केजरीवाल सरकार ने महिला सुरक्षा को लेकर किए ये 5 बड़े फैसले, महिलाओं पर गलत नजर डालने की नहीं होगी हिम्मत
बस से लेकर मोहल्ले की गली तक में केजरीवाल सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं...
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने अहम 5 फैसले किए हैं। इसके बाद दिल्ली में महिलाओं पर गलत नजर डालने की हिम्मत कोई मनचला नहीं कर पाएगा। बस से लेकर मोहल्ले की गली तक में केजरीवाल सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। आइये इन 5 फैसलों के बारे में बताते हैं:

डीटीसी बसों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन
केजरीवाल सरकार, महिला सुरक्षा को प्रमुखता देते हुए 5,500 डीटीसी और क्लस्टर बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम कर रही है। अभी तक 96 फीसदी बसों में कैमरे लगाए जा चुके हैं। प्रत्येक बस में सुरक्षा के लिए तीन कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा प्रत्येक बस में 10 पैनिक बटन लगाए गए हैं, ताकि कोई घटना होने पर बस में सवार यात्री पैनिक बटन को दबा कर मदद प्राप्त कर सके।
दिल्ली में 20 इंफोर्समेंट वैन की गईं तैनात
महिला सुरक्षा के मद्देनजर नवंबर 2020 में 20 इंफोर्समेंट वैन प्रमुख स्थानों पर तैनात की गई है। आपातकाल की स्थिति में पैनिक बटन दबाए जाने पर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को एक सिग्नल चला जाएगा, जो स्थिति की नजाकत के आधार पर ट्रैफिक पुलिस, एम्बुलेंस, डिपो नियंत्रण कक्ष और फायर सर्विसेज आदि को सम्बंधित अलर्ट भेज देगा। इसके साथ ही डिपो कंट्रोल रूम तुरंत क्षेत्रीय नियंत्रण कक्ष के माध्यम से निकटतम इंफोर्समेंट वैन को मौके पर भेजेगा।
दिल्ली की बसों में मार्शल तैनात
केजरीवाल सरकार की ओर से डीटीसी और क्लस्टर बसों में मार्शल तैनात कर दिए गए हैं। ताकि कोई भी महिलाओं से छेड़छाड़ न कर पाए। दिल्ली की केजरीवाल सरकार की तरफ से 5500 बसों के लिए 13 हजार मार्शल तैनात करने की योजना है। अक्टूबर 2019 को सरकार ने 6 हजार मार्शल तैनात किए थे। जबकि 3400 मार्शलों की तैनाती इससे पहले की गई थी।
कश्मीरी गेट पर बनाया कमांड सेंटर
डीटीसी/क्लस्टर बसों में लगे सीसीटीवी, जीपीएस और पैनिक बटन की निगरानी के लिए कश्मीरी गेट पर बने कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। पूरी प्रणाली को जल्द ही माननीय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा जनता को समर्पित किया जाएगा। दिल्ली की बसें अब पहले से ज्यादा सुरक्षित होंगी। इस परियोजना का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा, विशेष रूप से महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
पूरी दिल्ली में महिला सुरक्षा के मद्देनजर 2.1 लाख स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य जारी
सीएम अरविंद केजरीवाल की नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार हमेशा से ही महिला सशक्तिकरण की हिमायती रही है। दिल्ली सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर कई अहम कदम भी उठाए हैं। महिला सुरक्षा को और मजबूती देने के लिए दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री स्ट्रीट लाइट योजना शुरू की है। योजना के तहत पूरी दिल्ली में 2.10 लाख स्ट्रीट लाइटें लगेंगी। इन्हें लगाने की जिम्मेदारी डिस्कॉम को दी गई है। दुनिया में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर लाइट्स लगाई जा रही हैं। इस योजना पर 100 करोड़ का खर्च आएगा। सरकार का कहना है कि महिला सुरक्षा को सुनिश्चित के लिए जरूरत पड़ने पर और भी स्ट्रीट लाइट्स लगाई जाएंगी। ये लाइट्स ऑटोमेटिक होंगी। इनमें लगे सेंसर से लाइट्स अंधेरा होने पर खुद जल जाएंगी और सूरज निकलने के बाद बंद हो जाएंगी।
ऐसे लगवाएं स्ट्रीट लाइट
अगर कोई अपने घर के बाहर स्ट्रीट लाइट लगवाने के लिए इच्छुक है, तो वो भी लगवा सकता है। लाइट जलाने में होने वाली बिजली का खर्च दिल्ली सरकार देगी। लाइट लगवाने की इजाजत देने का अधिकार विधायक को होगा। डार्क स्पॉट की पहचान के बाद बिल्डिंग के मालिक से मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद बिजली कंपनी का सर्वे होगा। जिसके बाद स्ट्रीट लाइट लगा दी जाएगी।
सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री केजरीवाल गंभीर
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बेहद गंभीर हैं। सीएम अरविंद केजरीवाल ने सख्त निर्देश दिए हैं कि महिलाओं के साथ गलत व्यवहार करने वाले असामाजिक तत्वों को रोकने के लिए किसी भी प्रकार का कदम उठाने के लिए स्वतंत्र हैं। महिला और बेटियों को यात्रा करते समय अहसास होना चाहिए कि उनके परिचित-भाई बस में सवार हैं। उनके साथ कोई भी अभद्रता नहीं कर सकता है।












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