सब-इंस्पेक्टरों पर हमले को लेकर बोले राकेश टिकैत- वे सिविल वर्दी में आए होंगे, मीडिया वाला समझा होगा
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सीमाई इलाकों में महीनों से धरना दे रहे किसान संगठनों के प्रदर्शनकारियों का कई बार पुलिस से टकराव हो चुका है। बीते 10 जून को सिंघु बॉर्डर धरना-स्थल पर फिर कुछ प्रदर्शनकारियों का पुलिस से सामना हुआ। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने नरेला थाने में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस की ओर से कहा गया है कि, धरना-स्थल की तस्वीरें क्लिक करने के बाद प्रदर्शन कर रहे किसानों के एक समूह ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच के 2 सहायक उप-निरीक्षकों पर हमला किया था। बाद में पुलिस ने उन लोगों को भगाया।

Recommended Video
राकेश टिकैत ने कहा- पुलिस प्रशासन लोगों को भड़का रहे
इस मामले पर राकेश टिकैत का बयान आया है। टिकैत ने आज कहा, "पुलिस और सरकार किसानों को भड़काना चाहते हैं। यदि वे (पुलिस) धरना स्थल का कई दिनों से दौरा कर रहे हैं, तो संपर्क स्थापित किया जाना चाहिए था। अब वे एफआईआर दर्ज कर सकते हैं, लेकिन उसमें लिखने के लिए भी तो कुछ होना चाहिए। हम हिंसा में शामिल नहीं हैं।"

"किसानों ने मीडिया वाला समझ लिया होगा"
सहायक उप-निरीक्षकों पर कथित हमले के बारे में टिकैत ने कहा कि, वे (पुलिस) सिविल वर्दी में रहे होंगे और गलती से किसानों ने उन्हें चैनल के लोग (मीडिया) समझ लिया होगा, जो आंदोलन को गलत तरीके से प्रस्तुत करते हैं।
हरियाणा में भी होती रही हैं पुलिस से झड़प
किसान संगठनों से जुड़े लोगों की हरियाणा पुलिस से भी झड़प होती रही हैं। बीते महीने में हिसार, टोहाना और सोनीपत में कई दफा पुलिस-प्रदर्शनकारी भिड़े। इस दौरान सैकड़ों प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। पुलिस ने बाद में प्रदर्शनकारियों को पकड़-पकड़कर जेल भेजा। किसान संगठनों के विरोध-प्रदर्शन होने पर उन्हें रिहा किया गया।

ऐसा ही एक मामला टोहाना के जजपा विधायक बबली से विवाद के बाद भी सामने आया था। जिसमें गिरफ्तार 2 किसान प्रदर्शनकारियों को हफ्तेभर बाद रिहा किया गया था। विधायक ने प्रदर्शनकारियों पर हमले का आरोप लगाया था।













Click it and Unblock the Notifications