'मेरी बच्ची चोरी हो गई',कलयुगी पिता ने रची अपहरण की कहानी, बेटे की चाहत में खुद ले ली 10 महीने की बेटी की जान
Delhi Man Killed Girl Child: 21वीं सदी का भारत खुद को बदलते दौर का चेहरा बताता है। बेटियां फाइटर प्लेन उड़ा रही हैं, बड़े-बड़े पदों पर पहुंच रही हैं और हर क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं। सरकार से लेकर समाज तक हर जगह 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' की बातें होती हैं। लेकिन इन नारों और दावों के पीछे आज भी समाज का एक डरावना सच जिंदा है। आज भी कई घरों में बेटी के जन्म पर खुशियां नहीं मनाई जातीं, बल्कि उसे बोझ समझा जाता है। कई परिवारों में बेटे की चाह इतनी गहरी होती है कि मासूम बच्चियों की जिंदगी तक दांव पर लग जाती है।
ऐसा ही कुछ हुआ है देश की राजधानी दिल्ली में। दिल्ली के मुकुंदपुर में एक पिता पर अपनी ही 10 महीने की मासूम बेटी की हत्या करने का आरोप लगा है। वजह सिर्फ इतनी बताई जा रही है कि बच्ची परिवार की दूसरी बेटी थी। जिस बच्ची ने अभी ठीक से बोलना भी शुरू नहीं किया था, जिसकी दुनिया सिर्फ मां की गोद और घर की चारपाई तक सीमित थी, उसे उसके अपने पिता ने मौत के हवाले कर दिया।

दूसरी बेटी होने से नाराज था पिता
दिल्ली के मुकुंदपुर इलाके में रहने वाले दीपक नाम के व्यक्ति पर अपनी 10 महीने की बेटी निशिका की हत्या का आरोप लगा है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी दूसरी बेटी के जन्म से खुश नहीं था। परिवार में बेटे को लेकर अक्सर तनाव रहता था और इसी वजह से घर में झगड़े भी होते थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने रविवार सुबह सो रही बच्ची को उठाया और घर के सेप्टिक टैंक में फेंक दिया।
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पिता ने बनाई नवजात के अपहरण की झूठी कहानी
घटना के बाद आरोपी ने खुद को बचाने के लिए बच्ची के गायब होने की कहानी गढ़ दी। उसने पुलिस को बताया कि सुबह करीब पांच बजे वह घर का गेट खुला छोड़कर पास की दुकान पर गया था। वापस लौटने पर उसने बच्ची को गायब पाया। उसने दावा किया कि किसी ने बच्ची का अपहरण कर लिया है।
आरोपी ने पत्नी और परिवार के सामने भी यही कहानी दोहराई। पुलिस और आसपास के लोगों के साथ वह खुद भी बच्ची की तलाश करने का दिखावा करता रहा और रोता-पिटता रहा ताकि किसी को उस पर शक न हो।
जांच के दौरान बढ़ा पिता के ऊपर शक
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आसपास के लोगों से पूछताछ की। घर और गली के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई, लेकिन बच्ची को बाहर ले जाते हुए कोई नजर नहीं आया। जांच के दौरान बच्ची की दूध की बोतल का निपल घर के बाहर मिला, जिससे पुलिस को मामला संदिग्ध लगा।
बच्ची की मां सोनिया ने पुलिस को बताया कि वह अपनी दोनों बेटियों के साथ चारपाई पर सो रही थीं। बड़ी बेटी की तबीयत खराब थी, इसलिए वह उसी तरफ करवट लेकर सो गई थीं। जब आंख खुली तो छोटी बेटी गायब थी।
सख्ती से पूछताछ में पिता ने कबूला जुर्म
पुलिस को आरोपी के बयान और उसके व्यवहार पर लगातार शक हो रहा था। इसके बाद पुलिस ने उसे अलग ले जाकर सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान वह टूट गया और उसने पूरी वारदात कबूल कर ली। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घर के सेप्टिक टैंक से बच्ची को बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
नवजात की दादी ने बताई घर की सच्चाई
मृतक बच्ची की दादी ने बताया कि घर में लंबे समय से दोनों बेटियों को लेकर विवाद चल रहा था। आरोपी बेटे की चाह रखता था और दूसरी बार भी बेटी होने से नाराज था। परिवार में इस बात को लेकर कई बार झगड़े भी हुए थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि मामला इतना खौफनाक मोड़ ले लेगा।
पांच दिन में दूसरी घटना
दिल्ली में पांच दिन के भीतर यह दूसरी ऐसी घटना है, जहां बेटी होने से नाराज पिता पर बच्ची को मारने का या मारने की कोशिश का आरोप लगा है। इससे पहले 19 मई को बुध विहार इलाके में एक पिता ने अपनी सवा महीने की बच्ची को रिठाला नाले के पास फेंक दिया था। उस मामले में भी आरोपी बेटी के जन्म से खुश नहीं था। हालांकि उस बच्ची को पुलिस ने जिंदा बरामद कर लिया था।
फिलहाल मुकुंदपुर मामले में पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस पूरी घटना में कोई और शामिल था या नहीं।












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