2012 में रेप के बाद हत्या के आरोपियों की रिहाई के खिलाफ SC पहुंची दिल्ली पुलिस
2012 में युवती के साथ रेप के बाद हत्या मामले में तीन दोषियों की रिहाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2012 में छावला गैंगरेप बाद हुई हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके तीन आरोपियों के रिहा होने को चुनौती दी है। दरअसल दिल्ली कोर्ट ने तीन आरोपियों को इस मामले में फासी की सजा सुनाई था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने तीनों को बरी कर दिया था। लेकिन अब दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की है। दरअसल तीनों ही आरोपियों को दिल्ली कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी, लेकिन बाद में तीनों ही आरोपियों को रिहा कर दिया था। बता दें कि वर्ष 2012 में चावला इलाके में 19 साल की लड़की के साथ रेप के बाद हत्या कर दी गई थी।
छावला गैंगरेप केस में पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए दिल्ली पुलिस ने अब सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। दरअसल निचली कोर्ट ने तीनों ही आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई थी, लेकिन 7 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था। पहले पीड़िता के परिवार वालों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी और अब दिल्ली पुलिस ने भी इसको लेकर पुनर्विचार याचिका दायर की है। पीड़िता के माता-पिता का कहना है कि निर्भया के पीड़ितों को तो फांसी दे दी गई, लेकिन मेरी बेटी के दोषियों को बरी कर दिया गया।
बता दें कि उत्तराखंड की रहने वाली पीड़िता के साथ गैंगरेप हुआ था, उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। पीड़िता दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के छावला के कुतुब विहार के पास रहती थी। हत्या के तीन दिन बाद युवती का शव बरामद किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक युवती के साथ गैंगरेप किया गया, उसे काफी यातनाएं दी गई, उसके शरीर को सिगरेट से दागा गया, यहां तक कि उसके ऊपर मिट्टी के बर्तन फोड़े गए। उसके स्तन को गर्म लोहे से दागा गया। निजी अंगों में औजार और शराब की बोतल डाल दी गई। यही नहीं आरोपियों ने युवती के चेहरे पर तेजाब डाल दिया था।












Click it and Unblock the Notifications