घर-घर राशन योजना: BJP का पलटवार- केंद्र की ओर से सप्लाई ज्यादा, जनता को बांटने में केजरीवाल असफल
नई दिल्ली, 6 जून: केंद्र सरकार ने अगले हफ्ते से दिल्ली में शुरू होने वाली 'घर-घर राशन' योजना पर रोक लगा दी है, जिसके बाद से केजरीवाल सरकार के साथ उनका नया विवाद शुरू हो गया है। रविवार सुबह सीएम अरविंद केजरीवाल ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस की। साथ ही बीजेपी और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि राजनीतिक कारणों से केंद्र चाहती है कि ये योजना गरीबों तक ना पहुंचे, जिस पर अब बीजेपी ने पलटवार किया है।

मामले में बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि केजरीवाल ने आज बात रखी है कि पीएम मोदी दिल्ली की गरीब जनता को उनके अधिकार से वंचित रख रहे और घर-घर राशन रोकने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि ऐसा नहीं है। मोदी सरकार नेशनल फूड सेक्यूरिटी एक्ट और पीएम गरीब कल्याण योजना द्वारा दिल्ली के जरूरतमंदों तक राशन पहुंचा रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मई और 5 जून तक दिल्ली को तय कोटे से अधिक 72,782 मीट्रिक टन अनाज भेजा गया है। फिर भी दिल्ली अभी सिर्फ 53,000 मीट्रिक टन अनाज ही उठा पाई है, जिसका 68 प्रतिशत ही जनता के पास पहुंचा है।
केजरीवाल ने लगाया ये आरोप
सीएम केजरीवाल ने कहा कि अगले हफ्ते से घर-घर राशन पहुंचाने का काम शुरू होने वाला था। सारी तैयारी हो गई थी और अचानक केंद्र ने 2 दिन पहले इसे क्यों रोक दिया? ये कह के इसे खारिज किया गया है कि हमने केंद्र सरकार से इसकी मंजूरी नहीं ली। ये बात पूरी तरह से गलत है। सीएम के मुताबिक दिल्ली सरकार ने एक बार नहीं बल्कि 5 बार केंद्र से मंजूरी ली है। कानूनन किसी मंजूरी की जरूरत नहीं है। राशन की होम डिलिवरी क्यों नहीं होनी चाहिए? आप राशन माफिया के साथ खड़े होंगे तो गरीबों के साथ कौन खड़ा होगा? उन 70 लाख गरीबों का क्या होगा जिनका राशन ये राशन माफिया चोरी कर लेते हैं।












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