Rekha Gupta ने बताई अपने CM बनने की 'इनसाइड स्टोरी', दिलचस्प है मुख्यमंत्री बनने की कहानी!
Rekha Gupta Inside Story of Becoming Delhi CM: दिल्ली की सियासत में एक बड़ा उलटफेर हुआ है। 27 साल बाद भारतीय जनता पार्टी ने राजधानी की सत्ता में ज़ोरदार वापसी की है और मुख्यमंत्री पद के लिए एक ऐसा नाम सामने आया जिसने सभी को चौंका दिया। पार्टी ने वरिष्ठ नेता रेखा गुप्ता को राज्य की कमान सौंप दी, और हैरानी की बात ये रही कि खुद रेखा गुप्ता को भी इसकी खबर अंतिम समय तक नहीं थी।
राजनीति के गलियारों में जहां कयासों और चर्चाओं का बाजार गर्म था, वहीं पार्टी नेतृत्व ने आखिरी मौके पर ऐसा दांव चला, जिसे कोई भांप भी नहीं सका। रेखा गुप्ता ने जिस तरह से मुख्यमंत्री बनने की 'इनसाइड स्टोरी' साझा की, वो भी उतनी ही दिलचस्प है।

उन्होंने बताया कि उनका नाम कैसे टीवी रिपोर्ट्स में पहली बार सामने आया, कैसे वे विधायक दल की बैठक में बैठी चेहरों के हाव-भाव पढ़ रही थीं, और कैसे आखिरकार पार्टी ने उन्हें राजधानी की बागडोर सौंप दी।
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"टीवी से चला CM की रेस में होने का पता"
मुख्यमंत्री बनने के बाद एक खास बातचीत में रेखा गुप्ता ने बताया कि उन्हें सबसे पहले टीवी से पता चला कि उनका नाम भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में है। उन्होंने कहा, "10 दिन तक अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में अलग-अलग नाम सामने आते रहे। पूरा देश इस पर चर्चा करता रहा। हमें भी विधायक दल की बैठक में ही पता चला कि मेरा नाम तय किया गया है।"
"चेहरे पढ़कर लगाने लगे अंदाजा"
रेखा गुप्ता ने बताया, "जब विधायक दल की बैठक हुई तो एक साथी विधायक ने मुझसे पूछा कि क्या आपके पास कोई फोन आया? जब मैंने कहा कि नहीं, तो उन्होंने कहा 'चल झूठी'। इसके बाद मैं बाकी विधायकों के चेहरे देखने लगी और उनके एक्सप्रेशन से समझने की कोशिश करने लगी कि किसे कॉल आया होगा, लेकिन किसी के पास फोन नहीं आया।"
"दिल्ली में रामराज्य की शुरुआत"
मुख्यमंत्री बनने के बाद रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में बीजेपी सरकार का गठन रामराज्य की शुरुआत है। उन्होंने कहा, "मैं चाहती हूं कि दिल्ली सूर्य की तरह चमके, और यहां के लोगों का जीवन खुशहाली और समृद्धि से भरा हो।"
चुनावी नतीजों में बीजेपी को मिली बड़ी जीत
फरवरी में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 70 में से 48 सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि आम आदमी पार्टी 22 सीटों तक सिमट गई। यह 1998 के बाद पहली बार है जब बीजेपी दिल्ली की सत्ता में लौटी है।
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