UNHCR ऑफिस के बाहर अफगान नागरिकों ने डाला डेरा, दिल्ली HC ने पुलिस को दिए ये निर्देश
नई दिल्ली, 3 सितंबर। अफगानिस्तान में तालिबान के खौफ से अपना वतन छोड़कर भारत आने वाले कई विदेशी नागरिकों ने अब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के वसंत विहार स्थित यूनाइटेड नेशंस हाई कमिश्नर फॉर रिफ्यूजी (यूएनएचसीआर) के कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में डेरा डाल लिया है। उनकी मांग है कि उन्हें शरणार्थी का दर्जा दिया जाए और एक उपयुक्त शिविर में बसाया जाए। इस बीच विदेशियों की भारी संख्या को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कोरोना के मद्देनजर पुलिस को उनकी संख्या कम करने के निर्देश दिए है। कोर्ट की इस टिप्पणी पर पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों पर बल का उपयोग करने के अंतरराष्ट्रीय प्रभाव हो सकते हैं।

यूएनएचसीआर कार्यालय के बाहर डेरा डाले हुए अफगानिस्तान के शरणार्थियों और शरण चाहने वालों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वसंत विहार वेलफेयर एसोसिएशन ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिस पर शुक्रवार को न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की एकल पीठ ने सुनवाई की। याचिका में कहा गया है कि 15 अगस्त से विदेशी नागरिक यूएनएचसीआर कार्यालय कार्यालय के बाहर भारी संख्या में जमा है जिससे यहां के निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कई प्रदर्शनकारी गलियों और पार्कों में भी जमा हो गए हैं।
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याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायाधीश रेखा पल्ली ने कहा कि यूएनएचसीआर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों की संख्या कम जी जाए और ये सुनिश्चित किया जाए कि वे कोविड-19 नियमों का कड़ाई से पालन करें। मामले को 7 सितंबर के लिए स्थगित करते हुए, न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने दिल्ली पुलिस और अन्य प्रतिवादियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए और प्रदर्शनकारियों की संख्या कम हो। कोर्ट ने कहा कि अगर सरकार अगली सुनवाई तक कोई समाधान नहीं निकालती है तो उसे उचित निर्देश देने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। अदालत ने यह भी कहा कि किसी के प्रति अनुचित रूप से कठोर होने का कोई सवाल ही नहीं है लेकिन कानून सबके लिए समान है। आंदोलनकारी गलत जगह पर हैं और यह एक निर्दिष्ट विरोध स्थल नहीं है और डीडीएमए दिशानिर्देश का पालन नहीं किया जा रहा है।












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