Delhi New CM: BJP पर इस 'करिश्माई' नेता को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाने का दबाव! क्या PM मोदी सुनेंगे गुहार?
Delhi New CM News: दिल्ली में नई सरकार के गठन की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। भव्य शपथग्रहण समारोह के लिए स्थान फाइनल हो रहे हैं। जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम, रामलीला ग्राउंड से लेकर यमुना रिवर फ्रंट तक पर मंथन हो रहा है। इसके साथ ही नए मुख्यमंत्री को लेकर पार्टी के अंदर और बाहर तरह-तरह की अटकलबाजियां भी चल ही रही हैं।
बीजेपी के अंदर किन नेताओं के नाम रेस में सबसे आगे हैं, उस पर वनइंडिया ने कई रिपोर्ट दी हैं। लेकिन, आम धारणा को लेकर भी चर्चा करना जरूरी है। इसमें एक नाम शुरू से सबसे टॉप पर चल रहा है। यह नाम है नई दिल्ली सीट पर आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पटखनी देने वाले पूर्व भाजपा सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा का।

Delhi New CM: प्रवेश वर्मा के मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर शुरू से बनी हुई है धारणा
राजधानी दिल्ली या यूं कह लीजिए कि दिल्ली से बाहर भी एक यह आम धारणा देखी जा रही है कि बीजेपी आखिरकार प्रवेश वर्मा को ही मुख्यमंत्री बनाएगी। इसके पीछे तमाम तरह की दलीलें दी जा रही हैं। जैसे दिल्ली-एनसीआर में ढाई दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे एक वरिष्ठ पत्रकार रंजन कुमार का मानना है, "प्रवेश साहिब सिंह वर्मा होंगे...क्योंकि करिश्माई नेता चाहिए दिल्ली में,दिल्ली में आगे भी बीजेपी को चुनाव लड़ना है। केजरीवाल से तुलना होगी।"
इनके मुताबिक, दिल्ली के जो भी अगले मुख्यमंत्री होंगे, उनकी तुलना केजरीवाल से की जाएगी। ऐसे में बीजेपी को एक ऐसे मुखर नेता की आवश्यकता है, जो केजरीवाल की सियासत को उन्हीं की भाषा में जवाब देने लायक हो। कुल ऐसे भी लोग मिले, जो चाहते हैं कि दिल्ली में बीजेपी को एक ऐसा नेतृत्व चाहिए जो योगी की तरह लोकप्रिय भी हो और विरोधियों को उसी की जुबान में सबक सिखाना भी जानता हो।
Delhi New Chief Minister: केजरीवाल को नई दिल्ली में हराना सबसे बड़ी वजह
प्रवेश वर्मा ने नई दिल्ली सीट पर केजरीवाल को भले ही 4,089 वोटों से ही मात दी हो, लेकिन इससे बीजेपी पूरे देश में भाजपा-विरोधी राजनीति को बहुत बड़ा संदेश देने में सफल रही है। केजरीवाल न सिर्फ विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के लिए तृणमूल सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरह एक अंतिम आस बने हुए थे, बल्कि वह राजनीतिक परिस्थितियों के मुताबिक एकसाथ गैर-भाजपा और गैर-कांग्रेसी सियासत करने के चतुर खिलाड़ी भी बने हुए थे।
Delhi New CM: दिल्ली में बीजेपी को मिला जबरदस्त जाट सपोर्ट भी बड़ी वजह
यही नहीं, प्रवेश वर्मा बीजेपी के उस दिवंगत जाट नेता साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं, जिनकी जगह पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को सीएम बनाया तो फिर 27 वर्षों तक पार्टी को सत्ता से दूर होना पड़ गया। पिछले साल नवंबर में हरियाणा विधानसभा चुनावों में जाट समाज भले ही बीजेपी का मुखर विरोध कर रहा हो, लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव में सभी 10 जाट-बहुल सीटों पर बीजेपी की जीत इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि इस समाज ने अबकी बार बीजेपी को जीत की गारंटी देने में पूरा दम दिखाया है।
Delhi New CM Candidate: दिल्ली की राजनीति में अब खुद एक बड़ा चेहरा बन चुके हैं प्रवेश वर्मा
इस बात में कोई दो राय नहीं कि प्रवेश वर्मा का दिल्ली की राजनीति में अपना एक बहुत बड़ा जनाधार है और उनके साथ उनके पिता की सियासी विरासत अभी भी मजबूत है। उन्होंने लगातार 16वीं और 17वीं लोकसभा में भाजपा के टिकट पर धमाकेदार जीत दर्ज की थी और मेहरौली विधानसभा का भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
Delhi New CM: दिल्ली के मुख्यमंत्री को लेकर पीएम मोदी के मन में कौन है?
लेकिन, क्या बीजेपी दिल्ली में मुख्यमंत्री पर आखिरी फैसला लेते वक्त सिर्फ इन्हीं समीकरणों पर मुहर लगाएगी या फिर देश की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते पूरे भारत में संदेश देने लायक समीकरण को भी महत्त्व देगी, यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूख पर निर्भर है। क्योंकि, दिल्ली चुनाव को यूं भी बीजेपी ने मोदी के करिश्माई नेतृत्व की बदलौत ही जीता है और उन्हीं की 'गारंटियों' ने 'केजरीवाल' की रेवड़ियों की हवा खराब की है।












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