Delhi AQI Today: दिल्ली की हवा में सुधार, GRAP-3 की पाबंदियां हटीं, अब चल सकेंगी पुरानी गाड़ियां?
Delhi AQI Today: साल 2026 की शुरुआत दिल्लीवासियों के लिए मिली-जुली राहत लेकर आई है। 3 जनवरी की सुबह राजधानी की फिजाओं में ठंड और नमी के साथ प्रदूषण के स्तर में मामूली सुधार देखा गया। हालांकि, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अभी भी 'बहुत खराब' श्रेणी में बना हुआ है, लेकिन पिछले दिनों के मुकाबले इसमें गिरावट दर्ज की गई है।
गुरुवार को हुई हल्की बारिश और उसके बाद चली तेज हवाओं ने आसमान में जमी स्मॉग की चादर को काफी हद तक साफ कर दिया है। इसी सुधार को देखते हुए प्रशासन ने निर्माण कार्यों और पुराने वाहनों पर लगी GRAP-III की कड़ी पाबंदियां हटा ली हैं, जिससे विकास कार्यों को फिर से गति मिल सकेगी। हालांकि, एहतियात के तौर पर GRAP-I और II के नियम अब भी प्रभावी रहेंगे।

Delhi AQI कैसा है आज का हाल, देखें आंकड़े
शनिवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 301 दर्ज किया गया। आंकड़ों पर गौर करें तो प्रदूषण की स्थिति इस प्रकार रही:
- PM 2.5 का स्तर: 130 (सेहत के लिए चिंताजनक)
- PM 10 का स्तर: 181
- न्यूनतम तापमान: 13.1 डिग्री सेल्सियस
हवा में सुधार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नए साल के पहले दिन AQI 380 के पार था, जो शुक्रवार शाम तक गिरकर 230 के करीब पहुंच गया।
GRAP-III हटा, लेकिन इन नियमों का करना होगा पालन
वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद अब गैर-जरूरी निर्माण कार्यों पर से रोक हट गई है। लेकिन GRAP-I और II लागू रहने के कारण कुछ पाबंदियां जारी रहेंगी:
- सड़कों की सफाई: धूल नियंत्रण के लिए रोजाना सड़कों की सफाई और पानी का छिड़काव किया जाएगा।
- ईंधन पर रोक: खुले में कोयला या लकड़ी जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
- डीजल जनरेटर: इनका इस्तेमाल केवल आपातकालीन या सीमित सेवाओं के लिए ही किया जा सकेगा।
- औद्योगिक निगरानी: फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं पर सख्त नजर रखी जाएगी।
दिल्ली की हवा में आया बड़ा बदलाव
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री के अनुसार, बीता साल 2025 प्रदूषण के लिहाज से पिछले 8 वर्षों में सबसे बेहतर रहा। आंकड़ों के मुताबिक:
- वर्ष 2025 में करीब 200 दिन ऐसे रहे जब AQI 200 से नीचे दर्ज किया गया।
- गंभीर प्रदूषण वाले दिनों की संख्या घटकर मात्र 8 रह गई।
- जनवरी से नवंबर के बीच औसत AQI 187 रहा, जो सकारात्मक संकेत है।
2026 की रणनीति, तकनीकी और जन-भागीदारी पर जोर
सरकार ने 2026 के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नई तकनीक, जैसे स्मॉग टावर्स का बेहतर उपयोग और सेंसर आधारित निगरानी पर जोर दिया जाएगा। साथ ही, GRAP के नियमों को और अधिक सख्ती से लागू किया जाएगा ताकि दिल्ली की हवा को 'अच्छी' श्रेणी में लाया जा सके।












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