हम सभी की एक ही इच्छा थी कि देश में जनलोकपाल के जरिए भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था बने और समाज में सुधार आए, लेकिन दुर्भाग्यवश हमारे बीच से ही एक नेता ने हमें धोखा दिया और आज वह वही व्यक्ति एक भ्रष्ट पार्टी बनाकर हमारे संघर्ष को बदनाम कर रहा है।''
भाजपा, आप व कांग्रेस पर शराब बांटने का आरोप
रायजादा ने आगे लिखा, "अन्ना, मैं नई दिल्ली विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में हूं, जहां मैं भारतीय लिबरल पार्टी की ओर से अरविंद केजरीवाल जैसे धोखेबाज के खिलाफ खड़ा हूं। मुझे आपके आशीर्वाद की आवश्यकता है। यह भी सच है कि चुनावी मैदान में उतरी तीनों पार्टियां आम आदमी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस - अपनी चुनावी जीत के लिए पैसा और शराब बांट रही हैं। मैं आपसे निवेदन करता हूं कि आप अपने आशीर्वाद से मेरा और मेरे साथियों का मार्गदर्शन करें और हमारा उत्साहवर्धन करें।"
मुनीश रायजादा को अन्ना हजारे का जवाब
अन्ना हजारे ने डॉ. रायजादा के पत्र का जवाब देते हुए एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने दिल्ली के नागरिकों से ईमानदार राजनीति का समर्थन करने की अपील की। वीडियो में अन्ना हजारे ने दिल्ली की जनता से आग्रह किया कि वे ऐसे नेताओं को वोट दें, जो जनता के सच्चे सेवक हों। लोकतांत्रिक मूल्य और ईमानदारी के लिए काम करें।












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