दिल्ली की सड़कों की किस्मत बदलने वाला फैसला! CM रेखा गुप्ता ने पास किए 802 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट
Delhi road Rekha Gupta: दिल्लीवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राजधानी की जर्जर सड़कों को लेकर लंबे समय से चली आ रही शिकायतों पर अब ठोस कार्रवाई होने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली की सड़कों के बड़े स्तर पर कायाकल्प के लिए 802 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के तहत राजधानी की करीब 400 किलोमीटर लंबी सड़कों को नए सिरे से मजबूत, समतल और टिकाऊ बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ किया है कि यह परियोजना केंद्र सरकार के मजबूत सहयोग से लागू की जा रही है। कुल लागत 802.18 करोड़ रुपये है, जिसमें से 643.36 करोड़ रुपये केंद्र सरकार के सेंट्रल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से मिलेंगे। शेष 158.82 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार वहन करेगी। सरकार का मानना है कि केंद्र और राज्य के बीच तालमेल से दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार मिल रही है।

'वॉल-टू-वॉल कारपेटिंग' क्या है? (Wall-to-Wall Carpeting Model)
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत है 'वॉल-टू-वॉल कारपेटिंग' मॉडल। आमतौर पर सड़कों पर सिर्फ बीच के हिस्से या गड्ढों की पैचवर्क मरम्मत होती है, जो कुछ ही समय में फिर खराब हो जाती है। लेकिन इस नई तकनीक में सड़क को एक छोर से दूसरे छोर तक पूरी चौड़ाई में एक समान गुणवत्ता के साथ तैयार किया जाएगा। इससे सड़क की उम्र बढ़ेगी और बार-बार मरम्मत की जरूरत नहीं पड़ेगी।
धूल और प्रदूषण से भी मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री के अनुसार खराब सड़कें सिर्फ ट्रैफिक की समस्या नहीं बनतीं, बल्कि प्रदूषण भी बढ़ाती हैं। टूटी सड़कों से उड़ने वाली धूल और मिट्टी हवा में मिलकर प्रदूषण को गंभीर बनाती है। नई समतल और सील की गई सड़कों से धूल कम उड़ेगी, जिससे पीएम लेवल घटेगा और आसपास के इलाकों की हवा ज्यादा साफ होगी।
45 विधानसभा क्षेत्रों में होगा काम
यह मेगा प्रोजेक्ट दिल्ली के 45 विधानसभा क्षेत्रों में लागू होगा। करीब 241 प्रमुख सड़कों को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड किया जाएगा, ताकि ट्रैफिक और आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। लोक निर्माण विभाग यानी PWD इस पूरे काम को अंजाम देगा। सरकार का लक्ष्य है कि साल के अंत तक अधिकांश काम पूरा कर लिया जाए।
कौन-कौन सी सड़कें होंगी नई? (Major Roads to be Upgraded)
इस योजना में अगस्त क्रांति मार्ग, आउटर रिंग रोड, राव तुला राम मार्ग, कपूरथला-बिजवासन रोड, नजफगढ़-झरोदा रोड, ग्रेटर कैलाश का लाला लाजपत राय मार्ग, रोहिणी का डॉ. के.एन. कात्जू मार्ग, चांदनी चौक का शमनाथ मार्ग, करोल बाग की डीबी गुप्ता रोड, प्रीत विहार और पटपड़गंज रोड जैसी कई अहम सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा कई फ्लाईओवर और संपर्क मार्ग भी नए सिरे से तैयार किए जाएंगे।
सिर्फ मरम्मत नहीं, स्थायी समाधान (Long-Term Road Solution)
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का मकसद केवल गड्ढे भरना नहीं, बल्कि स्थायी समाधान देना है। हर सड़क की बेस लेयर की तकनीकी जांच होगी, ड्रेनेज सिस्टम सुधारा जाएगा और मानसून में जलभराव की समस्या को भी ध्यान में रखा जाएगा। पिछले साल भी इसी तकनीक से करीब 150 किलोमीटर सड़कें बनाई गई थीं, जिनका अनुभव सकारात्मक रहा।
दिल्ली सरकार का यह फैसला राजधानी को ज्यादा सुरक्षित, व्यवस्थित और भविष्य के लिए तैयार बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। मजबूत सड़कें न सिर्फ ट्रैफिक को आसान बनाएंगी, बल्कि हादसों में कमी, समय की बचत और प्रदूषण नियंत्रण में भी अहम भूमिका निभाएंगी। अगर यह योजना तय समय पर पूरी होती है, तो दिल्ली की सड़कों की तस्वीर सचमुच बदल सकती है।












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