IT Rules: व्हाट्सएप और फेसबुक की याचिका पर दिल्ली HC ने केंद्र से मांगा जवाब
नई दिल्ली, 27 अगस्त। दिल्ली हाईकोर्ट ने व्हाट्सएप और फेसबुक की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। व्हाट्सएप और फेसबुक ने आईटी नियमों को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। मामले की अगली सुनवाई 22 अक्टूबर को होगी।
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केंद्र सरकार ने हाल ही नए आईटी नियम को लागू कर दिया है। नियम के मुताबिक अब मैसेजिंग सेवा देने वाले आईटी प्लेटफॉर्म को यूजर द्वारा भेजे जाने वाले संदेशों के मूल स्रोतों का रिकॉर्ड रखना होगा। व्हाट्सएप और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म यूजर की निजता और गोपनीयता का हवाला देते हुए इसका विरोध कर रहे हैं।
हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
फेसबुक और व्हाट्सएप ने आईटी नियमों को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था जिस पर हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। याचिका में नए आईटी नियमों को नागरिकों की निजता का उल्लंघन करने वाला और असंवैधानिक कहा गया है। मामले में हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए केंद्र से जवाब देने को कहा है।
सुनवाई के दौरान केंद्र की तरफ से वकील ने उनके मुख्य वकील के न होने पर सुनवाई टालने की मांग की जिसका व्हाट्स और फेसबुक की तरफ से पेश वकील हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी ने विरोध किया।
इस नियम का विरोध
फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी व्हाट्सएप ने अपनी याचिका में कहा है कि सरकार या कोर्ट के आदेश पर इंटरमीडियरीज को सूचना की पहले स्रोत की पहचान बताने को कहने से एंट-टू-एंड इनक्रिप्शन और इससे यूजर की निजता के सुरक्षित रहने के फायदों को जोखिम में डाल दिया है।
व्हाट्सएप का दावा है कि एंट-टू-एंड इनक्रिप्शन की सुविधा के तहत यूजर्स की बातचीत पूरी तरह से सुरक्षित होती है और प्लेटफॉर्म पर कोई भी यूजर के बीच होने वाले संदेशों को पढ़ नहीं सकता है। लेकिन नए आईटी नियमों के तहत कंपनी को अब यूजर्स के सारे मैसेज की जानकारी अपने पास रखनी होगी और उसे जरूरत पड़ने पर सरकार के साथ साझा भी करना पड़ सकता है।
व्हाट्सएप ने कोर्ट से मांग की है कि इंटरमीडियरी नियमों की प्रावधान 4(2) को अंसवैधानिक घोषित किया जाए और इसके लिए किसी भी तरह की आपराधिक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।












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