Video: दिल्ली में यमुना नदी पर तैरते दिखे जहरीले झागों ने पर्यावरणविदों की बढ़ाई चिंता

राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण के साथ-साथ जल प्रदूषण भी तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार को दिल्ली के कालिंदी कुंज के पास यमुना नदी पर तैरते जहरीले झाग इस बात की गवाही दे रहे हैं कि दिल्ली में जल प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है।

नई दिल्ली, 23 जून। राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण के साथ-साथ जल प्रदूषण भी तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार को दिल्ली के कालिंदी कुंज के पास यमुना नदी पर तैरते जहरीले झाग इस बात की गवाही दे रहे हैं कि दिल्ली में जल प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। इस दौरान यमुना पर जहरीले झागों की मोटी परत तैरती दिखी। बढ़ते जल प्रदूषण ने पर्यावरणविदों की चिंता बढ़ा दी है।

अनट्रीटेट सीवेज के यमुना में मिलने से बन रहे झाग

अनट्रीटेट सीवेज के यमुना में मिलने से बन रहे झाग

यह पहली बार नहीं है जब यमुना नदी पर जहरीले झागों की मोटी परत देखी गई हो। इससे पहले 6 अप्रैल 2020 को भी इस पवित्र नहीं पर जहरीले झागों की मोटी परत देखने को मिली थी।

पर्यावरणविदों के अनुसार इस जहरीले फोम के बनने का कारण संभवत: कुछ गैसों का पानी में मिलना हो सकता है जो विशिष्ट प्रकार के बैक्टीरिया के साथ प्रतिक्रिया कर जहरीले झाग बनाती हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि यमुना नदी में झाग बनना एक सामान्य घटना थी लेकिन पिछले 5-6 वर्षों में इसमें लगातार वृद्धि हुई है। गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में यमुना नदी में बनने वाले झाग को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने नौ सूत्री कार्य योजना तैयार की थी। सरकार ने कहा था कि यमुना नदी में झाग बनने का कारण अनट्रीटेट सीवेज का यमुना में मिलना था।

जल प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने उठाए थे कदम

जल प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने उठाए थे कदम

नदी में प्रदूषण को रोकने के लिए 14 जून को दिल्ली सरकार ने नवीनतम बीआईएस मानकों का पालन नहीं करने वाले साबुन, डिटर्जेंट की बिक्री, भंडारण, परिवहन और मार्केटिंग पर प्रतिबंध लगा दिया था। ये प्रतिबंध एनजीटी द्वारा जुलाई 2018 में गठित की गई यमुना मॉनिटरिंग कमेटी द्वारा जनवरी में की गई सिफारिशों के बाद लगाए गए जिन्हें एनजीटी ने स्वीकार कर लिया।

साल 2019 में वैश्विक स्तर पर बटोरी थीं सुर्खियां

साल 2019 में वैश्विक स्तर पर बटोरी थीं सुर्खियां

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा कि रंगाई उद्योगों, धोबी घाटों और घरों में इस्तेमाल होने वाले डिटर्जेंट से निकलने वाले अपशिष्ट जल यमुना नदी में मिलने से यमुना में जहरीले झाग बन रहे हैं। इस पानी में उच्च मात्रा में फॉस्फेट होता है जो झाग बनने का प्रमुख कारण है।

बता दें कि साल 2019 में यमुना नदी पर तैरते जहरीले झागों ने वैश्विक सुर्खियां बटोरी थीं। छठ पूजा के मौके पर दिल्ली के कालिंदी कुंज में यमुना नदी में कमर तक गरहे जहरीले झाग में सैकड़ों श्रद्धालु खड़े नजर आए थे।

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