Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Judge Cash Case: जस्टिस यशवंत वर्मा के घर के अंदर जले नोटों का अनकट Video आया सामने! अब उठ रहे हैं ये 5 सवाल

Judge Cash Case: भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली हाईकोर्ट के जज यशवंत वर्मा के आवास पर कथित रूप से बड़ी मात्रा में नकदी पाए जाने के मामले में उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़े दस्तावेज, पत्राचार, तस्वीरें और वीडियो भी अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक किए हैं।

यह घटना 14 मार्च 2025 को घटी थी, लेकिन 20 मार्च को मीडिया में इस बारे में खबरें सामने आईं। दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के आवास के पास जला हुआ मलबा देखा गया है। इसके वीडियो भी सामने आए हैं। हालांकि, जस्टिस वर्मा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है।

Judge Cash Case

पहले सुप्रीम कोर्ट और फायर विभाग ने इन खबरों को अफवाह करार दिया था। लेकिन बाद में जब पुलिस और मीडिया की रिपोर्ट्स में नकदी मिलने की बात दोहराई जाने लगी, तो कोर्ट ने आधिकारिक बयान जारी कर मामले की जांच शुरू कर दी। दिल्ली फायर चीफ अतुल गर्ग ने मीडिया पर नकदी बरामदगी की खबर को झूठा बताने का आरोप भी लगाया।
ये भी पढ़ें: 'जस्टिस यशवंत वर्मा आखिर इलाहाबाद हाई कोर्ट के लिए कैसे फिट हैं', मशहूर वकील हरीश साल्वे ने उठाए सवाल

{video1}

3 सदस्यीय कमेटी का गठन

अब सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस शील नागु की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। इसमें हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस जीएस संधावालिया और कर्नाटक हाईकोर्ट की जस्टिस अनु शिवरामन शामिल हैं। यह कमेटी जांच कर अपनी रिपोर्ट भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) संजीव खन्ना को सौंपेगी।

जस्टिस वर्मा को न्यायिक कार्यों से रोका गयासुप्रीम कोर्ट ने 22 मार्च को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि जांच पूरी होने तक जस्टिस वर्मा को किसी भी न्यायिक कार्य से अलग कर दिया गया है। पहले उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने की योजना थी, लेकिन आलोचनाओं के बाद उन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया। दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को निर्देश दिया गया है कि वे जस्टिस वर्मा को कोई भी कार्य न सौंपें।

जस्टिस वर्मा पर उठ रहे सवाल

अब जस्टिस वर्मा को लेकर 5 बड़े सवाल लोगों के मन में उठ रहे हैं-

  1. आवास के परिसर में कथित 15 करोड़ मिले कैश को जस्टिस यशवंत वर्मा कैसे जस्टिफाई करेंगे?
  2. जस्टिस यशवंत वर्मा को ये भी बताना चाहिए कि...जितनी भी रकम मिली है...उसका सोर्स क्या है?
  3. 15 मार्च 2025 की सुबह किस व्यक्ति ने जले हुए नोटों को उस कमरे से हटाया था?
  4. क्या जस्टिस वर्मा को इस्तीफा नहीं देना चाहिए?
  5. जस्टिस वर्मा ने कहा है कि उन्हें फंसाया जा रहा है तो..उनको ये बताना चाहिए कि हाई सिक्योरिटी वाले जज के बंगले में किसी बाहरी का प्रवेश कैसे संभव है?

सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख

20 मार्च को CJI खन्ना को इस मामले से जुड़े सभी दस्तावेज, फोटो और वीडियो सौंपे गए। 21 मार्च को CJI ने जस्टिस वर्मा से इस मामले पर औपचारिक जवाब मांगा। उनसे पूछा गया:

  1. उनके बंगले के स्टोररूम में नकदी कैसे आई?
  2. इस नकदी का स्रोत क्या है?
  3. 15 मार्च की सुबह स्टोररूम से नकदी किसने हटाई?

साथ ही, CJI ने निर्देश दिया कि जस्टिस वर्मा अपना मोबाइल फोन सुरक्षित रखें और किसी भी डेटा, कॉल या मैसेज को न हटाएं। इसके अलावा, उनके फोन नंबरों के पिछले छह महीने के कॉल रिकॉर्ड भी मांगे गए।

कैसे सामने आई घटना?

14 मार्च 2025 की रात को दिल्ली के तुगलक क्रेसेंट स्थित जस्टिस वर्मा के आधिकारिक बंगले के स्टोररूम में आग लग गई थी। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, रात 11:43 बजे उनके निजी सचिव ने दिल्ली हाईकोर्ट के पंजीकृत नंबर से पुलिस को फोन कर आग लगने की सूचना दी।

स्टोर रूम से मिले जले हुए नोट

दमकल विभाग की दो गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। आग मुख्य रूप से बंगले के एक स्टोररूम में लगी थी, जो CRPF जवानों की चौकी के पास था। शुरुआती जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया, लेकिन जब वहां जली हुई भारतीय मुद्रा के अवशेष मिले, तो मामला संदिग्ध हो गया।

नकदी गायब होने का दावा

15 मार्च को दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय को घटना की जानकारी दी। जब मुख्य न्यायाधीश को जली हुई नकदी की जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत CJI खन्ना को सूचित किया।

इसके बाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार-कम-सेक्रेटरी को मौके पर भेजा गया। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि पूरा कमरा काला पड़ चुका था और छत से जले हुए सामान लटक रहे थे। लेकिन पुलिस द्वारा बताई गई जली हुई नकदी वहां मौजूद नहीं थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के बाद किसी ने उस नकदी को हटा दिया था।

जस्टिस वर्मा का बयान

जस्टिस वर्मा ने इस मामले में किसी भी नकदी की मौजूदगी से साफ इनकार किया है। उन्होंने बताया कि घटना के समय वे अपनी पत्नी के साथ मध्य प्रदेश में थे और 15 मार्च की शाम दिल्ली लौटे। 17 मार्च को जब मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें कथित जली हुई नकदी की तस्वीरें दिखाईं, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से इससे अनभिज्ञता जताई।

उन्होंने कहा, "जहां आग लगी थी, वहां केवल अनुपयोगी घरेलू सामान जैसे फर्नीचर और गद्दे रखे थे। मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं कि मैंने या मेरे परिवार के किसी भी सदस्य ने वहां नकदी नहीं रखी थी। यह सोचना भी अजीब है कि कोई खुले स्टोररूम में इतनी नकदी रखेगा।" उन्होंने इसे साजिश करार दिया।

जस्टिस वर्मा ने आरोपों को खारिज किया

22 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने जांच कमेटी बनाने की घोषणा कर दी। जस्टिस वर्मा ने अपने जवाब में सभी आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा, "मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं कि मैंने या मेरे परिवार के किसी भी सदस्य ने वहां नकदी नहीं रखी थी। इसका कोई सवाल ही नहीं उठता।" साथ ही, उन्होंने नकदी हटाने के आरोप को भी गलत बताया। अब सुप्रीम कोर्ट की गठित कमेटी इस मामले की गहन जांच कर रिपोर्ट पेश करेगी।
ये भी पढ़ें: बोरियों में अधजले नोट, CJI ने मांगे कॉल रिकॉर्ड, जांच के लिए कमेटी, जस्टिस यशवंत वर्मा केस के 5 बड़े अपडेट

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+