LPG Price Delhi: दिल्ली में आज क्या है रसोई गैस के दाम? जानें 14.2 kg और कमर्शियल सिलेंडर की लेटेस्ट रेट
LPG Price Delhi Today: राजधानी दिल्ली के उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है कि अप्रैल के महीने में घरेलू रसोई गैस की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, शनिवार, 18 अप्रैल 2026 को भी एलपीजी (LPG) सिलेंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं देखा गया है।
भारत, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG उपभोक्ता है, वहां रसोई गैस अब एक अनिवार्य वस्तु बन चुकी है। दिसंबर 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, देश में घरेलू खपत बढ़कर 3,083 मीट्रिक टन तक पहुंच गई है, जो इसकी बढ़ती मांग को दर्शाता है।

LPG Price Delhi Today: दिल्ली में आज की कीमतें 18 अप्रैल, 2026
आज दिल्ली में विभिन्न श्रेणियों के गैस सिलेंडरों की कीमतें निम्नलिखित हैं:
- घरेलू एलपीजी (14.2 किग्रा): ₹913.00
- कमर्शियल एलपीजी (19 किग्रा): ₹2,078.50
- छोटा एलपीजी सिलेंडर (5 किग्रा): ₹317.50
राजकीय तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल (IOCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) हर महीने अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थितियों के आधार पर इन कीमतों की समीक्षा करती हैं।
कैसे तय होते हैं LPG गैस के दाम?
दिल्ली में एलपीजी की कीमतें मुख्य रूप से दो बड़े कारकों पर निर्भर करती हैं:
अंतरराष्ट्रीय बाजार की दरें: भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा मध्य पूर्वी देशों और अमेरिका से आयात करता है। इसलिए, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर भारत में 'इंपोर्ट पैरिटी प्राइस' (Import Parity Price) को प्रभावित करता है।
डॉलर बनाम रुपया: चूंकि एलपीजी का वैश्विक व्यापार अमेरिकी डॉलर में होता है, इसलिए विनिमय दर (Exchange Rate) की भूमिका अहम हो जाती है। यदि डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होता है, तो भारत के लिए गैस आयात करना महंगा हो जाता है, जिसका बोझ अंततः ग्राहकों की जेब पर पड़ता है।
सब्सिडी और 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT)
तेल कंपनियों द्वारा निर्धारित की गई ₹913.00 की कीमत गैर-सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडर के लिए है। हालांकि, सरकार 'प्रत्यक्ष हस्तांतरित लाभ' (PAHAL) योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को सब्सिडी प्रदान करती है। वे उपभोक्ता जिनकी सलाना आय ₹10 लाख तक है, वे इस नकद सब्सिडी योजना का लाभ उठा सकते हैं। ग्राहकों को पहले बाजार मूल्य पर सिलेंडर खरीदना होता है। इसके बाद, निर्धारित सब्सिडी राशि सीधे उनके बैंक खाते में क्रेडिट कर दी जाती है।
बढ़ती मांग और वैश्विक स्थिति
भारत में एलपीजी की घरेलू खपत लगातार बढ़ रही है। 2025 के अंत तक के आंकड़े बताते हैं कि स्वच्छ ईंधन के प्रति सरकार की उज्ज्वला जैसी योजनाओं ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मांग को तेज किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में कीमतें काफी हद तक वैश्विक भू-राजनीतिक स्थितियों और डॉलर की मजबूती पर निर्भर करेंगी।














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