दुबई घूमने की प्लानिंग कर रहे थे 64 सीनियर सिटीजन, धोखाधड़ी में गंवा बैठे 18 लाख रुपए
नई दिल्ली। दिल्ली के द्वारका इलाके में रहने वाले रिटायर विजय कुमार वैष्य और उनकी पत्नी दुबई घूमने के लिए काफी उत्साहित थे। फरवरी से ही उनकी तैयारियां शुरू हो गई थी। कपड़ों की शॉपिंग लगभग पूरी हो चुकी थी। करेंसी एक्सचेंज की भी पूरी प्लानिंग बन चुकी थी। आस पड़ोस के लोगों और रिश्तेदारों को भी अपने दुबई ट्रिप के बारे में बता दिया था। 8 मार्च को वो लोग अपने बाकी दोस्तों के साथ 5 दिन के दुबई ट्रिप पर निकलने वाले थे, लेकिन पिछले तीन महीनों सो वो खुद को अपमानित और शर्मिंदा महसूस कर रहे हैं। उन्हें दोस्तों और रिश्तेदारों के ताने सुनने पर रहे हैं। लोग उनका मजाक उड़ा रहे हैं।

दरअसल विजय और उनके दोस्त धोखाधड़ी के शिकार हो गए हैं। दुबई टूर के नाम पर उनसे उनसे 18 लाख रुपए ठग लिए गए। द्वारका में रहने वाले 76 साल के विजय कुमार वैष्य औरप उसके जैसे 31 कपल ने दुबई घूमने का प्लान बनाया था। इंडियन सिविल अकाउंट सर्विस से रिटायर हुए वैष्य और उनके दोस्तों ने दुबई में 5 रातों का ट्रिप प्लान किया था, लेकिन उनकी ये टूर डरावना सपना बन गया। मुबंई बेस टूर प्लानर निरुपथी मनय , जो कि मनय ट्रैवल एजेंसी चलाता था उसने इन बुजुर्गों को ठगी का शिकार बनाया। दुबई में 5 रातों के लिए प्रति व्यक्ति 34800 रुपए लिए गए। इस टूर में 64 लोग जाने वाले थे।
इन सीनियर सिटीजन की शिकायत के बाद आरोपी निरुपथी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक द्वारका सीनियर सिटीजन एसोशिएशन के प्रेसिडेंट बलवीर सिंह यादव ने दुबई घूमने का प्रोपजल दिया। सभी ने इसके लिए हामी भरी। फिर ट्रैवल एजेंट्स से संपर्क किया गया। जहां सभी ट्रैवल एजेंट प्रति व्यक्ति 43000 रुपए मांग रहे ते वहीं मनय ट्रैवर्स ने उनके 34800 रुपए प्रति व्यक्ति का ऑफर दिया।
सस्ते ऑफर की वजह से सबने मनय के साथ ही टूर प्लानिंग कर ली। सब मिलकर उसे 18 लाख रुपए दे दिए गए, लेकिन जैसे-जैसे जाने का वक्त नजदीक आया लोगों ने उससे टूर की प्लानिंग, होटल के नाम, फ्लाइट की टिकटों के बारे में पूछना शुरू किया। शुरू में वो टालता रहा और फिर बाद में उसने मना कर दिया। जिसके बाद लोगों ने उसे उनके पैसे लौटाने को कहा। इसके बाद से उसने फोन उठाना बंद कर दिया। सीनियर सिटीजन मिलकर उसके मुंबई स्थित ऑफिस भी गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। फिर इन लोगों ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और धोखाधड़ी के बारे में बताया। इसके फौरन बाद दी 16 जून को टूर ऑपरेटर को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन इन लोगों के पैसे अब तक नहीं मिल सके है। इन लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए कानून का सहारा लिया है।












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