दिल्ली में 50% से अधिक किशोर छाती के रोगों से संक्रमित, 29% अस्थमा के शिकार- वायु प्रदूषण पर डॉ. अरविंद कुमार
वायु प्रदूषण को लेकर आईसीएस-मेदांता के अध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि लंग केयर फाउंडेशन के अध्ययन के अनुसार दिल्ली के 50% से अधिक किशोर छाती के रोगों से ग्रसित हैं, 29% लोग अस्थमा के शिकार हैं।
नई दिल्ली, 7 नवंबर। वायु प्रदूषण को लेकर आईसीएस-मेदांता के अध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि लंग केयर फाउंडेशन के अध्ययन के अनुसार दिल्ली के 50% से अधिक किशोर छाती के रोगों से ग्रसित हैं, 29% लोग अस्थमा के शिकार हैं, जबकि 40 प्रतिशत लोग मोटापे से ग्रसित हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे वायु प्रदूषण से बुरी तरह प्रभावित हैं।

स्मोक टावर जनता के पैसों की बर्बादी
दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए स्थापित किए गए स्मोक टावर को लेकर उन्होंने कहा कि यह जनता के पैसों की बर्बादी है और एक गंभीर गलती है। क्योंकि कोई हवा स्वच्छ नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण ने कोरोना से अधिक लोगों की जान ली है।
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वायु प्रदूषण एक स्वास्थ्य आपात स्थिति
वहीं, दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर पर्यावरणविद विमलेंदु झा ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि हम उत्तर भारत में वर्तमान वायु प्रदूषण संकट की गंभीरता को समझें। यह एक स्वास्थ्य आपात स्थिति है। पराली जलाने का भी वायु प्रदूषण में बड़ा योगदान है। बता दें कि दिल्ली में दिवाली के बाद वायु प्रदूषण गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। सफर के आकलन के अनुसार आज सुबह 6.15 बजे दिल्ली की हवा की गुणवत्ता गंभीर पाई गई। एयर क्वालिटी इंडेक्स 436 पाया गया। हालांकि राजधानी का एक्यूआई शनिवार रात को भी 437 था। दिल्ली की सरकार वायु प्रदूषण के प्रति खुद को गंभीर बताती है, लेकिन हालात में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। जहां दिल्ली की सरकार पड़ोसी राज्यों में होने वाले प्रदूषण को इसका जिम्मेदार मानते हैं, वहीं पड़ोसी राज्य केजरीवाल सरकार पर इसको लेकर गंभीर न होने का आरोप लगाते रहे हैं।












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