लोकसभा चुनाव से पहले लद्दाख के लिए अनशन कर रहे वांगचुक के सपोर्ट में आए केजरीवाल, बोले- केंद्र ने धोखा किया
Kejriwal's support to Sonam Wangchuk: लद्वाख के जानें-माने 'एक्टिविस्ट' सोनम वांगचुकृ लद्दाख को राज्य का दर्जा दिलाने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर बीती सात मार्च से अनशन कर रहे हैं। - 17 C° तापमान में खुले आसमान के नीचे लद्दाख की खुशहाली के लिए भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक के समर्थन में अब आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल आ चुके हैं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने वांगचुक के अनशन का वीडियो शेयर करते हुए कहा हम आपके और लद्दाख के लोगों के साथ हैं। यह बेहद गंभीर और बिल्कुल अस्वीकार्य है कि कैसे केंद्र ने लद्दाख को धोखा दिया है।
बता दें सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक ने जो वीडियो शेयर किया उसमेंं में खुले आसमान के नीचे धरना देते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने अपने पास रखी गिलास को दिखाया जिसमें पानी जमा हुआ था जिसको दिखाकर उन्होंने बताया किया यहां पर - 17 C° तापमान है।
सोनम वांगचुक ने कहा आज मेरी अनशन का पांचवा दिन है मैं ये लड़ाई सिर्फ लद्दाख के लिए नहीं लड़ रहा, ये लड़ाई भारत में विश्वास की कमी को ठीक करने के लिए भी है। उन्होंने कहा लोकतांत्रिक देश में आज लोग एक-दूसरे पर भरोसा नहीं करते, उन्हें नेताओं या ईवीएम की चुनाव प्रक्रिया पर भी भरोसा नहीं है।
सोनम वांगचुक ने कहा केंद्र सरकार ने दो बार अपने चुनावी घोषणापत्र में लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने का वादा किया था, लेकिन अब सरकार दो चुनाव जीतने के बाद पीछे हट गई। उन्होंने कहा लद्दाख को छठीं अनुसूचित में शामिल ना करने के कारण लद्दाख के लोगों ने लोससभा चुनाव में हिस्सा नहीं लेने का ऐलान किया था, जिसके बाद यहां के लोगों को केंद्र सरकार हेलीकाप्टर में बिठाकर दिल्ली ले गई और उन्हें समझाने की कोशिश की।
इसके साथ ही वांगचुक ने कहा इस संघर्ष के जरिए हम आने वाले समय के लिए एक अच्छी मिसाल कायम करना चाहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने आह्वान किया कि कृपया अपने शहरों से हमारा समर्थन करें।
कौन हैं सोनम वांगचुक?
इंजीनियर, इनोवेटर और क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक स्टूडेंट एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ़ लद्दाख (SECMOL) के संस्थापक-निदेशक हैं। ये संस्था लद्दाख में वर्षों से शिक्षा प्रणाली में सुधार करने का कार्य कर रही है। आपको याद हो तो '3 इडियट्स' फिल्म में आमिर खान ने रैंचो का जो किरदार निभाया था वो कथित तौर पर सोनम वांगचुक की रियल जीवन और शिक्षा के लिए किए गए उनके संघर्ष पर आधारित था।
NCST भी कर चुका सिफारिश
बता दें संविधान की छठी सूची में केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख को शामिल करने की डिमांड लंबे समय से की जा रही है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने भी इसकी सिफारिश की है।
NCST क्या है?
NCST वो संवैधानिक निकाय है जिसे केंद्र द्वारा अनुसूचित जनजातियों के सामाजिक-सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा के लिये लद्दाख में आदिवासियों की स्थिति की जांच करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी।
छठी अनुसूची क्या है?
संविधान की छठी अनुसूची में कुछ जनजातीय क्षेत्रों को स्वायत्त संस्थाओं के रूप में प्रशासन के लिए प्रावधान किया गया है। छठी अनुसूची में असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों में जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित प्रावधान वर्णित किए गए हैं।
लद्दाख को क्या मिलेगा लाभ?
संवियधान की छठी अनुसूची में शामिल किए जाने से लद्दाख क्षेत्र में शक्तियों के लोकतांत्रिक हस्तांरण में सहायता मिलेगी और लद्दाख के तेजी से विकास के लिए धन के हस्तांतरण में भी वृद्धि होगी।












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