किसान आंदोलन को सर्मथन देने टिकरी बॉर्डर पहुंचे सत्यदेव मांझी, 11 दिन तक चलाई 1000 किलोमीटर साइकिल
farmers protest update news: दिल्ली। नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा बनाए गए तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान पिछले कई दिनों से दिल्ली बॉर्डर पर डटे हुए हैं। किसानों की मांग है कि केंद्र सरकार इन कृषि कानूनों को वापल ले। हालांकि, केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने भी यह साफ कर दिया है कि वो इन कानूनों को किसी भी कीमत पर वापस नहीं लेगी। तो वहीं, किसान आंदोलन का समर्थन में दूर-दराज से किसानों का दिल्ली बॉर्डर पर आना लगातार जारी है। तो किसानों के समर्थन में विपक्ष भी केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर है।
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दिल्ली-हरियाणा के टिकरी बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों का समर्थन करने 60 वर्षीय बुजुर्ग सत्यदेव मांझी पहुंचे। सत्यदेव मांझी, बिहार के सीवान जिले के रहने वाले है। उन्होंने 11 दिनों तक लगातार साइकिल चलाकर करीब 1000 किलोमीटर कर सफर तय किया है। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए मांझी ने केंद्र सरकार से अपील की कि वो किसान हितों को देखते हुए तीनें नए कृषि कानून वापस ले ले।
मांझी ने कहा, 'मुझे अपने गृह जिले सीवान से यहां पहुंचने में 11 दिन लग गए। मैंने सरकार से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का आग्रह किया है। मैं तब तक यहां रहूंगा जब तक कि आंदोलन खत्म नहीं हो जाता।' बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर किसान 26 नवंबर से लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। वे केंद्र सरकार से तीनों नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े हैं। किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच कई दौर की बातचीत बेनतीजा रही है।
बता दें, किसानों के समर्थन से जुड़ी कई कहानियां हमारे सामने आई हैं। बीते मंगलवार को ही संत बाबा राम सिंह (Sant Baba Ram Singh) ने किसानों के समर्थन में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इसके अलावा विपक्ष के नेताओं के प्रदर्शनों में पहुंचने और किसानों के समर्थन में ट्वीट कर सरकार पर हमला बोलने जैसे कई किस्से भी सामने आए, लेकिन बिहार के एक बुजुर्ग सीवान के सत्यदेव के समर्थन ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है।












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