Indore Water Tragedy: इंदौर में पानी से 14 मौतें, AAP ने चेताया- दिल्ली समेत इन शहरों के लिए खतरे की घंटी
Indore Water Tragedy: इंदौर में दूषित पेयजल से 14 मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार पड़ने की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने इसे दिल्ली और अन्य बड़े शहरों के लिए 'खतरे की बड़ी चेतावनी' बताया है। उन्होंने कहा कि BJP शासित शहरों में लापरवाही बरतने की वजह से ऐसी त्रासदी कहीं भी हो सकती है।
पार्टी की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने भी PM मोदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि मरने वाले हिंदू थे, लेकिन उनकी चीखें सरकार तक नहीं पहुंचीं। यह घटना पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठाती है। आइए, इस जानते हैं इंदौर कांड की पृष्ठभूमि, AAP के बयान और दिल्लीवासियों के लिए सावधानियां...

Indore Toxic Water Scandal: इंदौर का जहरीला पानी कांड क्या है? 14 जानें गईं
31 दिसंबर 2025 को इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 200 से ज्यादा बीमार पड़े। जांच में पाया गया कि सीवर का पानी पीने के पानी में मिल गया था। स्थानीय लोगों ने 2 साल से शिकायत की थी कि पानी में जहर और एसिड जैसी गंध आ रही है, लेकिन BJP शासित नगर निगम और राज्य सरकार ने ध्यान नहीं दिया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का वीडियो भी वायरल हुआ, जहां उन्होंने पत्रकारों को अपशब्द कहे। यह घटना BJP की गवर्नेंस पर सवाल उठाती है, क्योंकि इंदौर को 'सबसे स्वच्छ शहर' का खिताब मिला हुआ है।
अनुराग ढांडा की चेतावनी: दिल्लीवाले सावधान रहें
AAP के अनुराग ढांडा ने कहा कि इंदौर की घटना BJP सरकारों की लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण है। उन्होंने कहा:-
- 'मध्य प्रदेश में सांसद, विधायक, पार्षद, नगर निगम और सरकार सब BJP के हैं, फिर भी गंदा पानी पीने से 14 मौतें हो गईं।'
- 'मंत्री से सवाल पूछो तो अपशब्द मिलते हैं, जनता की जान की कोई कीमत नहीं।'
- 'दिल्ली में भी अब BJP की सरकार (केंद्र और MCD) है, इसलिए दिल्लीवासी पीने के पानी को लेकर बहुत सतर्क रहें।'
- 'मुंबई, दिल्ली जैसे बड़े शहरों में BJP सरकारें हैं, इंदौर जैसी लापरवाही कहीं भी दोहराई जा सकती है।'
- सुझाव: बड़े शहरों में पीने के पानी और सीवेज जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी बने, ताकि ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।
- ढांडा ने BJP के 'घमंड' पर तंज कसा, कहा कि सरकारें गिराने और झूठे केस बनाने में व्यस्त हैं, गवर्नेंस में फेल।
प्रियंका कक्कड़ का हमला: PM मोदी को क्यों नहीं सुनाई देतीं चीखें?
AAP प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने PM मोदी पर निशाना साधा:-
- '2 साल से शिकायतें थीं कि पानी में जहर और सीवर मिला है, लेकिन कोई एक्शन नहीं।'
- 'मरने वाले हिंदू थे, लेकिन उनकी चीखें PM मोदी तक नहीं पहुंचीं - इस्तीफा या जवाबदेही क्यों नहीं?'
- 'PM विकसित भारत का दावा करते हैं, लेकिन जहरीला पानी और हवा से मौतें हो रही हैं।'
- 'BJP का फोकस सिर्फ खरीद-फरोख्त, वोट चोरी और विपक्ष पर केस पर है, गवर्नेंस जीरो।'
कक्कड़ ने इंदौर को 'स्वच्छ शहर' का तमगा मिलने पर तंज कसा, कहा कि असलियत मौतों से सामने आ गई।
दिल्लीवासियों के लिए सावधानियां: क्या करें, क्या न करें
इंदौर कांड से सबक लेकर दिल्ली और अन्य शहरों के लोग पानी की सुरक्षा पर फोकस करें:
- रोजाना जांच: घर में आने वाले पानी की गंध, रंग और स्वाद चेक करें। अगर संदेह हो तो बोतलबंद पानी इस्तेमाल करें।
- शिकायत करें: MCD या जल बोर्ड हेल्पलाइन पर तुरंत रिपोर्ट करें। दिल्ली में 1916 या AAP की हेल्पलाइन यूज करें।
- फिल्टर इस्तेमाल: RO या UV फिल्टर लगाएं, नियमित सर्विस कराएं।
- समुदायिक सतर्कता: मोहल्ले में पानी की क्वालिटी पर नजर रखें, ग्रुप बनाकर जांच कराएं।
- सरकारी सुविधाएं: दिल्ली जल बोर्ड की वेबसाइट से वाटर टेस्टिंग किट या लैब टेस्ट कराएं।
अगर पानी में जहर का शक हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें - उल्टी, दस्त या त्वचा जलन जैसे लक्षण नजरअंदाज न करें।
लापरवाही रोकने की जरूरत, या दोहराएगी त्रासदी?
इंदौर की घटना BJP शासित शहरों में गवर्नेंस की खामियों को उजागर करती है। AAP की चेतावनी सही समय पर आई है, लेकिन क्या केंद्र या राज्य सरकारें केंद्रीय जांच एजेंसी बनाएंगी? दिल्लीवासी अब ज्यादा सतर्क हैं, लेकिन सिस्टम में बदलाव जरूरी। सोशल मीडिया पर SafeWaterIndore ट्रेंड कर रहा है, लोग जवाबदेही मांग रहे हैं। क्या यह कांड सबक बनेगा या भुला दिया जाएगा? बहस जारी है, लेकिन जनता की जान से खिलवाड़ बंद होना चाहिए।












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