Delhi Heatwave Alert: दिल्ली क्यों बनी है आग का गोला? क्या है 52.3°C के मायने? जानिए हर सवाल का जवाब
Delhi Heat wave News: मई-जून की जोड़ी देशवासियों को गर्मी से बेहाल करने के लिए मशहूर हैं। इस साल भी कुछ ऐसे ही हालात देखने को मिल हैं। मई का महीना जाते-जाते भी दिल्ली को आग का गोला बनाए हुए है। मंगलवार को शहर के कुछ इलाकों में तापमान 50.°C डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, जबकि कई इलाकों में 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान दर्ज किया गया। जिससे, लोगों का हाल-बेहाल है।
वहीं, जून की दस्तक में क्या होगा, अभी कुछ भी कह पाना मुश्किल है। लेकिन, सभी के जहन में सवाल उठना लाजमी है कि कबसे मिल सकती है राहत? दिल्ली क्यों बनी है आग का गोला? क्या है 52.3°C के मायने? आइए जानते हैं ऐसे ही सवालों के IMD से जवाब...

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार को दिल्ली के कई इलाकों में भीषण गर्मी और तेज हवाएं चलने के साथ आसमान साफ रहने का अनुमान जताया है। मौजूदा गर्म लहर की स्थिति के कारण शहर में अगले दो दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। आधिकारिक संकेतक के रूप में कार्य करने वाली सफदरजंग वेधशाला ने मंगलवार को अपना उच्चतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो मौसमी औसत से पांच डिग्री अधिक था।
क्या कभी भारत में तापमान 52.3°C रहा?
- इस समय, दिल्ली के एक मौसम केंद्र पर तापमान 52.3 डिग्री दर्ज किया गया, जो राष्ट्रीय राजधानी में अब तक का सबसे अधिक तापमान है।
- राजस्थान के चूरू और हरियाणा के सिरसा में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चल रहा है, जबकि दिल्ली में यह सामान्य से 9° अधिक है।
- राजस्थान के चूरू में देश में सबसे अधिक तापमान 50.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसके बाद हरियाणा के सिरसा-एडब्ल्यूएस में 50.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
- भारत में अब तक का सबसे ज्यादा तापमान मई 2016 में दर्ज किया गया था, जब राजस्थान के फलौदी में 51 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस मौसम में कई जगहों पर तापमान 51 डिग्री के पार पहुंच गया है।
- इससे पहले, राजस्थान के अलवर में 1956 में भारत में सबसे ज्यादा तापमान 50.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का रिकॉर्ड था।
क्या है 52.3°C के मायने?
- राजस्थान से आने वाली गर्म हवाओं के कारण दिल्ली का तापमान और बढ़ गया है, जिसका असर विशेषकर बाहरी इलाकों पर पड़ रहा है।
- स्काईमेट वेदर के महेश पलावत बताते हैं कि खाली पड़ी जमीन वाले खुले इलाकों में विकिरण बढ़ जाता है, जिससे सीधी धूप और छाया की कमी के कारण तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। पलावत ने बताया कि जब हवाएं पश्चिम से चलती हैं, तो ये खुले इलाके सबसे पहले प्रभावित होते हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है।
- आईएमडी के क्षेत्रीय प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव की मानें तो, दिल्ली के बाहरी इलाके राजस्थान से आने वाली गर्म हवाओं से सबसे पहले प्रभावित होने वाले क्षेत्र हैं। जिसमें मुंगेशपुर, नरेला और नजफगढ़ जैसी जगहों पर भीषण गर्मी पड़ रही है।
- आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में गर्मी की स्थिति के लिए मई के उत्तरार्ध में पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति को जिम्मेदार मानते हैं। पश्चिमी विक्षोभ, भूमध्य सागर के ऊपर बनने वाले अतिरिक्त उष्णकटिबंधीय मौसम प्रणालियां, आमतौर पर पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ते हैं।
गर्मी से राहत कब मिलेगी?
- आईएमडी के मुताबिक, 30 मई से चल रही भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। गुरुवार को, उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ आने की आशंका है, जिसके परिणामस्वरूप हफ्ते में इस क्षेत्र में कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है।
- बीती 28 मई को दक्षिणी राजस्थान के बाड़मेर, जोधपुर, उदयपुर, सिरोही और जालौर जैसे जिलों में तापमान में चार डिग्री तक की गिरावट के साथ कुछ राहत देखी गई।
- तापमान में यह गिरावट अरब सागर से आने वाली नम हवाओं के कारण हुई है, जो उत्तर-पश्चिम भारत में गर्मी की स्थिति में कमी आने का संकेत है।
- संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान मॉडल संकेत देते हैं कि तापमान में कमी की यह प्रवृत्ति उत्तर की ओर बढ़ेगी, जिससे 30 मई से धीरे-धीरे लू की स्थिति से राहत मिलेगी।
हीटवेव (लू) से प्रभावित होने पर क्या करें?
- छायादार स्थान पर जाएं: धूप से बचने के लिए किसी छायादार या ठंडे स्थान पर जाएं।
- पानी पीएं: खूब सारा पानी पीएं ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे। नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी आदि भी पी सकते हैं।
- ठंडे कपड़े पहनें: हल्के और ढीले कपड़े पहनें। सिर और गर्दन को ठंडे पानी से गीला करें।
- आराम करें: ज्यादा शारीरिक मेहनत से बचें और आराम करें।
- ठंडे पानी से स्नान: ठंडे पानी से नहाएं या गीले कपड़े से शरीर पोंछें।
- फैन या एसी का इस्तेमाल करें: पंखे या एयर कंडीशनर का उपयोग करें।
- चक्कर आने पर लेटे: अगर चक्कर आए तो लेट जाएं और पैरों को ऊंचा रखें।
- नमक-चीनी का घोल: अगर कमजोरी महसूस हो रही हो तो नमक-चीनी का घोल पीएं।
- अगर स्थिति गंभीर हो जाए, जैसे बेहोशी, अत्यधिक पसीना, या उल्टी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। हीटवेव के दौरान विशेष सावधानी बरतें और खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखें।












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