मानसरोवर पार्क हत्याकांड: साजिश रचने वाले गार्ड को लूट के बाद साथियों ने उतरा मौत के घाट

नई दिल्ली। मानसरोवर पार्क इलाके में 6 अक्तूबर की रात हुई जिंदल परिवार की चार महिलाओं और एक गार्ड की हत्या की गुत्थी अपराध शाखा ने सुलझा ली है। वारदात लूट के लिए की गई थी। पुलिस ने लूट-हत्या के आरोप में गार्ड के बेटे एवं दामाद सहित पांच लोगों को बीते मंगलवार गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने अपराधियों को लेकर बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने बताया है कि हत्या वाले दिन कोई भी आरोपी मोबाइल नहीं लेकर आया था। ऐसा इसलिए किया जिससे पुलिस मोबाइल फोन के जरिए उन तक ना पहुंच सकें। पुलिस का कहना है कि इस मामले में पुलिस ने मोबाइल फोन का डंप डेटा भी लिया। इससे पहले भी कृष्णा, अनुज के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और लोकेशन चेक की थी। उस समय मोबाइल की लोकेशन पुलिस को जिंदल ऑयल मिल के पास की नहीं मिली थी।

10 दिन पहले रैकी के लिए गए थे
अब पूछताछ में राकेश का दामाद विकास यह खुलासा कर रहा है कि वारदात के समय वह अपना मोबाइल साथ लेकर गया था, जो ऑन भी था, लेकिन उस दौरान उसके फोन पर कोई फोन आदि नहीं आया था। लेकिन जब पुलिस ने 25 सितंबर की कॉल डिटेल निकाली तो रैकी के लिए 10 दिन पहले विकास, नीरज और अनुज की लोकेशन उस के आसपास मिली। जब पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो वे यह नहीं बता पाए कि वह जिंदल परिवार के घर के पास क्यों गए थे। विडंबना ये कि वारदात का मुख्य साजिशकर्ता गार्ड ही था। लेकिन, आरोपियों ने पकड़े जाने के भय से उसे भी मार डाला। उन्हें डर था कि पुलिस पूछताछ के दौरान वह वारदात का खुलासा कर देगा।

महिलाओं को ऐसी ट्रिक से गला काटा कि वे तुरंत मर जाएं
पुलिस को तफ्तीश में पता चला कि महिलाओं का गला खास तरह से काटा गया है ताकि तुरंत उनकी मौत हो जाए। ऐसे में पुलिस को पूरा शक था कि यह किसी ऐसे व्यक्ति का काम है जो मानव शरीर के बारे में जानकारी थी। आगे छानबीन में पता चला कि मारे गए गार्ड राकेश का दामाद विकास जीटीबी अस्पताल में सफाई कर्मचारी रहा है। वह अस्पताल के विभिन्न विभागों में काम कर चुका है और उसे काफी शरीर के बारे में काफी जानकारी थी।

गार्ड राकेश का डांटने आई थी नुपुर जिंदल
बीते 6 अक्तूबर की रात विकास, अनुज (गार्ड का बेटा), नीरज, सन्नी, दीपक, नीतिन और विकास उर्फ विक्की लोनी पहुंचे। इसके बाद सभी आरोपियों ने अपने मोबाइल स्वीच आफ कर दिए। वहां से दो आटो में सवार होकर वह जिंदल के घर पहुंचे। वहां राकेश ने उनके लिए मुख्य दरवाजा खोल दिया। रात लगभग 2.30 बजे राकेश ने मालकिन को दरवाजा खोलने के लिए कहा। नुपूर ने रात के समय परेशान करने के लिए गार्ड को डांटा। वह जब वापस अंदर की तरफ मुड़ी तो विकास ने पीछे से पकड़कर उसका गला काट दिया। इसके बाद सभी बदमाश अंदर दाखिल हुए और उन्होंने वहां मौजूद तीन अन्य महिलाओं की हत्या कर दी। वहीं गार्ड खुद गेट के पास खड़ा होकर निगरानी कर रहा था। हत्या के बाद उन्होंने अलमारी तोड़कर उसमें रखी नकदी एवं गहने लूट लिए।

खुलासा ना हो इस लिए गार्ड राकेश को उसके बेटे ने मार डाला
जब अपराधी फरार होने लगे तो उन्हें लगा कि मामले की के लिए पुलिस गार्ड राकेश को हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी। ऐसे में उसने कहीं पुलिस के सामने घटना खुलासा कर दिया तो वे सभी पकड़े जाएंगे। इसलिए बेटे और दामाद ने राकेश की भी हत्या कर दी थी। वारदात के बाद वह जीटीबी अस्पताल के समीप एक पार्क में पहुंचे। वहां लूटे गए 14 लाख रुपये सात जगह बंट गए। जेवरात भी बांट दिए गए। अगले दिन सभी अपनी-अपनी ड्यूटी पर लौट आए।












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