Veerta Puraskar: आतंकियों से लोहा लेने वाले Delhi Police के वो 33 शेर कौन हैं? जिन्हें मिल रहा वीरता पुरस्कार
Delhi Police Veerta Puraskar 2026: गणतंत्र दिवस 2026 दिल्ली पुलिस के लिए बेहद खास बन गया है। देश की राजधानी की सुरक्षा में दिन-रात तैनात रहने वाले 33 पुलिस अधिकारी और जवान इस बार उनकी बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किए गए हैं।
इनमें वीरता पदक, राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक और सराहनीय सेवा पदक शामिल हैं। ये सिर्फ मेडल नहीं, बल्कि उन जांबाज अफसरों की मेहनत, जोखिम और बलिदान की पहचान हैं, जिन्होंने देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपनी जान तक की परवाह नहीं की।

🟡 हिजबुल आतंकी को दबोचने वाला ऑपरेशन और वीरता पदक (Delhi Police Bravery Award)
इस बार वीरता पुरस्कार पाने वालों में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के अधिकारी खास तौर पर चर्चा में हैं। स्पेशल सेल के एडिशनल सीपी प्रमोद सिंह कुशवाह, एसआई राजीव कुमार और एसआई शिबू आर.एस. को वीरता पदक से सम्मानित किया गया है।
इन अधिकारियों ने जनवरी 2024 में एक बेहद खतरनाक ऑपरेशन को अंजाम दिया था।
तीनों की टीम ने हिजबुल मुजाहिदीन के A++ कैटेगरी के आतंकी जावेद अहमद मट्टू को गिरफ्तार किया था, जिस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था। यह ऑपरेशन न सिर्फ खुफिया रणनीति का बेहतरीन उदाहरण था, बल्कि यह भी दिखाता है कि दिल्ली पुलिस आतंकवाद के खिलाफ कितनी सतर्क और मजबूत है।
🟡14 अधिकारियों को मिला वीरता पुरस्कार (Veerta Puraskar Winners)
वीरता पदक से सम्मानित होने वालों की सूची में कई ऐसे नाम हैं, जिनकी बहादुरी ने मुश्किल हालात में पुलिस की जीत तय की। इनमें इंस्पेक्टर अमित नारा, एसआई ब्रजपाल सिंह कुशवाह, एसआई सतीश कुमार, एसआई उधम सिंह, इंस्पेक्टर निशांत दहिया, इंस्पेक्टर मंजीत जागलान और एसआई अमित भाटी शामिल हैं।
इसके अलावा इंस्पेक्टर मनोज कुमार, एसआई अंशू चौधरी, हेड कॉन्स्टेबल अलीम अहमद और इंस्पेक्टर किशन कुमार जैसे अधिकारी भी वीरता पुरस्कार पाने वालों में हैं। इन सभी ने अलग-अलग ऑपरेशनों में साहस, सूझबूझ और नेतृत्व का शानदार प्रदर्शन किया।
🟡2 अधिकारियों को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक (President's Distinguished Service Medal)
दिल्ली पुलिस के दो वरिष्ठ अधिकारियों को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। इनमें रिटायर्ड एसआई ज्ञानेंद्र सिंह राणा और महिला एसआई नवल कुमारी शामिल हैं।
एसआई राणा ने 1986 में दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के रूप में करियर शुरू किया था। फिंगर प्रिंट ब्यूरो की क्राइम टीम में रहते हुए उन्होंने 1989 के चर्चित एयर-होस्टेस मर्डर केस को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।
वहीं, महिला एसआई नवल कुमारी 1988 में दिल्ली पुलिस में शामिल हुई थीं। उन्होंने CAW सेल में महिलाओं के लिए सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग दी और CBI में डेपुटेशन के दौरान कई रेड और जांच अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई।
🟡 17 अधिकारियों को मिला सराहनीय सेवा पदक (Meritorious Service Medal)
सराहनीय सेवा पदक पाने वालों में संयुक्त सीपी आईपीएस मिलिंद महादेव डुंबरे, एसीपी कृष्ण कुमार, एसीपी विमल चड्ढा और एसीपी निशा दीक्षित जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
इसके अलावा इंस्पेक्टर रामपाल बिधूड़ी, इंस्पेक्टर सुरेश कुमार, इंस्पेक्टर लाखन लाल मीणा, इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह, महिला एसआई खिलोनी देवी, एसआई विक्रम सिंह, महिला एसआई काला जोशी, एसआई राकेश कुमार वर्मा, एसआई कृष्ण कुमार जी, एएसआई राजबीर सिंह, एएसआई राजेश कुमार यादव, एएसआई चंद्रजीत यादव और एसएसआई सतीश कुमार यादव को भी यह सम्मान दिया गया।
🟡 क्यों खास है यह सम्मान?
गणतंत्र दिवस पर मिलने वाले ये पुरस्कार दिल्ली पुलिस के लिए सिर्फ औपचारिक सम्मान नहीं हैं। ये उन अनगिनत रातों, जोखिम भरे ऑपरेशनों और दबाव भरे फैसलों की कहानी कहते हैं, जो आम लोगों की सुरक्षा के लिए लिए जाते हैं।
इन 33 अधिकारियों और जवानों की बहादुरी पर सिर्फ दिल्ली नहीं, पूरा देश गर्व करता है। यही वजह है कि इन नामों को जानना और उनकी कहानियां सुनना हर नागरिक के लिए प्रेरणा बन जाता है।












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