पुलिस कमिश्नर के तौर पर राकेश अस्थाना की नियुक्ति के खिलाफ दिल्ली विधानसभा में प्रस्ताव पास
दिल्ली विधानसभा में पुलिस कमिश्नर के पद पर राकेश अस्थाना की नियुक्ति को खारिज करने का प्रस्ताव पास हो गया है।
नई दिल्ली, 29 जुलाई। दिल्ली विधानसभा में पुलिस कमिश्नर के पद पर राकेश अस्थाना की नियुक्ति को खारिज करने का प्रस्ताव पास हो गया है। आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा द्वारा सदन में यह प्रस्ताव लाया गया। बता दें कि आम आदमी पार्टी के विधायकों ने राकेश अस्थाना की नियुक्ति को खारित करने की मांग की थी, जिसके बाद सदन में उनकी नियुक्ति के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया और उसे पास भी कर दिया गया। गुरुवार को दिल्ली विधानसभा में राकेश अस्थाना की पुलिस आयुक्त के पद पर नियुक्ति को लेकर चर्चा हुई।
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विधानसभा में आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा ने राकेश अस्थाना की नियुक्ति खारिज करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि राकेश अस्थाना की नियुक्ति न केवल असंवैधानिक है बल्कि यह सुप्रीम कोर्ट की अवमानना भी है। उन्होंने कहा कि साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले में कहा गया था कि अगर डीजीपी के स्तर पर किसी की नियुक्ति होनी है तो उसके रिटायरमेंट में कम से कम 6 महीने का समय होना चाहिए। इस प्रक्रिया में यूपीएससी से भी सलाह लेने का आदेश दिया गया था। जबकि राकेश अस्थाना की नियुक्ति प्रक्रिया में कोर्ट के एक भी मानक का पालन नहीं किया गया।
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मोदी जी के चहेते रहे हैं अस्थाना
संजीव झा ने कहा कि राकेश अस्थाना मोदी जी के चहेते अधिकारियों में से एक रहे हैं। जब-2 पीएम को जरूरत पड़ी, वे मौजूद रहे। उन्होंने आगे कहा कि साल 2011 में उन पर लेन देन का आरोप भी लगा था। साल 2017 में सीबीआई में उनके रहते बड़ा विवाद हुआ था। सीबीआी में उनकी नियुक्ति पर भी सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए थे।
अस्थाना को विशेष अभियान पर भेजा गया है
संजीव झा ने कहा कि अस्थाना को स्पेशल मिशन पर भेजा गया है, जब पीएम को लगता है कि उन पर कोई गाज गिर सकती है, तभी अस्थाना की नियुक्ति हो जाती है। झा ने कहा कि केंद्र को दिल्ली में हो रहे अपराध की चिंता नहीं है। यदि उन्हें चिंता होती तो AUGMUT कैडर से किसी अधिकारी की नियुक्ति होती। क्या इस कैडर में कोई अनुभवी अधिकारी नहीं है?
चुनी हुई सरकार के अधिकार छीन रहा केंद्र
झा ने कहा कि केंद्र द्वारा आज न केवल दिल्ली सरकार से उसके अधिकार छीने जा रहे हैं, बल्कि ऐसे अधिकारियों को भेजकर नेताओं को डराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र की मंशा दिल्ली को अस्थिर करने की है।
कांग्रेस ने भी उठाए सवाल
राकेश अस्थाना की नियुक्ति पर कांग्रेस पार्टी ने भी सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने कहा कि अगर 3 दिन में राकेश अस्थाना रिटायर होने वाले थे तो उनको एक्सटेंशन क्यों दिया गया?












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