नूपुर शर्मा और उनकी फैमिली को जान से मारने की मिली धमकी, दिल्ली पुलिस ने शुरू की जांच
नई दिल्ली, 06 जून: पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी करने के बाद बीजेपी ने राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा के खिलाफ एक्शन लेते हुए उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया। इस बीच दिल्ली पुलिस में पूर्व प्रवक्ता की ओर से धमकी देने की एफआईआर दर्ज होने के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। इससे पहले निलंबित बीजेपी नेता ने ट्वीट करते हुए कहा था कि मैं सभी मीडिया हाउसेज और अन्य सभी से अनुरोध करती हूं कि मेरा पता सार्वजनिक ना करें। मेरे परिवार की सुरक्षा को खतरा है।
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टीवी डिबेट के दौरान दिया विवादित बयान
नूपुर शर्मा ने एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने शिकायत दी थी कि उनको और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी मिल रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि नूपुर शर्मा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें उनको पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ उनकी विवादास्पद टिप्पणी के लिए जान से मारने की धमकी मिल रही थी। पुलिस ने एफआईआर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, एक टीवी डिबेट के दौरान नूपुर शर्मा उस वक्त अचानक विवादों से घिर गईं थी, जब उन्होंने पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी की थी, जिसके बाद यह विवाद बढ़ता चला गया। हाल ही में उनके खिलाफ मुंबई पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने, द्वेषभाव फैलाने और दूसरे धर्म के खिलाफ टिप्पणी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है, जिसको सुन्नी बरेलवी संगठन रजा अकादमी की तरफ से दर्ज कराई गई थी।
नूपुर शर्मा ने मांगी माफी
आपको बता दें कि रविवार को बीजेपी ने एक्शन लेते हुए पार्टी प्रवक्ता नुपूर शर्मा और नवीन कुमार जिंदल को सस्पेंड कर दिया था। हालांकि इसके बाद उन्होंने एक बयान जारी कर सार्वजनिक तौर पर माफी भी मांगी। उन्होंने ट्वीट करते हुए अपना बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने लिखा, ''मैं पिछले कई दिनों से टीवी डिबेट पर जा रही थी, जहां रोजाना मेरे आराध्य शिव जी का अपमान किया जा रहा था। मेरे सामने यह कहा जा रहा था कि वो शिवलिंग नहीं फव्वारा है। दिल्ली के हर फुटपाथ पर बहुत शिवलिंग पाए जाते हैं। जाओ जा के पूजा कर लो. मेरे सामने बार बार इस प्रकार से हमारे महादेव शिव जी के अपमान को मैं बर्दाश्त नहीं कर पाई और मैंने रोष में आकर कुछ चीजें कह दीं। अगर मेरे शब्दों से किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची हो तो मैं अपने शब्द वापस लेती हूं। मेरी मंशा किसी को कष्ठ पहुंचाने की कभी नहीं थी।''
इधर, बीजेपी की इस कार्रवाई से विपक्षी दल संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। समाजवादी पार्टी चीफ अखिलेश यादव के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने भी बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मायावती ने अपने बयान में कहा कि केवल सस्पेंड व निकालने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उनको सख्त कानूनों के तहत जेल भेजना चाहिए।












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