दिल्ली HC ने LG सक्सेना के खिलाफ आपत्तिजनक बयानों को सोशल मीडिया से हटाने के निर्देश दिए
नई दिल्ली, 27 सितंबर। मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। उसने दिल्ली के एलजी विनय कुमार सक्सेना के खिलाफ आपत्तिजनक बयानों और विवादित पोस्ट को तत्काल हटाने के लिए सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी को निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने इस बारे में अंतरिम आदेश पारित कर दिया है। आपको बता दें कि एलजी ने कोर्ट में अर्जी दी थी कि अदालत उनके और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ सोशल मीडिया पर मानहानिकारक बयानबाजी से रोकने के लिए निर्देश पारित करे।
Recommended Video

उन्होंने कहा था कि आप पार्टी के नेतागण उनके और उनके परिवार पर झूठे और गलत आरोप लगा रहे हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से रोकने की जरूरत है। गौरतलब है कि आप पार्टी ने सक्सेना पर आरोप लगाया था कि वो जब खादी और ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष थे तो वहां पर करीब 1,400 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था, जिसमें वो भी शामिल थे। जिसके बाद सक्सेना कोर्ट चले गए थे।
विनय सक्सेना के पक्ष में फैसला
सक्सेना ने ये भी कहा था कि कोर्ट आप नेताओं आतिशी सिंह, सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक, सजय सिंह और जैशमीन शाह को आर्डर दे कि वो उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर किए गए फर्जी वीडियो और आपत्तिजनक पोस्ट को डिलीट भी करे। जिसके बाद आज इस मामले में करीब दो घंटे तक जस्टिस अमित बंसल ने सुनवाई की और उसके बाद उन्होंने विनय सक्सेना के पक्ष में फैसला सुनाया।
बैजल के इस्तीफे के बाद सक्सेना दिल्ली के एलजी बने
मालूम हो कि दिल्ली के पूर्व एलजी अनिल बैजल के इस्तीफे के बाद विनय कुमार सक्सेना दिल्ली के एलजी बने थे। वो इससे पहले खादी और ग्रामोद्योग आयोग के चेयरमैन थे। बेहद ही तेज तर्रार सक्सेना पद्म अवॉर्ड्स के पैनल में भी अहम रोल निभा चुके हैं। वो 'हनी मिशन', 'कुम्हार सशक्तिकरण योजना', 'चमड़े के कारीगरों के सशक्तिकरण' अभियानों के लिए जाने जाते हैं।












Click it and Unblock the Notifications