Delhi SUV Hit and Run Case में आरोपी के पिता का कबूलनामा, साहिल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पढ़ कांप उठेंगे आप

Delhi SUV Hit and Run Case: सेक्टर-11 में 3 फरवरी को हुई एक भीषण टक्कर ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। 23 वर्षीय साहिल धनेश्वरा की मौत के मामले में अब आरोपी नाबालिग के पिता का बयान सामने आया है।

इस मामले में पुलिस ने न केवल 17 वर्षीय आरोपी को हिरासत में लिया है, बल्कि उसके पिता के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जानिए नाबालिग आरोपी के पिता ने इस पूरी घटना पर क्या कहा, साहिल के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या-क्या खुलासे हुए...

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Dwarka Sector 11 Sahil Dhaneshra Death पर आरोपी के पिता का कबूलनामा

आरोपी अक्षत सिंह (17 वर्ष) के पिता, जो एक कमर्शियल ट्रांसपोर्ट बिजनेस चलाते हैं, ने मंगलवार को पुलिस पूछताछ के बाद बयान जारी किया। उन्होंने कहा हादसे के वक्त मैं शहर में नहीं था। मेरी पत्नी ने मुझे इस घटना के बारे में बताया। मुझे नहीं पता था कि मेरा बेटा गाड़ी चला रहा है।

वह अपनी बहन को कहीं छोड़ने जा रहा था। हम पूरी तरह से गमगीन हैं। मैं उस परिवार का दर्द समझ सकता हूं जिसने अपना बच्चा खोया है। हम कानून का पूरा सहयोग करेंगे। रील बनाने के आरोपों पर सफाई पर भी अपनी बात रखी है। सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों पर कि उनकी बेटी वीडियो बना रही थी, उन्होंने कहा कि वह कोई रील नहीं बल्कि एक छोटा वीडियो था और उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी।

Sahil Dhaneshra के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा- कितनी भीषण थी टक्कर ?

साहिल धनेश्वरा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हादसे की भयावहता को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि साहिल की खोपड़ी (Skull) में फ्रैक्चर हो गया था। उसकी पसलियां कई जगहों से टूट गई थीं और कोहनी भी पूरी तरह चकनाचूर हो गई थी। साहिल की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक की मां ने आरोप लगाया कि उनका बेटा 10 मिनट तक सड़क पर पड़ा रहा और मदद देर से पहुंची। 23 वर्षीय साहिल एक इंश्योरेंस फर्म में पार्ट-टाइम काम करता था। उसकी मां ने बताया कि साहिल इसी साल हाईयर एजेकेशन के लिए UK जाने की तैयारी कर रहा था। ऑफिस जाने के लिए निकले साहिल की जिंदगी एक लापरवाह किशोर की वजह से खत्म हो गई।

पिता पर भी गिरेगी गाज, क्या है धारा 199A जिसके तहत दिल्ली पुलिस करेगी कार्रवाई

द्वारका के डीसीपी अंकित सिंह के मुताबिक, पुलिस ने आरोपी के पिता के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A के तहत मामला दर्ज किया है। इस कानून के तहत यदि कोई नाबालिग ट्रैफिक अपराध करता है, तो वाहन का मालिक या अभिभावक भी जिम्मेदार माना जाता है और उन्हें जेल व भारी जुर्माने की सजा हो सकती है।

पुलिस ने बताया कि शुरुआत में नाबालिग ने अपनी उम्र को लेकर झूठ बोला था। 17 वर्षीय आरोपी को पहले ऑब्जर्वेशन होम भेजा गया था, लेकिन 10वीं की बोर्ड परीक्षा को देखते हुए 10 फरवरी को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) ने उसे अंतरिम जमानत दे दी है। इस फैसले से पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश है।

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