दिल्ली में अगस्त 2020 के बाद हर महीने मौसम ने बनाए नए रिकॉर्ड, सामने आया चौंकाने वाला डाटा

नई दिल्ली, मई 29: दुनिया में महामारी के बाद जो दूसरा बड़ा संकट हैं ग्लोबल वार्मिग और जलवायु परिवर्तन। जलवायु परिवर्तन के चलते दुनिया के किसी ना किसी कोने में बाढ़, चक्रवात और सूखा जैसी घटनाओं सामने आ रही है। भारत भी इस संकट के अछूता नहीं है। दिल्ली का मौसम बीते साल के अगस्त महीने से हर महीने कोई रिकॉर्ड तोड़ रहा है। मौसम विभाग का डेटा दिखाता है कि अगस्त 2020 से दिल्ली कम-से-कम हर महीने एक मौसम का रिकॉर्ड तोड़ती आ रही है।

अगस्त में दो दिन में हुई 50 फीसदी बारिश

अगस्त में दो दिन में हुई 50 फीसदी बारिश

मौसम अधिकारियों और वैज्ञानिकों ने कहा कि मौसम के यह नए-नए रिकॉर्ड बनना राजधानी में अस्थायी वायुमंडलीय घटनाओं का परिणाम है, मौसम के पैटर्न के बदलाव के पीछे जलवायु संकट की भूमिका साफ नजर आती है। अगस्त 2020 में दिल्ली में 236.5 मिमी बारिश दर्ज की गई जो 2013 के बाद से सबसे अधिक थी। मौसम अधिकारियों ने यह भी देखा कि कुल बारिश की केवल 50 प्रतिशत बारिश दो दिनों में ही देखी गई, 12 अगस्त को 68.2 मिमी और 20 अगस्त को 54.8मिमी बारिश हुई।

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    सितंबर में दिल्ली ने लगभग दो दशकों में अपना सबसे गर्म महीना रिकॉर्ड किया

    सितंबर में दिल्ली ने लगभग दो दशकों में अपना सबसे गर्म महीना रिकॉर्ड किया

    सितंबर में दिल्ली ने लगभग दो दशकों में अपना सबसे गर्म महीना रिकॉर्ड किया था। इतनी जितनी कि करीब दो दशक में नहीं पड़ी थी। उस महीने दिल्ली का औसत अधितकम तापमान 36.2 डिग्री से. रहा। इस तापमान ने 2015 का रिकॉर्ड तोड़ा। साल 2015 में सितंबर में अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस रहा। वैसे साल 2001 में सितंबर में सबसे ज्यादा तापमान दर्ज (36.3 ) किया गया था। जबकि अक्टूबर और नवंबर में स्थिति इसके उलट थी। ये दोनों महीने ज्यादा ठंडे थे।

    अक्टूबर में, दिल्ली ने सर्दी का 58 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया

    अक्टूबर में, दिल्ली ने सर्दी का 58 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया

    अक्टूबर में, दिल्ली ने 58 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, जब न्यूनतम तापमान केवल 17.2 डिग्री सेल्सियस देखा गया। नवंबर ने इससे भी पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया,जब महीने का औसत न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, ऐसा पिछली बार 1949 में देखा गया था। जब नवंबर का औसत न्यूनतम तापमान 1938 में 9.6 डिग्री सेल्सियस था। सामान्य से अधिक ठंड वाला यह मौसम दिसंबर और जनवरी में भी बरकरार रहा।

    दिसंबर में आठ तथाकथित शीत लहर के दिन देखे गए

    दिसंबर में आठ तथाकथित शीत लहर के दिन देखे गए

    दिसंबर में आठ तथाकथित शीत लहर के दिन देखे गए, जो 1965 के बाद से सबसे अधिक है। जनवरी में 2008 के बाद से सबसे अधिक शीत लहर के दिन दर्ज किए गए (सात दिन) और जनवरी ने 21 सालाों का रिकॉर्ड तोड़ते हुए (56.6 मिमी) सबसे ज्यादा बारिश देखी। फरवरी में मौसम की स्थिति फिर से बदल गई। इस बार की फरवरी 120 वर्षों में दूसरा सबसे गर्म था। इसमें औसत अधिकतम तापमान 27.9 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि 2006 में 29.7 डिग्री सेल्सियस रहा था।

    मार्च में 76 वर्षों में सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया

    मार्च में 76 वर्षों में सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया

    मार्च में 76 वर्षों में सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया और 29 मार्च को पारा 40.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। फरवरी और मार्च की प्रचंड गर्मी के बाद अप्रैल में मौसम ने फिर से करवट ली और एक दशक का न्यूनतम तापमान 4 अप्रैल को 11.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मई ने कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़े. 19-20 मई को चक्रवाती तूफान तौकते के प्रभाव से दिल्ली ने 119.3 मिमी वर्षा के साथ मई में अब तक की एक दिन की सबसे अधिक बारिश का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मई महीने में कुल बारिश का आंकड़ा 144.8 मिमी हो गया जो 2008 के बाद से मई में दूसरी सबसे ज्यादा बारिश का आंकड़ा है।

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