80 वर्षीय डॉग लवर प्रतिमा को हाईकोर्ट से मदद की आस, कार्रवाई पर रोक, MCD पर भड़के स्थानीय लोग
दिल्ली हाईकोर्ट ने MCD से जवाब मांगा है। कड़ाके की सर्दी में 80 साल की महिला की झुग्गी उजाड़ने के मामले में एमसीडी पर 'अमानवीय कार्रवाई' का आरोप है। 250-300 कुत्तों का घर भी छिना है। हाईकोर्ट ने कार्रवाई पर रोक लगा दी है

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की कथित अमानवीय कार्रवाई का संज्ञान लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक MCD ने लगभग 300 बेघर कुत्तों की देखभाल करने वाली बूढ़ी महिला प्रतिमा देवी की झोंपड़ी गिरा दी है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को मामले की सुनवाई पूरी होने तक स्थगन आदेश जारी कर दिया। खबरों के अनुसार 80 साल की प्रतिमा देवी पिछले लगभग 38 साल से दिल्ली के साकेत इलाके में एक जर्जर झोंपड़ी में बेघर कुत्तों की देखभाल कर रही हैं।
झुग्गी उजड़ने के बाद प्रतिमा कुत्तों के साथ सड़क पर रहने के लिए मजबूर हैं। अब जबकि हाईकोर्ट ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई पूरी होने तक स्थगन आदेश यानी कार्रवाई पर रोक लगा दी है, ऐसे में 80 वर्षीय वृद्धा प्रतिमा को इस हाड़ कंपाने वाली ठंड में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
खबरों के मुताबिक उनकी झुग्गी उजाड़े जाने की खबर के बाद लोग मदद के लिए पहुंच रहे हैं। कोई कुत्तों के लिए खाना ला रहा है तो कोई बुजुर्ग महिला के लिए गर्म कपड़े ला रहा है। एमसीडी की कार्रवाई के बाद पशु प्रेमी सूरज भी प्रतिमा देवी के पास मदद करने पहुंचे।
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक सूरज ने बताया, "इस भीषण ठंड में जहां लोगों को घर से निकलना मुश्किल हो रहा है, वहीं महिला इतने आवारा कुत्तों को आश्रय देकर बेजुबान जीवों की मदद कर रही हैं। लोगों को उनकी मदद करनी चाहिए। एमसीडी की कार्रवाई गलत है। कार्रवाई से पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया।"
बकौल सूरज लगभग 300 कुत्तों की देखभाल करना कोई आसान काम नहीं है, लेकिन वह न केवल इतने कुत्तों को शरण दे रही हैं बल्कि उन्हें खाना-पीना भी उपलब्ध करा रही हैं। 80 साल की प्रतिमा डॉग लवर हैं ऐसे में बेघर होने के बावजूद कुत्तों का पूरा ध्यान भी रखती हैं। सूरज ने अपील की है कि लोगों को इनकी मदद के लिए आगे आना चाहिए।
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पीवीआर साकेत के पास पार्किंग में काम करने वाले एक शख्स ने बताया कि वह पिछले कई सालों से देख रहे हैं कि बुजुर्ग महिला प्रतिमा कुत्तों की मदद करती हैं। उन्होंने एएनआई को बताया, "कई बार लोग अपने कुत्तों को छोड़कर चले जाते हैं। अम्मा इन कुत्तों को आश्रय देती हैं और उन्हें खिलाती हैं।"
इस शख्स ने आरोप लगाया कि इससे पहले 2017 में भी एमसीडी ने कुत्तों के लिए प्रतिमा द्वारा बनाए गए अस्थायी आश्रय को तोड़ दिया था।












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