Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

'India Gate का नाम बदल दो', बीजेपी के इस मुस्लिम नेता की PM Modi से बड़ी मांग, बताया क्या होना चाहिए

India Gate: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर एक बड़ी मांग की है। उन्होंने राजधानी दिल्ली की शान इंडिया गेट (India Gate) का नाम बदलकर 'भारत माता द्वार' (Renaming of India Gate) करने की डिमांड की है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि यह बदलाव भारत के शहीदों के लिए एक सच्ची श्रद्धांजलि होगी। सिद्दीकी ने कहा कि प्रतिष्ठित संरचना का नाम बदलकर 'भारत माता द्वार' (Rename India Gate to Bharat Mata Dwar) करना राष्ट्र की भावना को बेहतर ढंग से दर्शाएगा और देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वालों के बलिदान का सम्मान करेगा।

India Gate

सिद्दीकी ने अपने पत्र में लिखा, "आपके नेतृत्व में भारत के 140 करोड़ भारतीय भाई-बहनों के दिल में राष्ट्र प्रेम एवं भारतीय संस्कृति के प्रति प्यार में समर्पण की भावना बढ़ी हैं। जिस प्रकार से आपके कार्यकाल में मुगल आक्रांता एवं लुटेरे अंग्रेजों द्वारा दिए गए घाव को भरा गया है एवं गुलामी के दाग को धोया है, इससे पूरे भारत में खुशी है।"
ये भी पढ़ें: CM धामी ने नई दिल्ली में PM नरेंद्र मोदी से की मुलाकात, जानिए क्या बात हुई, क्या खास तोहफा दिया

'हजारों शहीद देशभक्तों के नाम होगी सच्ची श्रद्धांजलि'

उन्होंने आगे लिखा, "महोदय आपने करूर मुगल औरंगजेब के नाम पर बनी रोड का नाम बदलकर ए.पी.जे. कलाम रोड किया, इंडिया गेट पर लगे किंग जॉर्ज पंचम की मूर्ति हटाकर नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की मूर्ति लगाई एवं राजपथ का नाम कर्तव्य पथ करके भारत की संस्कृति से जोड़ा है। उसी प्रकार से इंडिया गेट का नाम बदलकर भारत माता द्वार करने की कृपा करें।"

सिद्दीकी प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में आगे कहा, "इंडिया गेट को भारत माता द्वार करने से उस स्तंभ पर दर्ज हजारो शहीद देशभक्तों के नाम को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। आपसे विनम्र अनुरोध है कि मेरे प्रस्ताव पर विचार कर भारत माता द्वार करने की कृपा करें।"

इंडिया गेट का इतिहास (India Gate History)

नई दिल्ली में कर्त्तव्य पथ के पास स्थित इंडिया गेट, भारतीय सेना के लगभग 75,000 सैनिकों के बलिदान का सम्मान करते हुए एक युद्ध स्मारक के रूप में खड़ा है। इन सैनिकों ने प्रथम विश्व युद्ध (1914-1921) के दौरान फ्रांस, फ्लैंडर्स, मेसोपोटामिया, फारस, पूर्वी अफ्रीका, गैलीपोली और निकट और सुदूर पूर्व के अन्य क्षेत्रों के साथ-साथ तीसरे एंग्लो-अफगान युद्ध के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी थी।

सर एडविन लुटियंस द्वारा डिजाइन किए गए इंडिया गेट की स्थापत्य शैली रोम में आर्क ऑफ कॉन्स्टेंटाइन जैसे प्राचीन रोमन विजयी मेहराबों से प्रेरित है। इसकी तुलना पेरिस में आर्क डी ट्रायम्फ और मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया जैसी प्रतिष्ठित संरचनाओं से भी की जाती है।

'इंडिया गेट' राष्ट्रिय गौरव का प्रतिक ('India Gate' Symbol of National Pride)

भारत के सबसे बड़े युद्ध स्मारकों में से एक के रूप में पहचाना जाने वाला इंडिया गेट राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। गणतंत्र दिवस पर प्रधानमंत्री अमर जवान ज्योति पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए स्मारक पर जाते हैं, जिसके बाद गणतंत्र दिवस परेड शुरू होती है, जिससे यह भारत की औपचारिक परंपराओं में एक महत्वपूर्ण स्थल बना हुआ है।
ये भी पढ़ें: Delhi Election 2025: दिल्ली चुनाव की तारीखों का ऐलान कब? चुनाव आयोग से आया बड़ा अपडेट

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+